रायपुर में शादी समारोह के दौरान कथित हर्ष फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया में वायरल, सत्ता का संरक्षण ने खोली कानून की पोल!
A video of alleged celebratory firing during a wedding ceremony in Raipur goes viral on social media; patronage of power exposes the law!
रायपुर / बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें शादी समारोह के दौरान खुलेआम फायरिंग होती दिखाई दे रही है. वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें बिलासपुर निवासी एक सरकारी कर्मचारी अपनी पत्नी के साथ हथियार से फायरिंग करता नजर आ रहा है.
बताया जा रहा है कि वीडियो कुछ दिन पुराना है. वायरल फुटेज में एक व्यक्ति पहले खुद फायरिंग करता दिखाई देता है. फिर अपनी पत्नी से भी हथियार चलवाता नजर आता है. समारोह के बीच खुलेआम हथियार लहराने और फायरिंग किए जाने से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
सूत्रों के मुताबिक वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति का नाम ऋतुपर्ण सिंह बताया जा रहा है. जो बिलासपुर के जरहाभाटा हाई स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर पदस्थ है. वहीं उनकी पत्नी मोनिका सिंह अकलतरा क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति कोटमी सोनार में प्राधिकृत अधिकारी (अध्यक्ष) बताई जा रही हैं. मिली जानकारी के मुताबिक VIP रोड आमोरा पार्क से निकली यह बारात महादेव घाट के रॉयल क्लब गई थी.
सूत्रों और मीडिया में वायरल खबरों के मुताबिक ऋतुपर्ण सिंह को अकलतरा क्षेत्र के एक भाजपा नेता और पूर्व विधायक का संरक्षण प्राप्त है. जिसके चलते उन पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने की बातें कही जा रही हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान खुलेआम हथियार से फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक पुलिस की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई. वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं. हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान खुलेआम हर्ष फायरिंग होती रही. और पुलिस प्रशासन पूरी तरह खामोश क्यों रहा? क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है? क्या राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्रवाई दबाई जा रही है? वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रसूखदार लोगों के हाथों में हथियार और सत्ता का संरक्षण कब तक कानून व्यवस्था को चुनौती देता रहेगा.
नोट : यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है. वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि हम नहीं करते है.
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