गणेश विसर्जन के दौरान नदी में बहे 2 बच्चे, रायपुर में नाली में पिता के सामने बहा मासूम, बारिश से बिगड़े हालात, पार्षद के भाई लखन वाधवानी ने अयान खोज निकाला
Two children were swept away in a river during the Ganesh Visarjan; in Raipur, a young child was washed into a drain right before his father's eyes amidst conditions worsened by rain; the child, Ayaan, was eventually found by Lakhan Wadhwani, the brother of a local councilor.
रायपुर-बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार को कई जिलों में हालात बिगड़ गए. कहीं नदी-नाले उफान पर हैं, तो कहीं सड़कें और बस्तियां पानी में डूब गई हैं. इस बीच बिलासपुर में अरपा नदी में गणेश विसर्जन के दौरान 2 बच्चे बह गए. वहीं, राजधानी रायपुर के बोरियाखुर्द इलाके में पिता के सामने ही नाली बहने से एक सात साल के मासूम की मौत हो गई.
दरअसल, बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। बस्तर से लेकर बिलासपुर, रायपुर, धमतरी और कवर्धा तक बारिश का असर देखने को मिला है.
बिलासपुर में गणेश विसर्जन करने के दौरान हादसा
बिलासपुर के दयालबंद इलाके में शनिवार को गणेश विसर्जन के दौरान अरपा नदी में दो बच्चे तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. परिजन और आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की. लेकिन नदी का बहाव तेज होने की वजह से उन्हें फौरन नहीं खोजा जा सका.
मिली जानकारी के मुताबिक दोपहर में गणेश विसर्जन कार्यक्रम के दौरान मधुबन अटल आवास निवासी आयान अंसारी उम्र 12 साल और इमरेश मोहल्ले उम्र 16 साल के पास बहने वाली अरपा नदी में नहाने के लिए गए थे। दोनों नदी में नहा रहे थे. इसी दौरान वे नदी के ऐसे हिस्से में चले गए, जहां पानी ज्यादा गहरा था और गड्ढा बना हुआ था.
गहरे पानी में पहुंचने के बाद दोनों बच्चों का संतुलन बिगड़ गया. इसके बाद दोनों पानी के बहाव की चपेट में आ गए और बहने लगे. बच्चों को बहता देखकर आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की. लेकिन कुछ ही देर में दोनों नदी के पानी में लापता हो गए. घटना की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन और आसपास रहने वाले लोग बड़ी तादाद में अरपा नदी के किनारे पहुंच गए. स्थानीय लोगों और परिचितों ने अपने स्तर पर दोनों बच्चों की तलाश शुरू की. इस बीच घटना की खबर सिटी कोतवाली पुलिस को दी गई.
खबर मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी लेने के बाद बच्चों की तलाश शुरू कराई. नदी में बच्चों का पता नहीं चलने पर SDRF की टीम को भी बुलाया गया. टीम ने नदी के उन संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की. जहां बच्चों के बहकर पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी.
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसे की जानकारी दिए जाने के काफी देर बाद तक गोताखोर नहीं पहुंचे थे. बताया गया कि करीब सवा घंटे बाद भी गोताखोरों के नहीं पहुंचने की वजह से परिजनों और मोहल्लेवासियों में आक्रोश था. हालांकि बाद में SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर नदी में तलाश अभियान शुरू किया. पुलिस और SDRF की टीम नदी में अलग-अलग स्थानों पर करीब 7 घंटे तक नदी में बच्चों की तलाश करती रही. लेकिन दोनों बच्चों का पता नहीं चल सका.
इसी दौरान वार्ड नम्बर 50 के पार्षद जय वाधवानी के छोटे भाई लखन वाधवानी को घटना की जानकारी मिली. उन्होंने बिना देर किए अपने 5–6 साथियों के साथ मौके पर पहुंचकर अपनी टीम को बच्चों की तलाश में लगा दिया.
लखन वाधवानी की टीम ने नदी में उतरकर तलाश शुरू की. लगातार प्रयास के बाद टीम को एक बच्चे अयान अंसारी को नदी से बाहर निकालने में कामयाबी मिली. लेकिन तब तक उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
बचाव अभियान में राम, प्रमोद केवट, नर्मदा केवट, धनंजय केवट, आदित्य केवट और भोलू केवट ने भी मददकी. अंधेरा होने की वजह से लखन वाधवानी और उनकी टीम को घटनास्थल से वापस लौटना पड़ा. दूसरे लापता बच्चे की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में अभियान चला रही है. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है.
