शिक्षकों के सम्मान और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से सजा शिक्षक दिवस, सर्वपल्ली डा राधाकृष्णन के जीवन परिचय से छात्राओं को मिली प्रेरणा

Teachers' Day was marked by the honoring of teachers and student performances, while the life story of Dr. Sarvepalli Radhakrishnan inspired the female students.

शिक्षकों के सम्मान और विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से सजा शिक्षक दिवस, सर्वपल्ली डा राधाकृष्णन के जीवन परिचय से छात्राओं को मिली प्रेरणा

गरियाबंद : गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते, शिक्षकों के सम्मान और विद्यार्थियों की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच शनिवार को स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय गरियाबंद में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया. 5 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्साह और उमंग से सराबोर रहा.
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को नमन करते हुए उनके चलचित्र पर तिलक-चंदन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया. इसके बाद सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई. विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों एवं विद्यालय के समस्त शिक्षकों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें भेंट देकर सम्मानित किया.
कार्यक्रम में शाला विकास समिति के अध्यक्ष केसर निर्मलकर ने अपने उद्बोधन में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए उत्कृष्ट शिक्षक रामतीर्थ के जीवन और उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों को लगन, निष्ठा और सजगता के साथ जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य का निर्धारण अत्यंत आवश्यक है और महान शिक्षकों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विद्यार्थी सफलता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने संस्था के सभी शिक्षकों को लेखनी भेंट कर सम्मानित भी किया.
भूतपूर्व शिक्षक संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व बीआरसीसी गरियाबंद लखन लाल साहू ने अपने संबोधन में बच्चे, कॉपी, पेन और शिक्षक को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया. उन्होंने विद्यार्थियों को ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ अपने भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया.
मिडिल एचएम नरगिस कुरैशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने कविता और गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की भूमिका और उनके आपसी संबंधों पर प्रकाश डाला.
संस्था के वरिष्ठ व्याख्याता किशोर कुमार साहू ने कहा कि समाज के अन्य लोगों की तुलना में शिक्षक ही वह व्यक्ति होता है, जो विद्यार्थी की सफलता और असफलता दोनों परिस्थितियों में उसका मार्गदर्शन और सहयोग करता है। माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चों की उन्नति और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
संस्था के प्रमुख प्राचार्य दीपक कुमार बौद्ध ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि भारतीय होने का गर्व है और उससे भी बड़ी गर्व की बात यह है कि हम इस देश में शिक्षक के रूप में समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह अपने विद्यार्थियों को सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए लगातार सहयोग और मार्गदर्शन करता रहता है.
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि समाज में अच्छी और बुरी दोनों प्रकार की चीजें मौजूद हैं. लेकिन व्यक्ति को जीवन में केवल अच्छी और सार्थक बातों को ग्रहण करना चाहिए और नकारात्मकता और बुरी आदतों का त्याग करना चाहिए. उन्होंने बालिका शिक्षा को समृद्ध बनाने में ज्योतिबा फुले और माता सावित्री बाई फुले के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया.
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में नृत्य, भाषण, गीत और अन्य आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संस्था की गणित की व्याख्याता सुश्री समीक्षा दिव्या कुशवाहा ने अपने मधुर गीत की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया.
कार्यक्रम में शिक्षकों के मनोरंजन के लिए विद्यार्थियों द्वारा रोचक खेलों का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया. इसके बाद छात्र-छात्राओं ने सम्माननीय अतिथियों एवं शिक्षकों के लिए स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की.
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्था के प्रमुख प्राचार्य दीपक कुमार बौद्ध ने समस्त शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम में प्राचार्य दीपक कुमार बौद्ध, नरगिस कुरैशी, अर्चना पचबीए, किशोर कुमार साहू, कल्पना पटेल, कमलेश असरानी, सुजाता राणा, महिमा तिर्की, किरणनंद, देवमाया पाल, समीक्षा दिव्या कुशवाहा, वागेश्वरी कुंजाम, डागेश्वरी साहू, कैलाश कोसरे, सिम्मी विल्सन, धर्मेंद्र मार्टल, रोशनी साहू, पीयूष साहू, आयुष मजूमदार, अंजनी सोम, दुर्गेश नंदनी, पुष्पा साहू, पुरुषोत्तम साहू, त्रिलोचना साहू, योगेश्वरी रात्रे, तेजस्वी दाऊ, केवरा ध्रुव, योगिता सेन, लोकेश साहू, हेमंत सिन्हा सहित सभी कर्मचारी उपस्थित रहे.
