म्यूल अकाउंट के खिलाफ एक्शन, 111 बैंक खातों के जरिए 86 लाख का ट्रांजेक्शन, देश भर में फैला ठगी का जाल, दो महिलाओं समेत 10 आरोपी गिरफ्तार
Action taken against mule accounts, ₹8.6 million in transactions through 111 bank accounts, fraud network spread across the country, 10 accused, including two women, arrested
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. बैंक खातों को किराए पर देकर ठगी का पैसा ट्रांसफर कराने वाले 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने 111 बैंक खातों के जरिए करीब 86 लाख रुपए का अवैध लेन-देन किया था. यह मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से कुछ संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली थी. इसके बाद पुलिस ने दुर्ग स्टेशन रोड स्थित कर्नाटक बैंक की शाखा में चल रहे 111 बैंक खातों की जांच शुरु की. जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से ठगी गई रकम को जमा करने और निकालने के लिए किया जा रहा था.
अब तक 86 लाख से ज्यादा का अवैध ट्रांजेक्शन
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन खातों में अब तक कुल 86,33,247 रुपए का अवैध लेनदेन हुआ है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई.
साइबर ठग अक्सर ऐसे लोगों की तलाश में रहते हैं. जो थोड़े से पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और पासबुक उन्हें इस्तेमाल करने के लिए दे दें। इन खातों को तकनीकी भाषा में म्यूल अकाउंट कहा जाता है. दुर्ग में पकड़े गए इन 10 आरोपियों ने भी आर्थिक लाभ के लालच में अपने खाते ठगों को उपलब्ध कराए थे.
इन लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें 24 साल के युवक से लेकर 56 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों के नाम मधु साहू उम्र 45 साल, ज्योति गौतम उम्र 28 साल, फरहद खान उम्र 56 साल, भूपेश गोहिल उम्र 51 साल, अजय कुमार उर्फ मोनू उम्र 29 साल, मसीर आलम उम्र 27 साल, नवीन भागवत उम्र 24 साल, भूपेंद्र कुमार टंडन उम्र 36 साल, संतोष बिसाई उम्र 28 साल और हीरा सिंह उम्र 55 साल हैं. गिरफ्तार सभी आरोपी दुर्ग भिलाई क्षेत्र के निवासी हैं.
पुलिस ने इनके पास से बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए हैं. फिलहाल सभी 10 आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.
इस मामले में इससे पहले 42 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. अब 10 और गिरफ्तारी के बाद कुल तादाद 52 हो गई है. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी.
नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
दुर्ग पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद लोगों से अपील किया है कि अपना बैंक खाता, ओटीपी या पासबुक किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें। कई बार साइबर ठग कमीशन का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं, लेकिन जांच में खाताधारक भी उतने ही दोषी पाए जाते हैं.
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