राहुल गांधी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, कथित दोहरी नागरिकता के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट  ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश, सीबीआई करेगी जांच

Rahul Gandhi's troubles may increase, Allahabad High Court orders registration of FIR in alleged dual citizenship case, CBI to investigate

राहुल गांधी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, कथित दोहरी नागरिकता के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट  ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश, सीबीआई करेगी जांच

नई दिल्ली : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया है. कोर्ट ने ने कहा कि कि राहुल गांधी के खिलाफ रायबरेली में FIR दर्ज की जाए. बता दें कि ये पूरा मामला राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके पास भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता है. इसी विवाद को लेकर अब कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है.
आखिर क्या है राहुल गांधी पर लगा आरोप?
दरअसल, साल 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से जीत हासिल की थी. उनकी जीत के बाद ही विग्नेश शिशिर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. याचिका में कहा गया कि अगर राहुल गांधी के पास ब्रिटेन की नागरिकता है. आरोप के मुताबिक राहुल गांधी भारतीय नागरिक होने के साथ ही ब्रिटिश नागरिक भी हैं. ऐसे में उनका चुनाव लड़ना और सांसद चुना जाना पूरी तरह से गैरकानूनी है. इसी दलील को आधार बनाकर कोर्ट से कार्रवाई की मांग की गई थी. आपको बता दें कि भारत के कानून के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक समय में दो देशों का नागरिक नहीं रह सकता है.
सीबीआई करेगी मामले की जांच 
इस मामले की सुनवाई जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने की. कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद पुलिस को राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया है. बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी कोर्ट ने इसे भी स्वीकार कर लिया है. 
केंद्र सरकार की फाइलों और सबूतों का क्या है कनेक्शन
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने दावा किया है कि इस केस में केंद्र सरकार की भूमिका अहम रही है. उनके मुताबिक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने मामले से जुड़ी कुछ बेहद गोपनीय फाइलें कोर्ट को दिखाने की अनुमति दी थी. उनका कहना है कि इन्हीं फाइलों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला दिया.
अब आगे क्या होगी इस मामले में कानूनी प्रक्रिया
अदालत के आदेश के बाद अब गेंद सीबीआई के पाले में है. एजेंसी अब यह पता लगाएगी कि क्या वाकई राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता है या उन्होंने राहुल विंसी के नाम से कोई दस्तावेज बनवाए थे. सरकारी वकील के अनुसार जांच टीम को दूसरे राज्यों और विदेशों से भी सबूत जुटाने पड़ सकते हैं. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो राहुल गांधी के लिए अपनी संसद सदस्यता बचाना मुश्किल हो सकता है.
नागरिकता को लेकर क्या है भारतीय कानून
भारतीय संविधान के अनुच्छेद नौ के तहत यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी देश की नागरिकता स्वीकार करता है तो उसकी भारतीय नागरिकता और संसद सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है. हालांकि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी इन आरोपों को हमेशा से खारिज करती रही है और इसे महज एक राजनीतिक साजिश करार देती आई है. राहुल गांधी की ओर से हमेशा यही पक्ष रहा है कि वह जन्म से भारतीय नागरिक हैं और उन्होंने कभी भी किसी दूसरे देश की नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया और ना ही उसे स्वीकार किया.
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