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लोकभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह- 63 शिक्षक राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित, चार शिक्षकों को मिला राज्य सम्मान स्मृति पुरस्कार
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया. चार उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए. इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा भी की.
राज्य स्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों को विशिष्ट राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के श्री राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कोरबा जिले के श्री कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग जिले की श्रीमती प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की श्रीमती प्रियंका गोस्वामी को श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके साथ ही प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक तथा सहायक शिक्षक एल.बी. संवर्ग के कुल 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्री संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे.
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पिपरछेड़ी में शिक्षक दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न
गरियाबंद : स्थानीय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरछेड़ी में शिक्षक दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8 बजे मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया. इस पावन अवसर पर विद्यालय के सभी सम्माननीय शिक्षक-शिक्षिकाओं का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया गया
समारोह में करीब 300 विद्यार्थियों और 200 ग्रामीणजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही. छात्र-छात्राओं द्वारा गुरुजनों के सम्मान में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण एवं कविता पाठ प्रस्तुत किए गए.
कार्यक्रम में मुख्य रूप से शाला विकास समिति अध्यक्ष खेदू राम यादव, संस्था प्राचार्य मनोज कुमार मेरसा, बसंत त्रिवेदी, कामता प्रसाद साहू, वीरेन्द्र सिन्हा, दिनेश निर्मलकर, हरिनारायण यादव, दीपक गवली, किरण दीवान, ओमप्रकाश वर्मा, श्रीमती दामिनी साहू, श्रीमती नूतन साहू सहित कुल 32 शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे.
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “शिक्षक वह दीपक है जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को प्रकाशमय बनाता है. गुरु ही ज्ञान की ज्योति जलाते हैं और जीवन को सही दिशा दिखाते हैं.” कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया एवं विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया.
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प्राथमिक शाला घुमरापदर में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस
गरियाबंद : भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस 'शिक्षक दिवस' के पावन अवसर पर मैनपुर क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला घुमरापदर में गरिमामय एवं भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों में अपने गुरुजनों के प्रति भारी उत्साह और आदर का भाव देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और डॉ. राधाकृष्णन के तैलचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद शाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एक-एक कर प्रधान पाठक श्री जनसिंग सोरी को तिलक लगाया, आरती उतारी और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। बच्चों ने पारंपरिक रूप से अपने प्रधान पाठक के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस भावुक क्षण में प्रधान पाठक श्री सोरी ने भी बच्चों को दुलारते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और उन्हें जीवन में हमेशा सत्य व अनुशासन के मार्ग पर चलने की सीख दी।
इस अवसर पर स्कूल के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। बच्चों द्वारा शिक्षकों के सम्मान में गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
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कानपुर में शिक्षक दिवस पर कन्या शाला में आयोजित हुआ शिक्षक सम्मान समारोह
गरियाबंद : मैनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले नवीन तहसील अमलीपदर के अन्तर्गत संचालित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलीपदर में छात्राओं द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम में शुरूआत शिक्षकों एवं छात्राओं ने मिलकर सर्वपल्ली डॉ राधा कृष्णन जी के छायाचित्र में माल्यार्पण कर किया!कार्यक्रम में उपस्थित प्राचार्य आलोक राव वाघे, सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षक कुमरमणी नागेश, राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक द्वय कमल किशोर ताम्रकार एवं उमेश श्रीवास ने अपने संबोधन में सर्व पल्ली डा राधाकृष्णन के संपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों से शिक्षा ग्रहण करने प्रेरित किया!इस मौके पर‌ शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ओंकार नायक एवं छात्राओं ने सभी शिक्षकों को श्रीफल एवं लेखनी भेंटकर सम्मानित किया.
कार्यक्रम का सफल संचालन कक्षा 11 वीं की छात्रा वंदना नायक एवं दीपिका मरकाम ने किया. कार्यक्रम में प्रमुखरूप से शिक्षक श्याम सुंदर सोनवानी, मोनिका पाण्डेय,चंद्रिका साहू, सुकाश राव रिंके,देवानंद नेताम, प्रमोद पांडे,प्रिया चक्रधारी, पोखराज यादव,संस्था के समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थे.
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मुड़गेलमाल स्कूल में मना शिक्षक दिवस; छात्राओं को मिली 'सरस्वती साइकिल', दही-हांडी में बच्चों ने दिखाया दम
गरियाबंद. मैनपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुड़गेलमाल में शिक्षक दिवस का पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस गरिमामयी अवसर पर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी 'सरस्वती साइकिल योजना' के तहत कक्षा 9वीं की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल का वितरण किया गया. साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे. इसके साथ ही शाला परिसर में पारंपरिक दही-हांडी (मटकी फोड़) प्रतियोगिता का भी शानदार आयोजन किया गया. जिसमें विजेता छात्रों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत मैनपुर के सभापति निर्भय सिंह ठाकुर उपस्थित रहे. विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा मंडल कांदाडोंगर के अध्यक्ष नवीन मांझी, महामंत्री मुकेश साहू, उपाध्यक्ष खुदेश्वर यादव, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संतोष यादव, ग्राम सरपंच केसरी सिंह नागेश तथा शाला विकास समिति के अध्यक्ष रूपाधर ध्रुवा उपस्थित थे.
