जमीन आवंटन नहीं होने पर भड़के डुबान प्रभावित, हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का लगाया गंभीर आरोप, परेशान ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Submergence-affected residents outraged over non-allocation of land; serious allegations of High Court order violation raised; distressed villagers threaten to launch an agitation.

जमीन आवंटन नहीं होने पर भड़के डुबान प्रभावित, हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का लगाया गंभीर आरोप, परेशान ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

धमतरी : धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध के डुबान प्रभावित परिवारों में लंबित भूमि आवंटन को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है. डुबान प्रभावित जनकल्याण समिति की बैठक में प्रभावितों ने आरोप लगाया कि शासन के स्पष्ट निर्देश और उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद तीन महिना बीत जाने के बाद भी पात्र परिवारों को वैकल्पिक कृषि भूमि का आवंटन नहीं किया गया है.
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हरिशंकर मरकाम ने बताया कि पूर्व में मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान विशेष सचिव (राजस्व) ने जिला प्रशासन को उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तीन महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए थे. इसी आश्वासन के आधार पर प्रभावित परिवारों ने अपना आंदोलन स्थगित कर प्रशासन को पर्याप्त समय दिया था.
नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा 
उन्होंने कहा कि  निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी भूमि आवंटन की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. जिससे प्रभावित परिवारों में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है. बैठक में यह भी सवाल उठाया गया कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश जारी होने के बावजूद उनके पालन में देरी क्यों हो रही है.
भूमि आवंटन प्रक्रिया शुरु करने की करेगा मांग
बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि डूबान प्रभावित जनकल्याण समिति का एक प्रतिनिधिमंडल 17 जून को कलेक्टर धमतरी से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल भूमि आवंटन के लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति,अब तक की गई कार्रवाई और आगे की कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त करेगा और समयबद्ध तरीके से भूमि आवंटन प्रक्रिया शुरू करने की मांग करेगा.
कार्रवाई नहीं होने करेंगे प्रदर्शन
हरिशंकर मरकाम ने चेतावनी दी कि अगर कलेक्टर से मुलाकात के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिला और भूमि आवंटन की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई. तो डूबान प्रभावित परिवार अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पुनः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेंगे. जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
शासन-प्रशासन वादे निभाए
उन्होंने कहा कि डूबान प्रभावित परिवार सालों से न्याय, पुनर्वास और आजीविका के अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे हैं. अब और विलंब स्वीकार्य नहीं है और शासन-प्रशासन को अदालत के आदेशों और अपने आश्वासनों का सम्मान करते हुए जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t