गजराज का आतंक, दंतैल हाथी ने 30 वर्षीय युवक को सूंड से पटका, पैर से कुचला, गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर किया चक्काजाम

The elephant's tusker struck a 30-year-old man with its trunk and crushed him with its feet. Angry family members and villagers blocked the road by placing the body on the road.

गजराज का आतंक, दंतैल हाथी ने 30 वर्षीय युवक को सूंड से पटका, पैर से कुचला, गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर किया चक्काजाम

सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर-सरगुजा सीमा पर स्थित ग्राम कोटबहरा में बुधवार की रात एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. जहां एक दंतैल हाथी ने काम से घर लौट रहे 28 साल के युवकको अपनी सूंड से पटककर कुचल दिया. इस दिल दहला देने वाली घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया. जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है.
मिली जानकारी के मुताबिक कोटबहरा गांव निवासी केशव उम्र 30 साल हर दिन की तरह काम खत्म कर शाम को अपने घर लौट रहा था. घर पहुंचने के लिए वह मुख्य मार्ग छोड़कर पगडंडी के रास्ते जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में अचानक एक जंगली हाथी से उसका सामना हो गया. हाथी ने केशव पर हमला कर दिया और उसे पटक-पटक कर बुरी तरह कुचल दिया. अंधेरे का फायदा उठाकर अचानक सामने आए हाथी से बचने के लिए केशव ने दौड़ भी लगाई, लेकिन गजराज के गुस्से के आगे उसकी जान नहीं बच सकी. हाथी के हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि केशव की मौके पर ही मौत हो गई.
प्रदर्शनकारी स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदेश की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को मौके पर बुलाने और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे. हालात की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल और एसडीओपी अभिषेक पैकरा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की.
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये नकद और 15 दिनों के भीतर 6 लाख रुपये की सरकारी मुआवजा राशि दिलाने का आश्वासन दिया.
इसके साथ ही मृतक की पत्नी को वन विकास समिति में 6 हजार रुपये मासिक मानदेय पर नौकरी देने और बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी शासन द्वारा उठाने के वादे के बाद चक्काजाम खत्म हुआ.
वन विभाग ने कबूल किया कि प्रतापपुर इलाके में विचरण कर रहे सात हाथियों के दल में से एक हाथी भटक कर कोटबहरा पहुंचा था. जिसकी सटीक निगरानी न हो पाने की वजह से ही ग्रामीणों को समय पर अलर्ट नहीं मिल सका. वर्तमान में हाथियों का दल खड़गवां के रमेश्वरपुर में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे महुआ बीनने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है.
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