साइकिल मिलने से पढ़ाई में मिलेगी गति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि निर्भय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना से दूर-दराज से आने वाली ग्रामीण छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सहूलियत होगी. जिससे उनकी पढ़ाई को एक नई गति मिलेगी। उन्होंने सभी को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए छात्रों को गुरुओं का सम्मान करने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत मैनपुर के सभापति निर्भय सिंह ठाकुर उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा मंडल कांदाडोंगर के अध्यक्ष नवीन मांझी, महामंत्री मुकेश साहू, उपाध्यक्ष खुदेश्वर यादव, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के संतोष यादव, ग्राम सरपंच केसरी सिंह नागेश तथा शाला विकास समिति के अध्यक्ष रूपाधर ध्रुवा उपस्थित थे.
साइकिल मिलने से पढ़ाई में मिलेगी गतिदही-हांडी ने बांधा समां, छात्र हुए पुरस्कृत
शिक्षक दिवस और कृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास के बीच स्कूल के छात्रों के लिए दही-हांडी (मटकी फोड़) प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों ने बेहद उत्साह के साथ पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ी। सफल और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ाया गया.
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पूरे आयोजन के दौरान शाला विकास समिति के उपाध्यक्ष फूलसिंह ध्रुवा, वरिष्ठ नागरिक बी. एल. बेहरा, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष पुरीत राम ध्रुवा, विधायक प्रतिनिधि इसोराम चक्रधारी, पंच जय प्रकाश जगत, कुष्टो राम प्रधान, रोहित यादव समेत विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और ग्राम के वरिष्ठ जन उपस्थित रहे.
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सहायक शिक्षक तेजराम साहू के मार्गदर्शन में सेलदीप का कमाल, 11 साल में 39 बच्चों का नवोदय में चयन
कुरूद/धमतरी : धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के छोटे से गांव सेलदीप से एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है जो Teachers Day के असली अर्थ को परिभाषित करती है. यह कहानी है शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय, सेलदीप की, और इस कहानी के केंद्र में हैं विद्यालय के सहायक शिक्षक एवं उत्कृष्ट शिक्षक तेजराम साहू जिनके मार्गदर्शन में यह सरकारी स्कूल आज निजी स्कूलों के लिए भी मिसाल बन गया है.
सहायक शिक्षक तेजराम साहू के मार्गदर्शन में एक छोटे से सरकारी स्कूल ने बड़ा इतिहास रच दिया. आज हालात यह हैं कि आसपास के गांवों के पालक अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटवाकर सेलदीप के सरकारी स्कूल में करा रहे हैं. कई परिवार अपने स्तर पर वाहन की व्यवस्था कर बच्चों को रोजाना यहां पढ़ने भेज रहे हैं. यह भरोसा ही इस विद्यालय की सबसे बड़ी जीत है.
सेलदीप के शिक्षकों ने भरोसे का नया पैमाना गढ़ा है. यहां पदस्थ शिक्षक अपने स्वयं के बच्चों को भी इसी सरकारी विद्यालय में पढ़ाते हैं. स्वयं उत्कृष्ट शिक्षक तेजराम साहू सहित सभी शिक्षकों ने अपने बच्चों के लिए इसी शाला को चुना है.
जब गुरु खुद अपने बच्चे के लिए इसी स्कूल को चुनता है, तो गांव वालों का भरोसा खुद-ब-खुद बढ़ जाता है। यही आचरण Teachers Day 2026 का सबसे बड़ा संदेश है कि शिक्षक का आचरण ही सबसे बड़ा प्रमाण होता है.
सहायक शिक्षक तेजराम साहू के मार्गदर्शन में कंप्यूटर पर डिजिटल शिक्षा लेती छात्राएं
प्रमुख प्रयास एवं उपलब्धियाँ - तेजराम साहू के मार्गदर्शन में गढ़ा गया शिक्षा मॉडल
Teachers Day 2026 के अवसर पर सेलदीप शाला की उन 5 बड़ी उपलब्धियों पर एक नजर, जो सहायक शिक्षक तेजराम साहू के मार्गदर्शन में हासिल की गईं.
