53 पेटी शराब जब्ती मामले में दो सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड, जांच के दायरे में सहायक जिला आबकारी अधिकारी की भूमिका, सरकार को भेजा कार्रवाई का प्रस्ताव
Two sub-inspectors suspended in the case involving the seizure of 53 cartons of liquor; role of the Assistant District Excise Officer under scrutiny; proposal for action sent to the government.
रायपुर : छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है. विभागीय जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद दो आबकारी उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. जबकि एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है.
पहला मामला बलौदाबाजार जिले से जुड़ा है. यहां रोहासी क्षेत्र में ज्यादा कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत मिलने के बाद आबकारी उप निरीक्षक पी. माधव राव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. लेकिन जांच में लापरवाही और अनियमितता सामने आने पर दोबारा जांच कराई गई. जांच दल की रिपोर्ट में कई खामियां मिलने के बाद आबकारी आयुक्त ने पी. माधव राव को निलंबित कर रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया.
दूसरी कार्रवाई बालोद जिले के गुरूर क्षेत्र में पदस्थ आबकारी उप निरीक्षक आशा राम शाक्य पर हुई है. धमतरी जिले के अर्जुनी में 30 जुलाई को 53 पेटी शराब जब्त की गई थी. जांच में यह शराब बालोद जिले की सरकारी मदिरा दुकान से जुड़ी पाई गई. मामले में विभागीय लापरवाही मिलने पर आशा राम शाक्य को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता में संबद्ध कर दिया गया.
इसी मामले में बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन की भूमिका भी जांच में सामने आई. वह संबंधित मदिरा दुकान की प्रभारी एवं मंडल प्रभारी थीं. जांच रिपोर्ट में उनकी प्रशासनिक लापरवाही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है. अब आख़री फैसला शासन स्तर पर लिया जाएगा.
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