रात के अंधेरे में तेंदुए ने घरों में घुसकर किया हमला, अधेड़ और बुजुर्ग महिला घायल, ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल, पिंजरा लगाकर पकड़ने की मांग
A leopard entered homes and attacked under the cover of darkness, injuring a middle-aged woman and an elderly woman; the incident has sparked fear and a sense of insecurity among villagers, who are demanding that a trap be set to capture the animal.
कांकेर : कांकेर जिले के दुधावा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गट्टागुडूम में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. बीते दिनों तेंदुए ने अलग-अलग घटनाओं में दो ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. सबसे चिंताजनक बात यह है कि दोनों हमले घर के भीतर हुए, जिससे ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है. लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से फौरन पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने और आबादी क्षेत्र से दूर हटाने की मांग की है.
घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर किया हमला
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम गट्टागुडूम निवासी 65 साल बुधन उईके 15 जून को अपने घर में मौजूद थीं. इसी दौरान एक तेंदुआ अचानक उनके घर में घुस आया और उन पर हमला कर दिया. तेंदुए के पंजे के वार से उनके सिर में चोट आई. परिजनों और आसपास के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला. घटना के बाद घायल महिला को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां उनका इलाज किया गया.
दो दिन बाद फिर हुआ हमला
पहली घटना के दो दिन बाद गांव में तेंदुए के हमले की दूसरी घटना सामने आई. ग्राम निवासी 57 साल के धनेश कुंजाम रात में अपने घर में आराम कर रहे थे. इसी दौरान तेंदुआ घर के भीतर घुस गया और उनके हाथ पर पंजा मारकर घायल कर दिया. अचानक हुए हमले से धनेश कुंजाम घबरा गए और शोर मचाया. जिसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे. उन्हें भी इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया.
खबर मिलते ही पहुंचा वन अमला
घटना की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची. वन रक्षक मुन्ना शोरी सहित वन अमले ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई. वन विभाग द्वारा तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर नहीं निकलने तथा जंगल की तरफ जाने से बचने की सलाह दी है
शाम ढलते ही घरों में कैद हो रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गांव के आसपास और जंगल से लगे इलाकों में तेंदुए की आहट सुनाई दे रही थी. रात के समय लोगों ने कई बार तेंदुए को गांव के नजदीक घूमते हुए भी देखा है. अब जब उसने घरों में घुसकर हमला करना शुरू कर दिया है. तब ग्रामीणों में डर का माहौल और ज्यादा बढ़ गया है. लोग शाम ढलते ही घरों में रहने को मजबूर हैं. बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर भेजने से भी परिवार बच रहे हैं.
तेंदुए को पकड़ने लगाई गुहार
सरपंच जागेश्वर नेताम, तुलसी राम यादव, नंदलाल सलाम, रमेश उईके और कैलाश कुंजाम सहित अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में फौरन पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. उनका यह भी कहना है कि तेंदुआ आसपास के अन्य गांवों में भी दिखाई दे रहा है. जिससे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है.
वन विभाग रख रहा हर गतिविधि पर नजर
वनमंडलाधिकारी रौनक गोयल ने बताया कि गट्टागुडूम और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की गतिविधियों पर वन विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है. वन अमला प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहा है और तेंदुए की मूवमेंट पर विशेष नजर रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है. लोगों से सतर्क रहने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
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