गैस सिलेंडर की महंगाई पर कांग्रेस का हल्लाबोल: उपमुख्यमंत्री के दौरे के बीच तिरंगा चौक बना रणक्षेत्र, केंद्र-राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन

Congress protests over gas cylinder prices: Tiranga Chowk turns into a battleground during Deputy Chief Minister's visit, with protests against the central and state governments.

गैस सिलेंडर की महंगाई पर कांग्रेस का हल्लाबोल: उपमुख्यमंत्री के दौरे के बीच तिरंगा चौक बना रणक्षेत्र, केंद्र-राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन

गरियाबंद : जिला मुख्यालय रविवार को राजनीतिक हलचल और भारी गहमागहमी का केंद्र बना रहा. एक ओर नगरपालिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी थी, तो दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने रसोई गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया. तिरंगा चौक और जय स्तंभ चौक पूरे दिन राजनीतिक नारों, पुलिस की सख्त निगरानी और कार्यकर्ताओं की भीड़ से गरमाया रहा.
प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जिला कांग्रेस और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने रसोई गैस की मूल्य वृद्धि के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे आम जनता के हित की लड़ाई बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर महंगाई रोकने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया.
“महंगाई कम करो, गैस सिलेंडर के दाम वापस लो” के नारों से गूंजा शहर
जिला कांग्रेस भवन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए। सभी के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “महंगाई कम करो”, “गैस सिलेंडर के दाम वापस लो”, “जनविरोधी सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारे लिखे थे. कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए तिरंगा चौक की ओर रैली निकाली.
हालांकि उपमुख्यमंत्री के दौरे और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था. कांग्रेस की रैली को जय स्तंभ चौक पर ही रोक दिया गया. जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
उपमुख्यमंत्री के दौरे के बीच बढ़ा सियासी तापमान
सबसे दिलचस्प और तनावपूर्ण स्थिति यह रही कि जिस स्थान पर कांग्रेस प्रदर्शन कर र. थी, वहां से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर उपमुख्यमंत्री का सरकारी कार्यक्रम प्रस्तावित था. इससे प्रशासन और पुलिस के लिए स्थिति और संवेदनशील हो गई.
तिरंगा चौक, जय स्तंभ चौक और कार्यक्रम स्थल के आसपास पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
“घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है” — कांग्रेस
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दामों ने गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है. आज स्थिति यह हो गई है कि आम आदमी के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो रहा है.
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार केवल बड़े-बड़े वादे कर रही है. जबकि आम जनता महंगाई की मार से कराह रही है. रसोई गैस जैसी बुनियादी जरूरत की वस्तु भी अब आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है.
नेताओं ने कहा कि तिरंगा चौक को विरोध का केंद्र इसलिए चुना गया ताकि सत्ता के गलियारों तक जनता की आवाज सीधे पहुंचे और सरकार को यह एहसास हो कि महंगाई अब सिर्फ आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन का सबसे बड़ा संकट बन चुकी है.
पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा टकराव
उपमुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन ने शहर का सियासी पारा बढ़ा दिया. सुरक्षा एजेंसियों को घंटों तक हालात पर नजर रखनी पड़ी. हालांकि पुलिस की सतर्कता और प्रशासन की तैयारी के चलते कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई.
प्रदर्शन के दौरान पवन सोनकर, रमेश शर्मा, सन्नी मेमन, नीरज ठाकुर (प्रभारी महामंत्री), छगन यादव, अमित मिरी, प्रेम सोनवानी, रमीज़ राजा, जुनैद खान, चंद्रभूषण चौहान, चेतन सिन्हा, रामनारायण साहू, रमेश वर्मा, योगेश्वरी साहू, हेमलता सिन्हा, पदमा यादव, प्रकाश कोमर्रा, अहसान मेमन, अनीश मेमन, घनश्याम ओगरे, भुनेश्वर सिन्हा, बुढ़ान सिंह ठाकुर, प्रहलाद यादव, नरेंद्र सिन्हा सहित बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.
जनता के मुद्दों पर सड़क पर कांग्रेस
इस विरोध प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतें आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने जा रही हैं. कांग्रेस ने संकेत दे दिए हैं कि अगर सरकार ने जल्द राहत नहीं दी तो आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है.
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