सहायक शिक्षक तेजराम साहू के मार्गदर्शन में नवोदय में कीर्तिमान: उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था और लगातार प्रयासों से सहायक शिक्षक तेजराम साहू के मार्गदर्शन में पिछले 11 वर्षों में 39 बच्चों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ है. ग्रामीण क्षेत्र के एक सरकारी विद्यालय के लिए यह उपलब्धि अपने आप में ऐतिहासिक है और यह तेजराम साहू के समर्पित मार्गदर्शन को दर्शाती है. इसी कारण इस विद्यालय को नवोदय की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ केंद्र माना जाता है.
विद्यार्थियों की मजबूत दर्ज संख्या - जिले में अग्रणी: उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के कारण आज इस शाला में कुल 135 विद्यार्थी नामांकित हैं. जो जिले में सर्वाधिक में से एक है. यह संख्या अभिभावकों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है.
अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षण व्यवस्था: तेजराम साहू और उनकी टीम द्वारा विद्यालय में टी.वी., प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, स्मार्ट व्हाइट बोर्ड और स्पीकर के माध्यम से नियमित डिजिटल अध्यापन कराया जाता है, जिससे पढ़ाई अधिक रोचक बनी है.
आदर्श शाला निर्माण में जनभागीदारी: जनभागीदारी से विद्यालय में आर.ओ. फिल्टर, वाटर कूलर, प्रिंटर, सुसज्जित उद्यान, ज्ञानवर्धक चित्रित कक्षाएं तथा 10 से अधिक खेल उपकरणों - झूला, फिसलपट्टी आदि - की व्यवस्था की गई है.
अटूट सामाजिक विश्वास और शिक्षा प्रहरी समूह: विद्यालय के शिक्षकों-कर्मचारियों के 7 बच्चों का प्रवेश इसी स्कूल में है. आसपास के 4 गांवों के 23 बच्चे सामूहिक सहयोग से संचालित ई-रिक्शा के माध्यम से सुरक्षित विद्यालय आते हैं. पूर्व छात्रों का 'शिक्षा प्रहरी समूह' गठित किया गया है, जो पालकों और बच्चों से सतत संपर्क में रहता है.
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शिक्षक दिवस पर औपचारिकता का आडंबर बंद करे सरकार: लेख मणि पांडेय
छत्तीसगढ़ सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष लेखमणि पांडेय और प्रदेश प्रचार सचिव दीपक पांडेय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर संयुक्त प्रेस बयान जारी कर देश और प्रदेश में शिक्षा के गिरते स्तर, बढ़ती बेरोजगारी और आबकारी नीति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है.
उन्होंने कहा कि हर वर्ष 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में शिक्षक दिवस मनाया जाता है, लेकिन केवल सम्मान समारोह आयोजित करने से शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति नहीं बदलेगी.
लेखमणि पांडेय ने कहा कि आज समाज के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार, समाज और शिक्षा—क्या इन तीनों की दिशा सही है? एक ओर निजी स्कूल आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई सरकारी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल, बेहतर शौचालय और आवश्यक सुविधाओं की कमी दिखाई देती है.
उन्होंने कहा कि जिस शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए, उसके सामने शराब की बढ़ती उपलब्धता और दुकानों के विस्तार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर देने के बजाय शराब की बिक्री से राजस्व जुटाने की नीति को प्राथमिकता देती नजर आ रही है. “समाज को शिक्षा चाहिए या शराब—सरकार को अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करनी होगी.”
बयान में हाल की एक घटना का हवाला देते हुए स्कूलों में शिक्षकों के नशे की हालत में पहुंचने के आरोपों पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा के मंदिर में ही नशे जैसी प्रवृत्तियां प्रवेश कर रही हैं, तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
प्रदेश प्रचार सचिव दीपक पांडेय ने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि क्या शिक्षा का स्तर सुधारना जरूरी है या शराब बेचकर राजस्व कमाना? उन्होंने कहा कि आज घर और कॉलेज के बीच शराब की दुकानें नजर आ रही हैं.
कई स्थानों पर विद्यालय, महाविद्यालय और सभ्रांत बस्तियों के आसपास शराब दुकानों की मौजूदगी को लेकर समाज में सवाल उठ रहे हैं.
संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में सरकार से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, सरकारी स्कूलों का स्तर बेहतर बनाया जाए और शैक्षणिक संस्थानों तथा आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास शराब दुकानों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए.
विज्ञप्ति में कहना है कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य केवल आयोजनों से नहीं, बल्कि मजबूत शिक्षा और स्वस्थ सामाजिक वातावरण से सुरक्षित होगा.
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