BJP MLA और मंत्री के बीच नोंक झोंक, भ्रष्टाचार का आरोप, पांच अधिकारी सस्पेंड, रायपुर में 16 किमी लंबी पाइपलाइन, 805 करोड़ का अनुपूरक बजट
Clash between BJP MLA and minister, corruption allegations, five officers suspended, 16 km long pipeline in Nava Raipur, supplementary budget of Rs 805 crore
805 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पारित
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 805 करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट पेश किया. इस पर पक्ष विपक्ष की चर्चा के बाद बहुमत के आधार पर इसे पारित कर दिया गया. इस अनुपूरक बजट में हवाई सेवा के लिए 25 करोड़, स्वास्थ्य के लिए 50 करोड़ समेत आम जनता की तरक्की के लिए बड़ी राशि का प्रावधान रखा गया. मंगलवार 17 दिसंबर को विधानसभा में 805 करोड़, 71 लाख, 74 हजार, 286 रुपए का अनुपूरक बजट कई मदों के लिए पेश किया था.
109 करोड़ की लागत से बिछाई जाएगी 16 किमी लंबी पाइपलाइन
रायपुर : आने वाले 25 साल तक नवा रायपुर अटल नगर के लोगों को लिए निर्बाध पेयजल की सप्लाई। भविष्य में भूमिगत जल में कमी और बढ़ती आबादी की मांग के मुताबिक पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नवा रायपुर विकास प्राधिकरण ने अपनी तैयारियां शुरु कर दी हैं
इसके लिए अभनपुर के पास कोड़ापार से थनौद टीला एनीकट तक एक नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. यह पाइप लाइन 16 किमी लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग 109 करोड़ रुपए होगी. नवा रायपुर अटल नगर में टीला एनीकट से पानी की सप्लाई होती है. लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की कमी होने से एक प्राकृतिक खुली नहर के द्वारा कोड़ापार से थनौद तक पानी की आपूर्ति की जाती है. कोड़ापार तक पानी रविशंकर जलाशय से आता है. कोड़ापार से थनौद तक खुली नहर की दूरी लगभग 25 किमी है. इतनी लंबी दूरी तक खुली नहर के जरिए छोड़ने पर काफी तादाद में पानी का नुकसान हो जाता है. खुली नहर की वजह से पानी की वास्तविक क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता है.
नवा रायपुर के लोगों को पानी की दिक्कत न हो और साथ ही पानी का नुकसान भी न हो इसके लिए प्राकृतिक नहर के स्थान पर पाईपलाइन के जरिए नहर का पानी नया रायपुर अटल नगर तक पहुंचाया जाएगा. पाइप लाइन बिछाने से कोड़ापार से थनौद तक की दूरी भी कम होगी और बिना किसी नुकसान से अपनी वास्तविक क्षमता में पानी थनौद तक पहुंचेगा. इस परियोजना के अमल में आने और पूरा हो जाने से भविष्य में शहर के नागरिकों को पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.
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विधानसभा में एमएलए अजय चंद्राकर और मंत्री विजय शर्मा के बीच इस सवाल पर हुई गरमागरम बहस
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्रकर और गृह मंत्री विजय शर्मा के बीच गरमागरम बहस हुई. यह सवाल जिला निर्माण समिति से दंतेवाड़ा में हुए सड़क निर्माण को लेकर था. सवाल-जवाब के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि भ्रष्टाचार छिपा रहे हैं ….मंत्री विजय शर्मा ने इस ममले में पांच अधिकारियों के खिलाफ करवाई और ठेकेदार से वसूली के साथ ही एफआीआर किए जाने की बात कही. बहस के दौरान स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि धीरे बोलने से भी सब सुन लेटे हैं. इसीलिए माइक लगाया गया है. उन्होने दोनों पक्षों से टोन नीचे कर अपनी बात रखने कहा.
