एक गिरफ्तारी से थाने में दंगल, सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भारी बवाल, ग्रामीणों ने घेरा थाना, ग्रामीणों संग कई घंटे धरने पर बैठे विधायक
Arrest sparks a commotion at the police station; massive uproar over a no-confidence motion against the Sarpanch; villagers lay siege to the station, and an MLA joins them in a sit-in protest lasting several hours.
रायगढ़ : रायगढ़ जिला में खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तारापुर में सरपंच के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विवाद अब सड़क से थाने तक पहुंच गया है. ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन पर पंचों पर कथित रूप से दबाव बनाने और उन्हें धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं. मामले को लेकर शुक्रवार सुबह से ही बड़ी तादाद में ग्रामीण कोतरा रोड थाने के सामने जमा हुए और गिरफ्तार किए गए उप सरपंच राजीव डनसेना को फौरन रिहा करने की मांग की. विधायक उमेश पटेल भी थाने पहुंचकर धरने पर बैठे.
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में सरपंच की कथित मनमानी के खिलाफ पंचों और ग्रामीणों ने अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू की है. इसी बीच पंचों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है.
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि राजीव डनसेना को पूरी तरह से झूठे मामले में फंसाया जा रहा है. जिस 15 अगस्त के विवादित घटनाक्रम का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई की बात कह रही है, उस दौरान उप सरपंच गांव में मौजूद ही नहीं थे. इसी विरोध में ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया है.
पूर्व मंत्री उमेश पटेल भी पहुंचे थाने
मामले ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया. जब कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल अपने समर्थकों के साथ कोतरा रोड थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है. उमेश पटेल थाने में ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने पुलिस पर उपसरपंच राजीव डनसेना समेत पंचायत प्रतिनिधियों पर कथित रूप से दबाव बनाने और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया. विधायक के थाने पहुंचने के बाद मामला और अधिक गरमा गया.
पुलिस ने आरोपों से किया इंकार
वहीं, जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन ने पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों को अलग संदर्भ में बताया.पुलिस के मुताबिक उपसरपंच के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज था और उसी मामले में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया. गिरफ्तारी का संबंध पंचायत के अविश्वास प्रस्ताव से नहीं, बल्कि दर्ज आपराधिक मामले से है.
गांव में बढ़ा तनाव, राजनीतिक टकराव की आशंका
तारापुर में सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पहले से चल रहा पंचायत विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है. एक तरफ ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं पुलिस इसे दर्ज मामले में की गई कानूनी कार्रवाई बता रही है.
पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक उमेश पटेल के धरने पर बैठने के बाद मामला जिला स्तर से निकलकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है. ग्रामीण गिरफ्तार उपसरपंच को छोड़ने और पंचायत के अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में किसी तरह का दबाव नहीं बनाए जाने की मांग पर अड़े रहे. तारापुर में जारी विरोध और राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए आने वाले समय में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है.
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