खाद संकट-बिजली बिल वृद्धि और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कल से प्रदेशभर में होगा कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, CM और विधानसभा अध्यक्ष को काले झंडे दिखाने का ऐलान

Congress to launch a major statewide agitation starting tomorrow against the fertilizer crisis, hike in electricity bills, and smart meters; plans announced to show black flags to the Chief Minister and the Assembly Speaker.

खाद संकट-बिजली बिल वृद्धि और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कल से प्रदेशभर में होगा कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, CM और विधानसभा अध्यक्ष को काले झंडे दिखाने का ऐलान

फिंगेश्वर/राजिम : प्रदेश में डीएपी और यूरिया खाद की कमी को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर-राजिम ने कल 17 जून को गरियाबंद जिले के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रुपेश साहू ने आरोप लगाया कि जिले की सहकारी समितियों में डीएपी और यूरिया खाद का गंभीर संकट बना हुआ है. खरीफ सीजन की बोवाई के महत्वपूर्ण समय में किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं. जबकि निजी दुकानों में खाद ऊंचे दामों पर बेची जा रही है. उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है.
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के दावे तो कर रही है. लेकिन जमीनी स्तर पर किसान खाद संकट और बढ़ी हुई कीमतों से परेशान हैं. पार्टी ने इसे सरकार की किसान विरोधी नीति और प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर किसानों की खेती और उत्पादन पर पड़ रहा है.
रूपेश साहू ने सरकार से तत्काल पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है. लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है.
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा. पार्टी ने कार्यकर्ताओं और किसानों से बड़ी तादाद में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है.
मुख्य बिंदु:
17 जून को मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के दौरे का विरोध।
खाद संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन।
डीएपी और यूरिया की कमी से किसान परेशान।
कालाबाजारी रोकने और पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं के आंदोलन में शामिल होने की संभावना।
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बिजली बिल वृद्धि और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, कल 17 जून से प्रदेशभर में होगा प्रदर्शन
रायपुर : छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हालिया वृद्धि और स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजधानी रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बिजली दर वृद्धि को जनता पर आर्थिक हमला बताते हुए कहा कि कांग्रेस सड़क से सदन तक इस मुद्दे पर संघर्ष करेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी.
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक बार फिर बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालते हुए घरेलू, गैर-घरेलू तथा कृषि श्रेणी की बिजली दरों में वृद्धि की है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार पांचवीं बार बिजली की कीमतें बढ़ाई गई हैं. जिससे आम नागरिक, किसान, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं.
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा भी घोषित की है. इसके तहत का; 17 जून को सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा. वहीं 18 जून को सभी जिलों में पत्रकार वार्ता आयोजित कर बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद जुलाई के पहले हफ्ते से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर आम जनता से आवेदन भरवाएंगे.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली दरों में वृद्धि की है. किसानों को भी राहत देने के बजाय कृषि पंपों की बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी गई है. उन्होंने कहा कि पहले ही महंगाई से जूझ रही जनता पर यह फैसला दोहरी मार साबित होगा.
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक बिजली दरों में कुल 31.23 प्रतिशत की वृद्धि की जा चुकी है. हाल ही में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) भी लगाया गया. जिससे उपभोक्ताओं के बिलों में और अधिक बढ़ोतरी हुई है. इसके खिलाफ कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पांच सालों में सिर्फ 2 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई थी और उस समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना के जरिए जनता को बड़ी राहत दी जा रही थी.
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेशभर के लाखों बिजली उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान हैं. कई उपभोक्ताओं को सामान्य से तीन से चार गुना ज्यादा बिल मिल रहे हैं. कई मामलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन बिलों में भी फर्क देखने को मिला है. कांग्रेस का आरोप है कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की जानकारी और सहमति के बिना उनके अनुबंधित भार (लोड) में वृद्धि कर रहा है. जिसके कारण अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड लगाया जा रहा है.
स्मार्ट मीटरों को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेशभर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर सामान्य मीटरों की तुलना में ज्यादा रीडिंग दर्ज कर रहे हैं. इससे उपभोक्ताओं की बिजली खपत बढ़ी हुई दिखाई जा रही है और बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है. कांग्रेस का दावा है कि जून माह में 45 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसत से कई गुना अधिक आए हैं, जिससे आम जनता में भारी असंतोष है.
बैज ने कहा कि प्रदेश की जनता एक तरफ बिजली कटौती से परेशान है तो दूसरी तरफ उन्हें भारी-भरकम बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में विफल रही है. लेकिन वसूली के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रुपये देती है. लेकिन बढ़े हुए बिजली बिलों के जरिए जनता की जेब से कई गुना ज्यादा रकम निकाल लेती है.
उन्होंने कहा कि बिजली बिलों में वृद्धि के पीछे तीन एसक वजह हैं- बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी, बिजली बिल हाफ योजना का खत्म होना और स्मार्ट मीटरों के जरिए कथित रूप से ज्यादा खपत दर्ज किया जाना. कांग्रेस ने यह भी मांग किया कि जिस तरह अन्य राज्यों में स्मार्ट मीटरों को लेकर पुनर्विचार किया गया है. उसी तरह छत्तीसगढ़ सरकार भी जनहित में स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने का फैसला ले.
पत्रकार वार्ता को वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू और पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने भी संबोधित किया. इस मौके पर पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, रायपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर सहित बड़ी तादाद में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.
कांग्रेस के इस आंदोलन को आगामी दिनों में प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा माना जा रहा है. बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर के खिलाफ शुरू होने वाला यह अभियान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर सकता है.
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