डबल मर्डर का खुलासा, 3 सगे भतीजों ने कुल्हाड़ी से काटकर चाचा-चाची को उतारा मौत के घाट, श्मशान घाट में चुपचाप दफनाए शव, तीन रिश्तेदार गिरफ्तार

Double murder solved: Three nephews hacked their uncle and aunt to death with an axe, secretly buried the bodies at a cremation ground, and have been arrested.

डबल मर्डर का खुलासा, 3 सगे भतीजों ने कुल्हाड़ी से काटकर चाचा-चाची को उतारा मौत के घाट, श्मशान घाट में चुपचाप दफनाए शव, तीन रिश्तेदार गिरफ्तार

गरियाबंद/मैनपुर : गरियाबंद जिले के मैनपुर राजापड़ाव क्षेत्र के गरीबा से सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया. यहां पुरानी रंजिश के चलते पति-पत्नी की बेरहमी से हत्या कर उनके शवों बोरे में भरकर एक साथ दोनों को श्मशान घाट में दफना दिया गया था. घटना का खुलासा हत्या के करीब एक हफ्ते बाद हुआ. जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. मृतकों की पहचान राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के रूप में हुई है. वहीं मामले में ग्राम गरीबा निवासी लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम गरीबा निवासी राजाराम नेताम उम्र 45 साल और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम उम्र 40 साल गांव में ही अपने परिवार के साथ रहते थे. शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी दोनों की कोई संतान नहीं थी. राजाराम कुल 7 भाई थे और पूरा बड़ा परिवार एक ही इलाके में आसपास रहता था.
बताया जा रहा है कि राजाराम नेताम का अपने भाइयों और उनके बच्चों के साथ पटरी नहीं बैठती थी और जमीन या अन्य पारिवारिक वजहों से आए दिन घर में विवाद होता रहता था. इसी रंजिश के चलते भाइयों के लड़कों ने अपने ही चाचा-चाची को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया.
6 जून की रात को विवाद एक बार फिर इतना बढ़ गया कि राजाराम के तीन सगे भतीजों— लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम ने तैश में आकर अपने चाचा-चाची पर कुल्हाड़ी और भारी डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. वार इतने खतरनाक थे कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. हत्या के बाद सबूत मिटाने और पुलिस से बचने के लिए तीनों आरोपियों ने रात के सन्नाटे में दोनों शवों को अलग-अलग बोरों में बंद किया और चुपचाप श्मशान घाट ले जाकर एक ही जगह दफन कर दिया. इसके बाद वे सामान्य रूप से गांव में रहने लगे. ताकि किसी को शक न हो.
इस सनसनीखेज कत्ल की कहानी पर पर्दा पड़ा रहता. लेकिन 11 जून को कुदरत ने खेल बदल दिया. गांव के एक अन्य ग्रामीण की सामान्य मौत हो गई. जिसके अंतिम संस्कार के लिए पूरा गांव श्मशान घाट पहुंचा. वहां जब ग्रामीणों ने गड्ढा खोदना शुरू किया, तो पास ही में एक ताजी खुदी हुई और मिट्टी से ढकी हुई कब्र दिखाई दी. ग्रामीणों को बेहद अचंभा और शक हुआ. क्योंकि हाल के दिनों में गांव के किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी.
इसी बीच कुछ लोगों का ध्यान गया कि राजाराम और उनकी पत्नी पिछले 5 दिनों से गांव में कहीं नजर नहीं आ रहे हैं. श्मशान घाट पर बढ़ती भीड़ और ग्रामीणों के बीच गहराते शक को देखकर एक आरोपी भतीजे का हौसला टूट गया.
उसने घबराकर गांव के सरपंच के पास जाकर अपना जुर्म कुबूल कर लिया और पूरी सच्चाई बता दी कि उन्होंने ही चाचा-चाची को मारकर वहां दफनाया है. सरपंच ने बिना देर किए फौरन इसकी खबर पुलिस को दी.
दोहरे हत्याकांड और शवों को छुपाए जाने की खब्रर मिलते ही शोभा थाना प्रभारी पवन वर्मा अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ फौरन गरीबा गांव के श्मशान घाट पहुंचे. कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शक वाली जगह पर खुदाई कराई गई. जहां से बोरे में बंद राजाराम नेताम और आशो बाई के सड़े-गले शव बरामद हुए. पुलिस ने पंचनामा दर्ज कर शवों को अपने कब्जे में ले लिया.
थाना प्रभारी पवन वर्मा ने बताया कि हत्या में शामिल तीनों मुख्य आरोपियों- लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुल राम नेताम (उम्र 32 से 36 साल के बीच) को हिरासत में ले लिया गया है. चूंकि शव 5 दिन पुराने थे. इसलिए सबूतों को वैज्ञानिक रूप से पुख्ता करने के लिए शवों के अवशेष और महत्वपूर्ण अंगों को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रायपुर भेजा गया है. इस वीभत्स हत्याकांड के बाद से पूरे गरीबा गांव के ग्रामीणों में आरोपियों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है. वहीं पुलिस मामले की आगे की वैधानिक कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है. और मामले की जांच कर रही है.
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