ऑपरेशन साइबर शील्ड को मिली बड़ी कामयाबी, सात आरोपी गिरफ्तार होकर पहुंचे सलाखों के पीछे, 300 से ज्यादा फर्जी सिम का खुलासा
Operation Cyber Shield achieves major success, seven suspects arrested and sent behind bars; over 300 fake SIM cards exposed
रायपुर : रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय रायपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो वेस्ट बंगाल, दुर्ग, बलौदा बाजार और रायपुर से पकड़े गए हैं. यह नेटवर्क लंबे समय से फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराकर साइबर अपराधों को बढ़ावा दे रहा था.
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों द्वारा बेचे गए सिम कार्ड म्यूल बैंक अकाउंट, टेलीग्राम रिव्यू टास्क, ऑनलाइन जॉब फ्रॉड, फेक सोशल मीडिया फ्रॉड, शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी और कम कीमत पर सामान बेचने के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों में उपयोग किए जा रहे थे. इन मामलों में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के कई पीड़ितों से लाखों रुपये की ठगी की गई है.
थाना माना (ग्रामीण) में दर्ज अपराध क्रमांक 300/25 में 20.28 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी सामने आई है, जिसमें इंडसइंड बैंक के म्यूल अकाउंट और मोबाइल सिम की संलिप्तता पाई गई. वहीं थाना आजाद चौक में दर्ज अपराध क्रमांक 283/25 में 6.42 लाख रुपये की धोखाधड़ी दर्ज की गई है. जिसमें साउथ इंडियन बैंक के म्यूल अकाउंट और सिम का उपयोग हुआ है. दोनों मामलों की जांच रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा की जा रही है.
तकनीकी जांच, सिम सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त डेटा, पीड़ितों के बयान और पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस ने बताया कि आरोपी नया सिम लेने वाले ग्राहकों के डबल थंब स्कैन और आई ब्लिंक ई-केवाईसी सिस्टम का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम सक्रिय करते थे. इसके अलावा आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी का गलत उपयोग कर भी फर्जी सिम जारी किए जाते थे. इन सिम कार्डों को अधिक कीमत पर साइबर अपराधियों को बेचा जाता था.
गिरफ्तार आरोपियों में सुदीप्त सासमल, शिवनारायण साहू, जयंत लहरी, मनीष आहूजा, कैलाश प्रताप सिंह, सुधीर जैन और विनोद वर्मा शामिल हैं. ये सभी अलग-अलग मोबाइल शॉप और पॉइंट ऑफ सेल (POS) एजेंट के रूप में काम कर रहे थे और VI, जियो और एयरटेल के सिम कार्ड की अवैध बिक्री में शामिल थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से 300 से ज्यादा फर्जी और प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड से जुड़ी अहम जानकारी भी बरामद की है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और फर्जी सिम कार्ड का उपयोग देश भर में साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने पहले गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधियों को भी सिम उपलब्ध कराए थे. पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देशन में यह अभियान लगातार जारी है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है.
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