अघोषित विद्युत् कटौती से जनता परेशान, 5 दिनों से बिजली बंद, लोग हो रहे बीमार, आंदोलन की चेतावनी, ग्रामीण बोले -साहब अंधेरे से डर लगता है

People are troubled by unannounced power cuts, power is off for 5 days, people are falling ill, warning of agitation, villagers said - Sir, I am afraid of darkness

अघोषित विद्युत् कटौती से जनता परेशान, 5 दिनों से बिजली बंद, लोग हो रहे बीमार, आंदोलन की चेतावनी, ग्रामीण बोले -साहब अंधेरे से डर लगता है

बिलासपुर : घेराव पर घेराव और उग्र आंदोलन हुए लेकिन बिजली की व्यवस्था एक भी नही सुधरी. हल्ला मचा तो राजधानी से अफसर समस्या जानने के लिए बिलासपुर पहुँचे. विभागीय अफसरों ने स्टाफ की कमी समेत इतनी कमियाँ गिनाई कि ऊर्जा विभाग के सेक्रेटरी को जवाब देते नही बना.
दरअसल हम बात कर रहे है बिजली की,शायद वह लापता है या फिर कही खो चुकी है. क्योंकि बिजली कब आ रही है और कब जा रही है. इसका पता शायद किसी को नहीं है. क्योंकि बिजली के आने का तो शायद पता नहीं है. लेकिन बिजली के जाने का समय आजकल सभी को पता चल गया है.
शहर और आसपास के क्षेत्र में बिजली का इस कदर रोना है कि बिजली से संबंधित कोई भी काम नहीं हो पा रहा है. लगातार बिजली बन्द होने से आम जनता बहुत ज्यादा त्रस्त है. बिना बिजली के और आंख मिचौली से लोगो का गुस्सा सातवें आसमान पर है. यही वजह है कि इस बार लोग आक्रोशित होकर बिजली ऑफिस का घेराव तो कभी अफसरों से गाली गलौच तक हो रहा है. यही नहीं बिजली बन्द होने से लोग बीमार होकर अस्पताल का रास्ता देख रहे है. लेकिन इससे बिजली विभाग के अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ता है.
शहर में कब बिजली जाएगी और कब आयेगी इसका अंदाजा किसी को नहीं है.
लगातार बिजली बन्द होने से घरों में अंधेरा छाया हुआ रहता है. कमरे पूरी तरह से अंधकारमय रहता है. और तो और बिना बिजली के मोबाइल तक चार्ज नहीं होता है.
बिना बिजली के बोर का पानी नहीं भर सकते हैं. इसके साथ ही अगर किसी के घर में घंटो बिजली बंद है और उसका मकान टीन वाला है तो वह भरी गर्मी में उबल जाएगा और वह बीमार जाएगा.
बिजली विभाग ने किसी दवाई की पर्ची की तरह टाइमिंग जरुर सेट कर दिया है. जिसके कारण सुबह, दोपहर रात 12 और फिर तड़के 3 बजे बिजलीं ठप्प हो जा रही है. जिसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है. नींद पूरी न होने के कारण लोगो की तबीयत बिगड़ रही है. इसका असर सबसे ज्यादा बच्चे पर हो रहा है.
शहर में लगातार बिजली गूल होने से उमस भरी गर्मी के बीच लोगो का सामना करना पड़ रहा है. इस उमस का हर उम्र के लोगो पर विपरीत असर पड़ रहा है. सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि उमस की वजह से जहां कम उम्र के लोग मानसिक चिड़चिड़े , बेचैनी और डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं वहीं बड़े उम्र के लोगों के हार्ट और ब्रेन पर असर पड़ रहा है. साथ ही वे भी डिहाइड्रे शन से जूझ रहे हैं. शहरो के घरों मे खिड़की नही होना और एक दूसरे के दीवार से सटे मकान बनना भी सेहत के लिए घातक साबित हो रहा है. क्योकि ऐसे घरों में खिड़की नही होने की वजह से हवा का आवागमन नही हो पाता है. यही वजह है कि लोग एसी, कूलर और फ्रीज के आदी हो गए हैं .जो उनके सेहत पर बुरा असर डाल रहा है.
