DFO मयंक पांडेय पर युवक ने लगाया मनमानी का गंभीर आरोप, ट्रैक्टर वापस दिलाने की मांग को लेकर पीड़ित ने लगाई इंसाफ की गुहार

Youth Accuses DFO Mayank Pandey of Arbitrary Conduct; Seeks Justice and Return of Tractor

DFO मयंक पांडेय पर युवक ने लगाया मनमानी का गंभीर आरोप, ट्रैक्टर वापस दिलाने की मांग को लेकर पीड़ित ने लगाई इंसाफ की गुहार

रायपुर : महासमुंद वन विभाग पर गंभीर मनमानी और अनियमित कार्रवाई के आरोप सामने आए हैं. एक पीड़ित ने आरोप लगाया है कि 8 साल पुराने मामले में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा अनुचित तरीके से कार्रवाई की जा रही है और भारी पैसों की वसूली का दबाव बनाया जा रहा है. इस पूरे मामले में DFO स्तर के अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं.
पीड़ित कार्तिक ओगरे, निवासी ग्राम करनपाली, जिला महासमुंद ने बताया कि उनका ट्रैक्टर, जो उनके जीवनयापन का मुख्य साधन था. वन मंडल अधिकारियों द्वारा जब्त कर लिया गया है. उनका कहना है कि इस ट्रैक्टर के अलावा उनके पास कोई अन्य आय का साधन नहीं है. जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है.
कार्तिक ओगरे ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि बसना और सरायपाली क्षेत्र के वन मंडल अधिकारियों द्वारा उनके ट्रैक्टर को रोककर रखा गया है. जिससे उनकी खेती और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि खेत में भी विवाद की स्थिति बनी हुई है और पड़ोसी किसान उन्हें खेती करने नहीं दे रहा है.
पीड़ित ने यह भी बताया कि परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर है. बहन की दिमागी हालत भी ठीक नहीं है और इलाज न करा पाने के कारण परेशानी और बढ़ गई है. बैंक कर्ज का बोझ भी उनके ऊपर है. जिसे चुकाने में वे असमर्थ हैं. उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर जब्त होने की वजह से उनकी आय पूरी तरह बंद हो गई है.
जिससे जीवनयापन मुश्किल हो गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कार्रवाई में उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है. और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. पीड़ित ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि उनके पास अब विरोध दर्ज कराने के लिए धरना देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. उन्होंने प्रशासन से अपील किया कि उनका ट्रैक्टर वापस दिलाया जाए. ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके.
इन आरोपों के बाद विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. जहां लोग विभागीय कार्रवाई और पीड़ित की आर्थिक स्थिति दोनों को लेकर चिंता जता रहे हैं. अब निगाहें प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में कोई जांच या समाधान निकलता है या नहीं.
वन विभाग के  DFO मयंक पांडेय ने कहा कि 8 साल पहले का मामला था और वन विभाग के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था. जिसने शिकायत की है. उसके पिता का मामला था और जीवन यापन के लिए क्या किसी का मर्डर कर देगा क्या? इस मामले में अगर गलत कार्रवाई की गयी होगी तो सरकार मुझ पर कार्रवाई करेगी. आपको ज्यादा जानकारी चाहिए तो आप ऑफिस आकर इसकी पूरी जानकारी ले सकते है.
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