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने जिला निर्माण समिति दंतेवाड़ा के अंतर्गत डीएमएफ मद से स्वीकृत सड़क निर्माण के बारे में सवाल किया था. उन्होंने पूछए था कि जिला निर्माण समिति दन्तेवाड़ा के तहत डीएमएफ मद से स्वीकृत प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत कोर कोटी सड़क निर्माण कार्य और ग्राम हीरोली से हेल्थ सेंटर तक पहुंच मार्ग का टेंडर/ रिटेंडर कब-कब हुआ इसकी लागत कितनी है? कार्य आदेश कब हुआ? और इसकी एजेंसी व प्रोपराइटर का नाम पता साहित बताएं पूर्ण. इस योजना अंतर्गत मिट्टी कार्य अनुबंध के तहत कितने घन मीटर की दर से किया गया जाना था? कितने दर से किया गया?
उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या उक्त सड़क निर्माण अंतर्गत अनियमिता के बारे में शिकायत मिली है. अगर हां तो क्या अनियमितता पाई गई? और उसके जिम्मेदार कौन है? उन पर क्या कार्यवाही किन के द्वारा की गई?
गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया कि यह काम प्रधानमंत्री ग्राम योजना के अंतरगत डीएमएफ फंड में स्वीकृत नहीं है. बल्कि यह काम जिला निर्माण समिति को विशेष केंद्रिय सहायता मद में स्वीकृत है. आईएस निर्माण में शिकायत मिली है. जिसकी जांच कलेक्टर दंतेवाड़ा की तरफ से विभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम से कराई गई है.
अनूपूरक प्रश्न करते हुऎ अजय चंद्रकर ने जानना चाहा कि क्या मैप बुक में जितना काम दर्ज है? उससे ज्यादा भुगतान किया गया है? जवाब में मंत्री ने बताया कि भुगतान कम किया गया है. ठेकेदार से दो करोड़ एक लाख रुपए की वसूली की कार्यवाही की जा रही है.
बहस के बीच अजय चंद्रकर ने कहा कि एमबी से ज्यादा भुगतान नहीं किया गया है. फिर क्यों वसूली की जा रही है? ।क्या भ्रष्टाचार को छिपा रहे हैं? इस पर सदन में हो हल्ला होने लगा.
इस बीच मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि तात्कालीन ई ई अनिल राठौर सेवानिवृत्त हो गए हैं. उनके खिलाफ जांच की जा रही है. कार्यपालन यंत्री दामोदर सिंह सिदार एसडीओ तारेश्वर दीवान व सहायक अभियांता आर बी पटेल को निलंबित कर विभागीय जांच कराई जाएगी. एक अभियांता का निधन हो गया है. उप अभियंता राविकांत सराथी को निलंबित किया जा चुका है. ठेकेदार से वसूली की करवाई की जा रही है और एफआईआर का आदेश हो गया है.
तीखी बहस और हंगामा के बीच स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रश्व काल में आप सभी मंत्री से सवाल कर रहे हैं. मंत्री आपको जवाब दे रहे हैं. माइक इसीलिए लगा है कि बहुत धीरे बोलने से भी सब सुन लेते हैं. इसलिए दोनों से आग्रह है कि टोन नीचे करें. उन्होने यह भी कहा कि सवाल छोटे करें. आरोप- प्रत्यारोप लगाने की जरुरत नहीं है.
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अस्पतालों में फायर सेफ्टी के मामले को लेकर सत्ता पक्ष के ही विधायक ने घेरा
रायपुर : प्रदेश में संचालित शासकीय एवं निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी का मामला विधानसभा में गूंजा. सत्ता पक्ष की तरफ से ही किए गए सवालों से स्वास्थ्य मंत्री जमकर घिरे. भाजपा विधायक ने पूछा कि वर्तमान में कितने अस्पतालों का फायर ऑडिट हुआ है? जिस पर विभागीय मंत्री ने जल्द ही सभी अस्पतालों का फायर ऑडिट कराने की घोषणा सदन में की.
