तर्री में 40 साल से काबिज पंच के घर पर चला बुलडोजर, पीड़ित परिवार का आरोप- बिना नोटिस की कार्रवाई, उच्चाधिकारियो से लगाई इंसाफ की गुहार

Bulldozer razes the home of a 'Panch' who had been in occupation of land in Tarri for 40 years; the affected family alleges the action was taken without notice and has appealed to higher authorities for justice.

तर्री में 40 साल से काबिज पंच के घर पर चला बुलडोजर, पीड़ित परिवार का आरोप- बिना नोटिस की कार्रवाई, उच्चाधिकारियो से लगाई इंसाफ की गुहार

रायपुर/नवापारा : गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तर्री में गुरुवार को प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप मच गया. तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर के नेतृत्व में 40 साल से काबिज ग्राम पंचायत की पंच खेबती बाई साहू के मकान पर बुलडोजर चला दिया गया. कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा.
इस मामले में तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर ने कहा कि खसरा नंबर 584 शासकीय वन भूमि है। 26 मई 2026 को उक्त भूमि से बेदखली का आदेश पारित किया गया था. आदेश के परिपालन में कब्जा हटाया गया है. तहसीलदार के मुताबिक तहसील और सिविल न्यायालय में मामला खत्म हो चुका है. एसडीएम न्यायालय से 15 तारीख तक स्टे मिला था. जिसे हटा दिया गया. स्टे हटने के बाद ही कार्रवाई की गई.
वहीं पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामला अभी सिविल न्यायालय में विचाराधीन है. एसडीएम न्यायालय ने भी 30 जून को मामले में पेशी की तारीख तय की है. पीड़ित खेबती बाई साहू ने कहा कि वे 40 साल से यहां निवास कर रहे हैं. बिना किसी पूर्व नोटिस के अचानक बुलडोजर चलाकर मकान तोड़ दिया गया. परिवार अब खुले आसमान के नीचे आ गया 
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताया. उनका कहना है कि न्यायालय में आखरी फैसले से पहले की गई कार्रवाई गलत है. उन्होंने उच्च अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है.
इस कार्रवाई से आधा दर्जन पंच खेबती बाई साहू के समर्थन में मौके पर पहुंचे. पंचों ने भी इस कार्यवाही को गलत बताया है. गांव में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं. ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.
कार्यवाही की वजह शासकीय भूमि पर लाभ दिलाना तो नहीं
पीड़िता खेबती बाई ने आरोप मड़ते हुए कहाकि उनके जमीन के पीछे लगानी भूमि हैं. जहां से आने-जाने के लिए बाकायदा रास्ता भी है. फिर भी रास्ते के नाम पर उनके घर को तुड़वाना समझ से परे हैं. इसके पीछे उनकी घर वाली 2.5 डिसमिल जमीन शासकीय भूमि पर नजर तो नहीं हैं. जबकि उनके घर के बाजु में बेदखली का एक आदेश 2024 से पड़ा हैं. उस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही हैं. ऐसे में उन्होंने इस मामले में संदिग्ध मंशा जाहिर करते हुए यहाँ के जिम्मेदार से मिलीभगत की बात कहते हुए उच्चाधिकारियो से जांच कर इंसाफ दिलाने की मांग की हैं.
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