छत्तीसगढ़ के प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट, 14 मजदूरों ने गवाई जान, 32 मजदुर घायल घायल, कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी आवाज, चारों तरफ मची चीख-पुकार
Boiler blast at Chhattisgarh plant; 10 workers killed, 40 injured; sound heard several kilometers away; cries echoed everywhere.
सक्ती : छत्तीसगढ़ के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया. प्लांट के अन्दर लगे बॉयलर में अचानक हुए विस्फोट ने पूरे औद्योगिक परिसर को दहला दिया. धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. जिससे न सिर्फ प्लांट के कर्मचारी बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी भूकंप जैसी दहशत फैल गई. बॉयलर फटने से 12 लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा इस घटना में 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं. यह मामला डभरा थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में रोजाना की तरह सामान्य काम चल रहा था. इस दौरान अचानक दोपहर करीब 2 बजे बॉयलर ब्लास्ट हो गया. धमाके के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ धुएं का गुबार छा गया. इस दर्दनाक हादसे में करीब 30 से 40 मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है. स्थानीय सूत्रों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक 12 मजदूरों की मौत हो गई. एसपी प्रफुल्ल पटेल ने अभी तक 9 लोगों के मौत की पुष्टि की है.
इस हादसे की खबर मिलने का बाद स्थानीय प्रशासन, भारी पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. डॉक्टरों के मुताबिक कई मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े केंद्रों पर रेफर किया गया.
11 घायलों को खरसिया के पद्मावती अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में करीब 15 घायलों को लाया गया. जहां 9 घायलों की मौत होने की खबर है.
मौके पर पहुँचे प्रशासनिक अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से घटना की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं. ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या बॉयलर का रखरखाव सही था या सुरक्षा मानकों में किसी तरह की कोताही बरती गई थी. फिलहाल पूरे प्लांट परिसर को सील कर दिया गया है और राहत कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है.
वेदांता पावर प्लांट में हुए इस बड़े विस्फोट ने औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिकों की जान की हिफाजत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. खबर लिखे जाने तक राहत दल मलबे में दबे अन्य संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं.
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प्रदेश की सबसे बड़ी गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि संगठन लगातार प्रदेश के उद्योगों में मजदूरों की सुरक्षा मानकों से समझौता का विरोध करती रही है. लेकिन सरकारों के कान में जूं नहीं रेंगती! हर महीने किसी ने किसी उद्योग में दुर्घटना हो रही है. और गरीब मजदूर मर रहे हैं. आखिर जिम्मेदार सरकार और श्रम विभाग का कॉरपोरेट कंपनियों के साथ क्या सांठगांठ है. जो इन्हें मनमानी की खुली छूट मिली हुई है? सेना ने आगाह किया है की किसी भी मृत मजदूर के पारिवारिक हितों से खिलवाड़ किया गया तो उनके परिवारों के साथ सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी.
यहा देखें पूरी सूची
जिंदल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती
1. मानस गिरी
2. कार्तिक महतो
3. ब्रजेश कुमार
4. केशव चंद्रा
5. भुवनेश्वर चंद्रा
6. अभिषेक चंद्रा
7. नदीम अंसारी
8. मिलन वारे
9. संदीप
10. शिवनाथ मुरमु
बालाजी मेट्रो अस्पताल में भर्ती
11. बनवाली लाल बरेठ
12. उपेन्द्र
13 परदेशी लाल चंद्रा
सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट (vedanta plant blast) में हुआ भीषण हादसा प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक बनकर उभरा है। इस घटना ने न सिर्फ प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए हैं, बल्कि प्रदेश की सियासत में भी उबाल ला दिया है.
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल (मंगलवार) की दोपहर एक भीषण बॉयलर ब्लास्ट हुआ. इस धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि अब तक कुल 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है. हादसे के वक्त प्लांट में मौजूद मजदूर बुरी तरह झुलस गए. आंकड़ों के मुताबिक 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी. जबकि अन्य ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और रायपुर के प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ा. वर्तमान में 17 घायल मजदूर अब भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.
इस दर्दनाक घटना के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने सरकार और प्लांट प्रबंधन को आड़े हाथों लिया है.
दीपक बैज (PCC चीफ): बैज ने इस घटना को 'हत्या' करार देते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 1 करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है.
टीएस सिंहदेव (पूर्व डिप्टी सीएम): उन्होंने प्लांट में एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं के अभाव पर सवाल उठाए और इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया.
रामकुमार यादव (विधायक, चंद्रपुर): विधायक यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वेदांता ने इस पुराने प्लांट को औने-पौने दाम में खरीदा था और बिना मशीनों की सही रिपेयरिंग किए, क्षमता से ज्यादा काम लिया जा रहा था, जिससे यह ब्लास्ट हुआ.
हादसे के बाद प्रशासन और सरकार हरकत में आए. मजिस्ट्रियल जांच: कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं.
पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए केंद्र, राज्य और प्रबंधन ने अलग-अलग राहत राशियों का ऐलान किया है. वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और नौकरी, जबकि घायलों को 15 लाख रुपये देने का वादा किया है. राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है.
कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी
जमीनी हकीकत जानने के लिए कांग्रेस ने 9 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में यह टीम ग्राउंड जीरो पर जाकर पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों से मुलाकात करेगी. समिति यह जांच करेगी कि क्या सुरक्षा नियमों की जानबूझकर अनदेखी की गई थी.
सुरक्षा पर उठते सवाल
कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने याद दिलाया कि वेदांता के संयंत्रों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी इनके कोरबा स्थित प्लांट में चिमनी हादसे जैसी बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं. यह सवाल अब सार्वजनिक हो चुका है कि आखिर बार-बार होने वाले इन औद्योगिक हादसों के लिए जिम्मेदार कौन है?
मृतकों की सूची
इस हादसे में मारे गए ठेका मज़दूरों को लेकर दी गई जानकारी के अनुसार अब तक सत्रह मज़दूरों की मौत हो चुकी है। इनमें -
1- रितेश कुमार,सोनबरसा, भागलपुर, बिहार
2- अमृत लाल पटेल, एच एन 91 मंजहापारा डब्ल्यू एन 04, डभरा, सक्ती,
3- ठंडा राम लहरे, जमगाहन, मालखरौदा , सक्ती,
4- तरुण कुमार ओझा, रोहराबांध सिंदरी धनबाद, झारखंड
5- आकिब खान पैठन दरभंगा बिहार,
6- सुसांता जाना,किस्मतबाजकुल, तेथीबारी, मिदनापुर, पश्चिम बंगाल
7- अब्दुल करीम,बोका, झारखंड,
8- उधाब सिंह यादव, खरसिया, रायगढ़, छत्तीसगढ़
9-शेख सैफुद्दीन, चांपी, हल्दिया, पूर्व मिदनापुर पश्चिम बंगाल
10- पप्पू कुमार, पिपरखांड, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश,
11-अशोक परहिया, पलामू झारखंड
12-मानस गिरी, नारायणदरी, पूर्व मिदनापुर पश्चिम बंगाल
13- बृजेश कुमार पिपरखांड, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश
14- रमेश्वर महिलांगे ग्राम-हर्दी, विशाल, खिरोरा, जांजगीर चांपा
15- कार्तिक महतो पुरुलिया, पिर्रा, पश्चिम बंगाल
16- नदीम अंसारी देवरघटा फगुरम, सक्ती
17- शिबनाथ मुर्मू, पुरुलिया, पिर्रा, पश्चिम बंगाल के नाम शामिल हैं.
मालूम हो कि यह सभी ठेका मज़दूर थे.
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