ग्राम खांडाथाना में बिजली की अघोषित बिजली कटौती के कारण ग्रामवासियों को परेशानियों से सामना करना पड़ रहा है. ग्रामवासियों का कहना है कि लगातार दो महीने से बिजली की आंख मिचौली हो रही है. जिसकी वजह से पीने के पानी के अलावा कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. गर्मी के सीजन में विद्युत बंद होने से पंखे और कूलर बद है. घरों में अंधेरा छाया हुआ रहता है. इसमें सबसे ज्यादा पीने के पानी के लिए एक दो किलोमीटर जाकर लाना पड़ रहा है. जबकि इस समस्या को लेकर सब स्टेशन सीपत भी गए और ट्रांसफार्मर और केबल तार को बदलने की मांग भी की गई. लेकिन अब तक सुधार नही किया गया है.
ग्रामवासियों का कहना है कि 50 से ज्यादा घर के लोग निवास करते हैं. जिनके घरो में बिजली पिछले पांच दिनों से बंद है. जिसके कारण अंधेरो में रहना पड़ रहा है. ग्रामीणों की मांग है कि जल्द ट्रांसफार्मर व केबल तार को बदला जाए ताकि बिजली अवरोध से निजात मिल सके.वरना किसी दिन सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा.
ऊर्जा विभाग के सेकेट्री रोहित यादव बीते दिनों बिलासपुर पहुंचे और जिले के कलेक्टर समेत बिजली विभाग के अफसरों की मीटिंग ली. इसमें उन्होंने बिजली को समस्याओं को सुना और फील्ड में निकलने के निर्देश दिए,खुद बोले कि ठेकेदार के भरोसे काम न करे. बल्कि फील्ड में जाकर काम करे और चेक करे कि बिजली का काम ठीक हो रहा है या नहीं. और बंद लाइन को सुधार करे और ऐसी व्यवस्था करे जिससे बिजली बार बार बंद होने की नौबत नहीं आए.
ऊर्जा विभाग के सेकेट्री के निर्देश का पालन नहीं हुआ है. बल्कि उनके निर्देशों की धज्जियां उड़ाई गई है. फील्ड में काम करने की बजाए बिजली विभाग के अधिकारी बंद कमरे में एसी में आराम कर रहे है. सूत्र ने बताया कि कोई भी अधिकारी फील्ड में नहीं जाते हैं. बल्कि फोन से और ज्यादा हुआ तो अपने जूनियर को भेजकर सिर निर्देश देकर चले आते हैं. लेकिन फील्ड में जाकर कोई भी मेहनत नहीं करता है.
अगर फील्ड में अधिकारी जाते तो शायद इस तरह से बिजली बार बार बंद होने की नौबत नहीं आती.
अधीक्षण अभियंता ग्रामीण क्षेत्र सुरेश जांगड़े ने कहा कि सेकेट्री के निर्देश पर बिजली अधिकारी फील्ड में जाकर अफसर काम कर रहे हैं इसके साथ ही जिले में कौन कौन से गांव में ज्यादा समस्या है उसकी पूरी जानकारी ली जा रही है. जल्द ही पूरी समस्या खत्म हो जाएगी.
सरकंडा बिलासपुर दिलीप शर्मा ने कहा कि सरकंडा और अशोक नगर रोड पर इन दिनों बिजली आंख मिचौली खेल रही है. बिजली विभाग सो रहे है. जिसके कारण आमजनता गर्मी के कारण बीमार पड़ रहे है.
टिकरापारा के राकेश कश्यप ने कहा कि करबला और टिकरापारा के अलावा गुजराती समाज रोड में भी अचानक बिजली बन्द हो जाती है. बिजली विभाग सूचना तक नहीं देते है कि क्यों और किसलिए बंद कर रहे है।बिना बिजली के बहुत समस्या होती है.
तालापारा के शहबाज खान ने कहा कि तालापारा,मगरपारा,कुम्हारपारा,व्यापार विहार और भारतीय नगर चौक के आसपास घंटो बिजली बंद रहता है. जिससे कारोबार नहीं हो पा रहा है. पहली बार ऐसा हुआ है कि लगातार बिजली परेशान कर रही है.

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