तीन दिनों से हड़ताल कर रहे जिले के 27 सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा, एक साल से मूलभूत विकास कार्यों स्वीकृति मिली ना ही पैसे, बढ़ी नाराजगी

Twenty-seven sarpanches of the district, who have been on strike for three days, have resigned en masse. For a year, neither approval nor funding has been received for basic development works, fueling resentment.

तीन दिनों से हड़ताल कर रहे जिले के 27 सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा, एक साल से मूलभूत विकास कार्यों स्वीकृति मिली ना ही पैसे, बढ़ी नाराजगी

कांकेर : अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने की मांग को लेकर तीन दिनों से हड़ताल कर रहे अंतागढ़ विकासखंड के 27 सरपंचों ने इस्तीफा दे दिया. हालांकि 50 से ज्यादा सरपंचों के इस्तीफे की बात कही जा रही है. लेकिन प्रशासन ने 27 सरपंचों के इस्तीफे की पुष्टि की है. सरपंचों ने 20 मई को अपर कलेक्टर अंजोर सिंह पैकरा को सामूहिक इस्तीफा सौंपा है. सरपंचों के इस फैसले के बाद क्षेत्र की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई.
उन्होंने बताया कि 27 सरपंचों का सामुहिक इस्तीफा मिला है. इस्तीफा देने वाले सरपंचों का आरोप है कि पिछले एक साल से उनके ग्राम पंचायतों में प्रशासन द्वारा एक भी विकास कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है. सरपंचों का कहना है कि ग्रामीण पूछते हैं कि अपने कार्यकाल में क्या-क्या विकास कार्य किए हैं? हमारे पास ग्रामीणों के इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता है. बिना फंड और काम की स्वीकृति के हम पंचायतों का संचालन करने में पूरी तरह असमर्थ हैं. 
सड़क पर उतरे सरपंच 
सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब वे अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हैं. पिछले साल भी सरपंच संघ ने आंदोलन किया था. तब जिला प्रशासन ने मध्यस्थता करते हुए वादा किया था कि 15 दिनों के भीतर सभी लंबित विकास कार्यों को स्वीकृति दे दी जाएगी. लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने अपना वादा नहीं निभाया और धरातल पर एक भी काम को मंजूरी नहीं मिली. इससे नाराज सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा देकर अपनी आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है.
काम कराए जा रहे
इधर जिला पंचायत सीईओ का कहना है कि सभी ग्राम पंचायतों में कार्य कराए जा रहे हैं और जिस भी सरपंच के क्षेत्र में कार्य की जरूरत है, वे सीधे संपर्क कर सकते हैं. प्रशासन का कहना है कि सरपंच संघ के बैनर तले की जा रही मांगें स्पष्ट नहीं हैं.
मांगों पर चल रहा विचार
कलेक्टर बहरहाल सरपंचों ने इस्तीफा सीधे अपर कलेक्टर को दिया है. इस बारे में कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि सामूहिक इस्तीफा की कोई मान्यता नहीं है. उनकी जो मांग है. उस पर भी विचार चल रहा है. पंचायत क्षेत्र में कई विभाग के द्वारा संचालित कार्यों की लिस्ट भी तैयार करवाई जा रही है. जिससे सही स्थिति पता चल सके.
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