स्कूल में कथित आपत्तिजनक बयान पर बवाल, प्राचार्य और प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल, FIR दर्ज कराने हुसैनी सेना ने देवेंद्र नगर थाने का किया घेराव

Uproar over an alleged objectionable statement made at a school; questions raised regarding the roles of the principal and the management; 'Hussaini Sena' besieged the Devendra Nagar police station to demand the filing of an FIR.

स्कूल में कथित आपत्तिजनक बयान पर बवाल, प्राचार्य और प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल, FIR दर्ज कराने हुसैनी सेना ने देवेंद्र नगर थाने का किया घेराव

रायपुर : देवेंद्र नगर स्थित श्री गुजराती मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान काजल ‘हिन्दुस्तानी’ ने इस्लाम धर्म और मुस्लिम महिलाओं के हिजाब को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और स्कूली छात्र-छात्राओं से विवादित नारे भी लगवाए गए.
देवेंद्र नगर स्थित श्री गुजराती मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान काजल ‘हिन्दुस्तानी’ ने इस्लाम धर्म और मुस्लिम महिलाओं के हिजाब को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और स्कूली छात्र-छात्राओं से विवादित नारे भी लगवाए गए.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक शैक्षणिक संस्थान के परिसर में, विद्यार्थियों की मौजूदगी के बीच इस तरह की कथित टिप्पणी और नारेबाजी की अनुमति आखिर किसने दी? क्या कार्यक्रम से पहले स्कूल प्रबंधन ने वक्ता के भाषण और विषयवस्तु की कोई निगरानी नहीं की? अगर वीडियो में सामने आई बातें सही हैं, तो विद्यार्थियों के सामने इस तरह की सामग्री प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी से स्कूल प्रबंधन कैसे बच सकता है?
शिकायतकर्ता ने थाना देवेंद्र नगर में आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और वीडियो की सत्यता की जांच की मांग की है. साथ ही काजल ‘हिन्दुस्तानी’ के कथित बयान और कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति देने वाले स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है.
स्कूल प्रबंधन से सवाल है—शिक्षण संस्थान में बच्चों को शिक्षा और आपसी सम्मान का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए या धार्मिक विवाद पैदा करने वाली कथित बयानबाजी का मंच उपलब्ध कराया जाना चाहिए? यदि कार्यक्रम में वास्तव में आपत्तिजनक बातें कही गईं और विद्यार्थियों से नारे लगवाए गए, तो इसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है.
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पुलिस वायरल वीडियो की वास्तविकता, कार्यक्रम की अनुमति, आयोजकों की भूमिका और वक्ता द्वारा दिए गए कथित बयान की पूरी जांच करे. जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित वक्ता, आयोजकों तथा जिम्मेदार स्कूल अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि सवाल स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रमों की जवाबदेही और विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत की जाने वाली सामग्री की निगरानी का भी है. इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है.
इस घेराव एवं विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सीरत के पूर्व अध्यक्ष नोमान हामिद, राष्ट्रीय अध्यक्ष राहिल रउफि, शहर सीरत कमेटी अध्यक्ष सोहेल सेठी, परह नगर मुतवल्ली अरशद खान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नेहाल खान, मोहम्मद फहीम खान, शेख अमीन, जिला अध्यक्ष मोहम्मद आमिर, एहतेशाम हुसैन, मो जाकिर हफ़ीज़ुद्दीन हाफिज, राजिक रजा, अब्दुल रशीद भिनसरा. मोहम्मद अफजल कुरैशी, नौशाद, फिरोज खान, नूरा भाई, मोहम्मद आवेश खान, शेख मोहम्मद मजीद, मोहम्मद इखलाक कुरैशी, मोहम्मद जाकिर भाटी, मोहम्मद जुनैद अली, मोहम्मद आसिफ अंसारी, मोहम्मद फरहान कुरैशी, मोहम्मद साहिल खान,  मोहम्मद रफीक, मोहम्मद सैफ खान, मोहम्मद नदीम खान, मोहम्मद समीर खान, मोहम्मद हसन, सैयद अमन, मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद आजम अली समेत समाज के अनेक गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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