बीजेपी विधायक ने कहा- ‘पुलिस और वकीलों के बच्चे अपाहिज होते हैं’, बयान से छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल, वायरल वीडियो पर मचा बवाल, मांगी माफी

BJP MLA says, "Children of police and lawyers are born disabled"; statement sparks political upheaval in Chhattisgarh and a furore over a viral video; apology issued.

बीजेपी विधायक ने कहा- ‘पुलिस और वकीलों के बच्चे अपाहिज होते हैं’, बयान से छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल, वायरल वीडियो पर मचा बवाल, मांगी माफी

रायपुर : सूरजपुर जिला के भाजपा की प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते के विवादित बयान के मामले में अब नया मोड़ आ गया है. सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद अब वह हाथ जोड़कर माफी मांगती नजर आ रही हैं.
पीड़ित परिवार के बीच बातचीत के दौरान विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि वकील और पुलिस मुजरिमों को बचाने का काम करते हैं. इसलिए उनके बच्चे विकलांग पैदा होते हैं. यह उनके कर्मों का फल है. भगवान सब कुछ देखता है और ऐसे लोगों को इसी तरह की सजा देता है. विधायक का यह बयान सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है.
दरअसल यह पूरा विवाद केवरा गांव में हुए एक भाजपा नेता के अपहरण और हत्याकांड के बाद शुरू हुआ था. पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचीं विधायक संवेदनाएं जताने के बजाय सीधे पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती दिखीं. मुलाकात के दौरान उन्होंने सार्वजनिक तौर पर बयान दिया कि पुलिस और वकील ही अपराधियों को बचाने का काम करते हैं. जिससे उनके बच्चे विकलांग होते हैं.
क्या है पूरा मामला?
वहीं, उन्होंने मौके पर मौजूद थाना प्रभारी को FIR दर्ज करने का पाठ पढ़ाया और निर्देश दिए कि मामले में जातिगत गाली-गलौज की धाराएं जोड़ी जाएं. इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस को खुली छूट देते हुए सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर हवालात में बेरहमी से पीटने तक की बात कही. इसके अलावा उन्होंने हत्या के पीछे सीधे तौर पर कांग्रेसी नेताओं का हाथ होने का आरोप लगाया था. लेकिन मृतक के परिजनों ने विधायक के सामने ही साफ कर दिया कि इस जघन्य हत्याकांड में सिर्फ कांग्रेसी ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी पार्टी भाजपा से जुड़े लोग भी बराबर के शामिल हैं. परिजनों के इस खुलासे और वकीलों पर दिए गए बयानों के बाद जब विधायक चौतरफा घिर गईं. तब जाकर उन्होंने यह माफीनामा वाला वीडियो जारी किया है.
विधायक के विवादित बयान के बाद्द वकीलों और पुलिस महकमे में नाराजगी देखने को मिल रही है. विधायक के इस बयान की जिला बार एसोसिएशन ने कड़ी निंदा की है. बार काउंसिल के अध्यक्ष अधिवक्ता बलराम शर्मा ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को इस तरह का आपत्तिजनक और अमर्यादित बयान नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वकील न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इस तरह का बयान पूरे अधिवक्ता समाज का अपमान है.
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता बलराम शर्मा ने बताया कि इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक सूरजपुर से की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग भी की जाएगी. विधायक के बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है.
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