रायपुर में सगे भाई-भाभी ने फर्जी दस्तखत कर बहन को पार्टनरशिप से किया बेदखल, शिवांगी से 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

In Raipur, a brother and sister-in-law allegedly ousted their sister from a partnership by forging her signature; the accused face allegations of defrauding Shivangi of ₹1.25 crore, and the police have launched an investigation.

रायपुर में सगे भाई-भाभी ने फर्जी दस्तखत कर बहन को पार्टनरशिप से किया बेदखल, शिवांगी से 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर : राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है. यहां सीमेंट कारोबार में निवेश के नाम पर नागपुर निवासी एक महिला से उनके सगे भाई और भाभी ने 1.25 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. आरोप है कि दंपत्ति ने फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार कर महिला के जाली दस्तखत किए और जालसाजी कर उन्हें फर्म से बाहर निकाल दिया.
पीड़िता की शिकायत पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना (Forging documents), जाली दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक न्यासभंग (Criminal breach of trust) समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
2020 में शुरू हुआ था निवेश का खेल
नागपुर निवासी पीड़िता शिवांगी गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई शुभम सिंघल और भाभी जया सिंघल रायपुर के मैग्नेटो मॉल स्थित कार्यालय से ‘अधिराज सीमेंट’ और बाद में ‘अधिराज ट्रेडलिंक’ नामक भागीदारी फर्म का संचालन करते हैं.
लाभांश का झांसा:
वर्ष 2020 में व्यापार विस्तार का हवाला देकर शुभम और जया ने शिवांगी और उनके पति तुषार गर्ग से पूंजी निवेश करने का आग्रह किया. बेहतर मुनाफे का भरोसा मिलने पर शिवांगी ने समय-समय पर नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए 1.25 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया. भरोसा जीतने की साजिश: शुरुआती दिनों में आरोपियों ने पीड़िता का भरोसा बनाए रखने के लिए उनके खाते में नियमित रूप से लाभांश की रकम जमा कराई.
फर्जी दस्तखत कर फर्म से निकाला बाहर
शिवांगी गर्ग के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें दोनों फर्मों में आधिकारिक भागीदार बनाने का आश्वासन देकर कई कागजातों पर दस्तखत कराए.  हालांकि कुछ समय बाद मुनाफा देना बंद कर दिया गया. जब पीड़िता ने अपने निवेश किए हुए 1.25 करोड़ रुपये वापस मांगे. तो आरोपी टालमटोल करने लगे.
बाद में जांच करने पर पता चला कि भाई और भाभी ने धोखाधड़ी करते हुए जाली हस्ताक्षर के जरिए फर्जी पार्टनरशिप डीड तैयार कर पीड़िता को कानूनी रूप से फर्म से बाहर का रास्ता दिखा दिया. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मैग्नेटो मॉल स्थित दफ्तर व वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है.

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