छुट्टी पर घर आया जम्मू-कश्मीर में तैनात सेना का जवान लापता, साधु बनने की कर रहा था बात, माता-पिता ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार
An army soldier posted in Jammu and Kashmir who came home on leave went missing, was talking about becoming a monk, parents sought help from the collector
बालोद : बालोद से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है. यहां से एक आर्मी का जवान करीब 1 महीने से लापता हो गया है. वह अपने बीमार पिता के इलाज के लिए घर कलंगपुर आया हुआ था. लेकिन 6 मार्च को वह घर से अचानक निकला और अब तक लौटकर नहीं आया और न ही उसकी कोई खबर आई. गुमशूदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला. तो अब जवान के मां और बीमार पिता अपने बेटे को ढूंढने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अपने बेटे को खोजने में मदद की गुहार लगाई है.
मिली जानकारी के मुताबिक आर्मी जवान शेजसिंह मंडावी जम्मू-कश्मीर के 48 बटालियन में पदस्थ है. वह छुट्टी पर घर लौटने के बाद उसे 7 मार्च को ड्यूटी ज्वाइन करना था. बावजूद इसके वह रहस्यमय तरीके से अचानक हो गया.
परिजन काफी समय से जवान की तलाश कर रहे हैं. लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. परिवार का कहना है कि शेजसिंह कहां है और किस हाल में है. इसकी कोई जानकारी नहीं है. अब वे दर-दर भटक कर लोगों और शासन-प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि उनके बेटे को ढूंढने में मदद की जाए.
इस घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. जवान शेज सिंह मंडावी अभी कहां है. किस हालत में है यह सब सोचकर परिवार वाले परेशान हैं. आर्मी जवान के माता-पिता थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद कलेक्टर को भी आवेदन सौंपा है. परिवार ने जिला प्रशासन से अपने सैनिक बेटे को खोजने की मांग की है.
आर्मी का जवान शेजसिंह मंडावी बालोद जिले के कलंगपुर का रहने वाला है. वह फरवरी में बीमार पिता का इलाज कराने छुट्टी लेकर घर आया था. जिसके बाद वह 6 मार्च को अचानक घर से निकल गया. जिसे घर वाले ढूंढ रहें हैं. अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है. अब बेटे को ढूंढने के लिए शासन प्रशासन से गुहार लगाई है- मोनिका ठाकुर, एएसपी बालोद
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि लापता आर्मी जवान साधु बनना चाह रहा था. रनचिराई थाना प्रभारी राधा बोरकर ने बताया कि उसने अपने परिवार वालों को बोला था कि वह सब चीज त्याग कर आध्यात्म की राह पर चला जाएगा. वह गोरखपुर जाकर साधु बनना चाह रहा था.
पुलिस की जांच में पता चला है कि उसने अपने मोबाइल के सारे डेटा को डिलीट कर दिया है. वह एटीएम और आधार कार्ड सहित सभी दस्तावेज छोड़कर चला गया है. - राधा बोरकर, रनचिराई थाना प्रभारी
पुलिस इस केस में अब मीडिया की मदद लेने की तैयारी कर रही है. बालोद पुलिस की तेजी से जांच जारी है. अब देखना होगा कि पुलिस को खोजबीन में कब तक कामयाबी मिलती है.
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