ठेकेदार की लापरवाही बना काल, बारिश से भरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम, जांच शुरू, होगी कार्रवाई
Contractor's negligence proves fatal; three innocent schoolchildren die a tragic death after drowning in a rain-filled pit. Grief grips the village; an investigation is underway, and action will be taken.
डोंगरगढ़ : राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के बोरतालाव के आश्रित ग्राम गांधीनगर में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की जान चली गई. बारिश का पानी भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से तीनों बच्चों की मौत हो गई. एक साथ तीन बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
मिली जानकारी के मुताबिक तीनों बच्चे गांधीनगर के रहने वाले थे और उनकी उम्र करीब 8 साल थी. देर शाम ग्रामीणों ने काफी तलाश के बाद बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकाला. इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ की मर्चुरी भेजा गया. बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे आदिवासी समाज से थे.
खुदाई के बाद बना गहरा गड्ढा, बारिश में भर गया पानी
ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे के निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने यहां मिट्टी की खुदाई कर गहरा गड्ढा छोड़ दिया था. बारिश के बाद यही गड्ढा पानी से भर गया और बाहर से देखने पर सामान्य तालाब जैसा दिखाई देने लगा. आशंका है कि खेलते-खेलते बच्चे उसी में उतर गए और गहराई का अंदाजा नहीं लगने से डूब गए. हालांकि, यह दावा अभी ग्रामीणों के आरोपों पर आधारित है.
पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. लेकिन हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर निर्माण कार्य के दौरान गहरा गड्ढा बनाया गया था तो उसे खुला क्यों छोड़ दिया गया? क्या वहां सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे? अगर नहीं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है.
शिक्षकों की हड़ताल का भी जिक्र
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों की हड़ताल की वजह से बुधवार को बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने की नियमित व्यवस्था नहीं थी. उनका कहना है कि सामान्य दिनों में शिक्षक ही बच्चों को घर से स्कूल लेकर आते और वापस छोड़ते थे. हालांकि इस घटना का हड़ताल से कोई संबंध है या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
प्रशासन ने कहा – जिम्मेदार लोगों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि हादसे की हर पहलू से जांच की जाएगी. अगर जांच में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. तीन मासूमों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है. यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि निर्माण कार्य के बाद छोड़े गए खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकते हैं. प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी की कीमत कई बार निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है.
मृत बच्चों के नाम
सार्थक कोकोटे पिता कमलेश कोकोटे उम्र 8 साल
कृष मंडावी पिता राकेश मंडावी उम्र 8 साल
दानेश मंडावी पिता राकेश मंडावी, उम्र 6 साल
रोड किनारे खेल रही बच्ची की मौत
इससे पहले जून में अंबागढ़ चौकी पुलिस स्टेशन इलाके के गुंडरदेही गांव में सड़क किनारे खेल रही एक बच्ची की तेज़ रफ़्तार ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी. हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर भाग निकला. तेज़ रफ़्तार में भागते हुए उसने कई पुलिस बैरिकेड्स तोड़े और आखिरकार कोरकोट्टी गांव के पास पकड़ा गया. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था.
सभी बोरतलाव के गांधी नगर निवासी
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?