भाजपा विधायक धरमजीत सिंह ने प्रश्नकाल में यह मामला उठाते हुए सरकार से पूछा कि वर्तमान में प्रदेश में कितने पंजीकृत अस्पताल है? और उनमें से कितने का फायर ऑडिट किया गया है? जहां फायर सुरक्षा नहीं है उन अस्पतालों पर क्या कार्रवाई की गई है?
भाजपा विधायक ने सदन में यह भी बताया कि फायर ऑडिट का प्रमाणपत्र सिर्फ दो हजार रुपए में मिल जाते हैं. उन्होंने विभागीय मंत्री से पूछा कि क्या अगले दो महीने में सभी अस्पतालों का फायर ऑडिट कराकर जहां इसका पालन नहीं किया उस पर कार्रवाई करेंगे?
जवाब में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में 1129 अस्पतालों के पंजीकरण होने की जानकारी देते हुए कहा कि फायर ऑडिट उनके विभाग का मामला नहीं है. यह गृह विभाग के अधीन आता है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि नर्सिंग एक्ट में संशोधन कर क्या निजी अस्पतालों को फायर सेफ्टी के दायरे में लाया जाएगा. इसके जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने आगामी दिनों सभी निजी अस्पतालों का का फायर ऑडिट कराने की घोषणा सदन में की.
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रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया शुभारंभ
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर हवाई सेवा का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर शुभारंभ किया. साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. रायपुर-अंबिकापुर-बिलासपुर विमान सेवा का शुभारंभ हमारे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार का प्रतीक है. इस सेवा का आरंभिक किराया मात्र 999 रुपये है. जो यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता भी हवाई यात्रा का लाभ उठा सके.
सरगुजा और बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों की एयर कनेक्टिविटी से न केवल नागरिकों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इन क्षेत्रों में टूरिज्म और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। राज्य सरकार ने 80 करोड़ की लागत से अंबिकापुर के एयरपोर्ट का विकास किया है . माँ महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर को थ्री सी वीएफआर श्रेणी का लाइसेंस प्राप्त हुआ है. यह एयरपोर्ट 72-सीटर एटीआर-72 विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है.
अंबिकापुर को वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली और कोलकाता से जोड़ने की योजना पर भी काम जारी है. फ्लाई बिग चार्टर कंपनी 19-सीटर ट्विन औटर विमानों के माध्यम से इन शहरों के लिए सेवाएं देगी.
विमान टेकऑफ़ को वाटर सेल्यूट दिया गया. आज प्रारंभ हुई विमान सेवा के पहले यात्री के रूप में सांसद श्री चिंतामणि महाराज सपत्नीक सवार हुए. जिनको मुख्यमंत्री ने बोर्डिंग पास देकर कहा कि आज आपने इतिहास बना दिया. आप इस रुट के पहले यात्री है. आपको शुभकामनाएं.
विधानसभा में नगर पालिका विधेयक पारित, विधायकों का भत्ता भी किया दोगुना
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में नगर पालिक विधेयक पारित हो गया है. महापौर और नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रत्यक्ष रुप से होगा.
इसी के साथ नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराये जाएंगे. साथ ही नगरीय निकाय में कार्यपाल पूरा होने पर 6 महीने के लिए प्रशासक नियुक्त किये. राज्य सरकार को विधेयक में संसोधन का अधिकार है. समय पर चुनाव कराने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह से तैयार है. नगर पालिका संसोधन विधेयक सभी स्थितियों को ध्यान में रखकर लाया गया है.
वहीं, विधायकों का भत्ता भी बढ़ दिया गया है। एक हजार की जगह अब विधायकों को 2 हजार भत्ता दिया जाएगा. यह संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से विधानसभा में पास किया गया है.
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दलहन, तिलहन और गेहूं पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में पूर्णतः छूट
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दलहन, तिलहन तथा गेहूं पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक पूर्णतः छूट प्रदान की है. राज्य सरकार इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों और दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों तथा व्यापारियों को सीधा फायदा मिलेगा.