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दुसरा मामला
पानी में पैर धो रहा था बच्चा, पिता के सामने ही बह गया
रायपुर : टिकरापारा थाना क्षेत्र के श्रद्धा विहार में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया. तेज बारिश के बाद उफनते नाले को देखने गए 7 साल के बच्चे की पानी के तेज बहाव में बहने से मौत हो गई. बच्चा नाले के पास पैर धो रहा था. तभी अचानक पानी का बहाव तेज हुआ और वह नाले में गिरकर बह गया. घटनास्थल से करीब 20 मीटर दूर स्थानीय लोगों ने बच्चे को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया. लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
मिली जानकारी के मुताबिक श्रद्धा विहार निवासी लक्ष्मी नारायण पवार शनिवार सुबह अपने 7 वर्षीय जुड़वां बच्चों त्रिवेंद्र और तुसिता के साथ डूमरतराई इलाके की तरफ निकले थे. लगातार बारिश की वजह से इलाके की नाले में काफी पानी भरा हुआ था. दोनों बच्चे बारिश के बाद नाला देखने की जिद कर रहे थे. जिसके बाद पिता उन्हें अपने साथ लेकर गए थे. सुबह करीब 10:40 बजे लक्ष्मी नारायण दोनों बच्चों के साथ रिंग रोड स्थित कमल होटल के पास पहुंचे. वहां नाले में तेज पानी बह रहा था. लक्ष्मी नारायण बच्चों को पास खड़ा कर नाले को देख रहे थे.
इसी दौरान त्रिवेंद्र शास्वत नगर नाले के पास पैर धोने लगा. करीब 11 बजे अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और त्रिवेंद्र का संतुलन बिगड़ गया. वह नाले में गिर गया और तेज बहाव के साथ बहने लगा. बेटे को पानी में बहता देखकर पिता ने उसे बचाने का प्रयास किया और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी. इस दौरान वे बेटी तुसिता को संभालते हुए बेटे को तलाशते रहे. घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों ने त्रिवेंद्र को पानी में बहते देखा.
लोगों ने बच्चे को नाले से बाहर निकाला. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो चुकी थी. घटना की जानकारी मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली.
लक्ष्मी नारायण के दोनों बच्चे जुड़वां हैं. बेटे का नाम त्रिवेंद्र और बेटी का नाम तुसिता है. लगातार हो रही बारिश के बाद दोनों बच्चे नाले को देखने की जिद कर रहे थे. इसी दौरान पिता दोनों को लेकर वहां पहुंचे और यह हादसा हो गया. हादसे की खबर मिलते ही पवार परिवार के सदस्य और रिश्तेदार अस्पताल तथा घटनास्थल पर पहुंचे. सात वर्षीय त्रिवेंद्र की मौत से परिवार में मातम छा गया. परिजन इस घटना से सदमे में हैं.
महादेवघाट में बढ़ा खारुन नदी का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है. महादेवघाट के पास पानी पुल के ऊपर से बहने की स्थिति में पहुंच गया. नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. डिपरपारा, शक्तिघाट, चंदनडीह और श्रीलंका नगर इलाके के करीब 120 परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को भी स्थिति सामान्य होने तक रोक दिया गया.
बस्तर में भी बाढ़ जैसे हालात, धमतरी में कार तेज बहाव में फंसी
बस्तर संभाग में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं. प्रशासन की तरफ से राहत और बचाव के लिए 9 राहत शिविर बनाए गए हैं. जहां 380 से ज्यादा लोगों को शिफ्ट किया गया है. बारिश के कारण कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है. कुछ इलाकों में पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण रास्ते बंद किए गए हैं.
धमतरी जिले में भी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है. एक पुल पर पानी के तेज बहाव के दौरान कार बहने लगी. कार में सवार दो लोगों ने किसी तरह शीशा तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. गंगरेल बांध से भी पानी छोड़े जाने के कारण आसपास के इलाकों में नदी का जलस्तर बढ़ा है.
कई सड़कें और परिवहन सेवाएं प्रभावित
बारिश के कारण प्रदेश में सड़क और परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. रायपुर-जगदलपुर मार्ग के काकड़ी घाट इलाके में पानी भरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ. बस्तर क्षेत्र में कुछ यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया है. वहीं जगदलपुर से हैदराबाद जाने वाली उड़ान भी प्रभावित हुई. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अमरकंटक जाने वाले मार्ग पर भूस्खलन के कारण आवागमन बाधित हुआ है.
प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में 1190.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 1128.2 मिलीमीटर मानी जाती है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 6 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है. लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने की अपील की है.
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