3 महीने से बिजली नहीं, कलेक्टर से मिलने 30KM पैदल चली छात्राएं, एक छात्रा बेहोश, खबर वायरल, जांच समिति गठित, वार्डन को नोटिस, प्रिंसिपल अटैच
No electricity for three months; female students walked 30 km to meet the District Collector; one student fainted; the story went viral; an inquiry committee was formed, a notice was issued to the warden, and the principal was reassigned.
अंबिकापुर : सरगुजा जिले के बतौली ब्लॉक स्थित शिवपुर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्राएं हॉस्टल और स्कूल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को लेकर करीब 30 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टोरेट पहुंचीं. छात्राओं का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. जिसके बाद उन्होंने सीधे कलेक्टर से मिलने का फैसला किया. समस्याओं की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर, सरगुजा की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है.
सोमवार सुबह छात्राएं धूप और परेशानी के बीच अंबिकापुर की ओर पैदल रवाना हुईं. छात्राओं के पैदल मार्च की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और अधिकारियों को बीच रास्ते भेजकर छात्राओं को समझाने की कोशिश की गई. हालांकि छात्राएं कलेक्टर से मुलाकात की मांग पर अड़ी रहीं और पैदल आगे बढ़ती रहीं.
कलेक्टोरेट पहुंचने से पहले बस की व्यवस्था
प्रशासन ने कलेक्टोरेट परिसर से कुछ दूरी पहले छात्राओं के लिए बस की व्यवस्था की, जिसके बाद उन्हें आगे लाया गया. कलेक्टोरेट पहुंचने के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई. घटना के बाद प्रशासन की संवेदनशीलता और छात्राओं की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे.
छात्राओं का कहना था कि हॉस्टल की व्यवस्थाओं समेत कई समस्याओं को लेकर लंबे समय से शिकायत की जा रही थी. इसके बावजूद ठोस समाधान नहीं होने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा. उन्होंने कहा कि, 3 महीने से बिजली नहीं, फिजिक्स-केमेस्ट्री की पढ़ाई ठीक नहीं और मेस में सफाई खराब है.
अमरजीत भगत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के लिए शासन की ओर से राशि का आबंटन किया जाता है. लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसका लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है. उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की बात कही.
कलेक्टर बोले- तीन मांगों पर दिए गए सुधार के निर्देश
वहीं कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि छात्राएं बिजली व्यवस्था समेत तीन मांगों को लेकर कलेक्टोरेट पहुंची हैं. उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं.
छात्राओं के करीब 30 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टोरेट पहुंचने के इस मामले ने स्कूल और छात्रावास की व्यवस्थाओं के साथ-साथ शिकायतों के निराकरण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
जांच समिति गठित
समस्याओं की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर, सरगुजा की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है. जांच के मद्देनजर विद्यालय के प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को आगामी आदेश तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास अम्बिकापुर में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है.
वहीं प्रतीक्षा त्रिपाठी, पीजीटी (अंग्रेजी) को कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर के प्राचार्य पद के दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी दी गई है. अरविन्द अशोक तिग्गा, पीजीटी (हिन्दी) को उनके मूल पदस्थ संस्था एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मैनपाट के लिए कार्यमुक्त किया गया है.
विद्यालय की छात्रावास अधीक्षक आयुषी सोनी को शासकीय कार्य में लापरवाही व उदासीनता बरतने के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है. कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन का भुगतान अब कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन के बाद ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
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