फर्जी पहचान से संयुक्त कृषि भूमि की रजिस्ट्री, भाई की जगह दूसरे को खड़ा कर 1.23 हेक्टेयर जमीन बेचा, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR, दो आरोपी गिरफ्तार

Registration of jointly owned agricultural land using a fake identity; 1.23 hectares of land sold by substituting another person for the actual brother; FIR registered following a court order; two accused arrested.

फर्जी पहचान से संयुक्त कृषि भूमि की रजिस्ट्री, भाई की जगह दूसरे को खड़ा कर 1.23 हेक्टेयर जमीन बेचा, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR, दो आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग : दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हली में संयुक्त कृषि भूमि की कथित फर्जी रजिस्ट्री के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. असल हिस्सेदार संजय कुमार की जगह दूसरे व्यक्ति को संजय कुमार बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई. गिरफ्तार आरोपियों में दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे शामिल हैं. यह मामला खसरा नंबर 854/1 की 1.23 हेक्टेयर कृषि भूमि से जुड़ा है.
2021 में हुई जमीन की रजिस्ट्री
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कुम्हली की जमीन संजय कुमार और उनके भाई ईश्वर दास के संयुक्त नाम पर दर्ज थी. दोनों का जमीन में बराबर हिस्सा था. 14 जुलाई 2021 को इस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई. उस समय संजय कुमार महाराष्ट्र के नागपुर में अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे. उन्होंने अपनी उपस्थिति साबित करने के लिए विभाग से मिले ड्यूटी संबंधी दस्तावेज भी अदालत में पेश किया.
असली हिस्सेदार की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक ईश्वर दास ने कथित तौर पर संजय कुमार की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर जमीन की बिक्री कराई. विक्रय पत्र में दिलीप बंजारे को क्रेता और कन्हैया बंजारे को गवाह बनाया गया था. शिकायतकर्ता ने मामले में अपने भाई ईश्वर दास समेत दिलीप बंजारे, उनकी पत्नी परागा बंजारे, कन्हैया बंजारे, मदन लाल डहरे और उप पंजीयक पाटन को पक्षकार बनाया था.
थाने से लेकर एसपी-कलेक्टर तक की थी शिकायत
परिवादी संजय कुमार के मुताबिक, रजिस्ट्री के बाद उन्होंने पंजीयन कार्यालय पाटन में 1 सितंबर 2021 को विक्रय विलेख पर रोक लगाने के लिए आवेदन दिया था. इसके बाद पाटन थाना, एसपी दुर्ग और कलेक्टर के समक्ष भी शिकायत की गई. कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का सहारा लिया.
कोर्ट के आदेश पर 2023 में दर्ज हुई FIR
इस मामले में 2 फरवरी 2023 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाटन ने धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत पुलिस को जुर्म दर्ज कर जांच के निर्देश दिए. इसके बाद पाटन थाने में अपराध क्रमांक 42/2023 दर्ज किया गया. पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 भादवि के तहत जांच शुरू की.
नामांतरण को लेकर भी सामने आया विवाद
शिकायत के मुताबिक रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण कराने के लिए भी आवेदन किया गया था. नायब तहसीलदार जामगांव (आर) की अदालत में इस बारे में कार्रवाई हुई और 30 मार्च 2022 को नामांतरण के प्रमाणीकरण को लेकर आदेश पारित किया गया. इसके खिलाफ अपर कलेक्टर दुर्ग के सामने पुनरीक्षण आवेदन भी पेश किया गया था.
ईश्वर दास पहले ही गिरफ्तार, दो आरोपी फरार थे
मामले में आरोपी ईश्वर दास को 7 जून 2026 को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है. वहीं दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे घटना के बाद से फरार थे. पुलिस लगातार दोनों की तलाश कर रही थी. संभावित ठिकानों पर निगरानी के बाद दोनों को 19 अगस्त 2026 को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया.
क्रेता और गवाह की भूमिका में थे दोनों आरोपी
गिरफ्तार दिलीप बंजारे उम्र 51 साल निवासी सिरसाकला और कन्हैया बंजारे उम्र 52 साल निवासी भिलाई-3 पर कथित फर्जी बिक्री प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप है. दिलीप को विक्रय दस्तावेज में क्रेता और कन्हैया को गवाह बनाया गया था. दोनों ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर असल हिस्सेदार की पहचान के गलत इस्तेमाल के जरिए जमीन की बिक्री में मदद की.
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. पाटन पुलिस अब कथित फर्जी पहचान, रजिस्ट्री के दस्तावेज, नामांतरण प्रक्रिया और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है.
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