मेयर की बेटी दहेज प्रताड़ना से परेशान, फॉर्च्यूनर कार के लिए ससुराल वाले कर रहे मारपीट, पति, सास-ससुर सहित 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

The mayor's daughter is facing dowry harassment and is being assaulted by her in-laws for a Fortuner car. An FIR has been filed against five people, including her husband, mother-in-law and father-in-law.

मेयर की बेटी दहेज प्रताड़ना से परेशान, फॉर्च्यूनर कार के लिए ससुराल वाले कर रहे मारपीट, पति, सास-ससुर सहित 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

दुर्ग : दुर्ग जिले के रिसाली निगम की महापौर शशि सिन्हा की बेटी अल्का साहसी उम्र 27 साल ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़िता के मुताबिक उसकी शादी को 9 महीने हुए है. सुसराल वाले उसे दहेज के लिए परेशान करते थे.
शिकायत के मुताबिक पीड़िता ने बताया कि शादी में भी ससुराल पक्ष ने उनके माता-पिता को अलग बुलाकर कहा था कि महापौर की बेटी होने के नाते आपको फॉर्च्यूनर कार देनी चाहिए थी. कार नहीं दी तो हम लड़की को ससुराल नहीं ले जाएंगे.
उन्होंने भिलाई सेक्टर-6 के महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है. जिसके बाद पुलिस ने पति, सास-ससुर सहित 5 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर जांच कर रही है.
अल्का साहसी के मुताबिक उनकी शादी 21 जनवरी 2025 को भिलाई के रिसाली में हिन्दू रीति-रिवाज से हुई थी. शादी में उनके माता-पिता ने टीवी, फ्रीज, एसी, वॉशिंग मशीन, सोने-चांदी के जेवर, फर्नीचर सहित घरेलू सामान और एक्टिवा खरीदने के लिए 1 लाख रुपए नकद और टिकावन में 2 लाख रुपए नकद दिए थे.
शिकायत के मुताबिक शादी के तीसरे ही दिन पति चित्रांश साहसी उन्हें अपने जगदलपुर के विभागीय आवास नगरनार लेकर गए. जहां से प्रताड़ना शुरु हो गई. अल्का ने आरोप लगाया है कि उनके पति उनके हाथ का खाना नहीं खाते थे. खाना बनाने में 'नुक्स' निकालकर अपमानित करते थे. उन पर चरित्र संदेह जताते हुए निगरानी रखते थे और उन्हें घरवालों से बात करने नहीं देते थे.
अल्का का कहना है कि उन्हें 'डायन' तक कहा गया और छोटी-छोटी बात पर गाली-गलौज व मारपीट की जाती है. कई बार उन्हें छत से धक्का देकर जान से मारने की धमकी भी दी गई.
अल्का बताती हैं कि बाद में उनके पिता सामाजिक लोगों को लेकर ससुराल पहुंचे. लेकिन वहां भी उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया. आरोप है कि सास-ससुर ने मां-बहन की गालियां तक दीं. घर में घुसने नहीं दिया और कहा कि हम किसी भी हालत में अल्का को नहीं रखेंगे. क्योंकि दहेज की मांगें पूरी नहीं हुई. अल्का ने 8 अक्टूबर 2025 को महिला थाना में आवेदन दिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 4 नवंबर और 11 नवंबर को काउंसलिंग की गई. लेकिन समझौता नहीं हो पाया.
 भिलाई महिला थाने में पुलिस ने जांच के दौरान अल्का के आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए पति चित्रांश साहसी, सास शशि साहसी, ससुर ललित साहसी, फूफा ससुर डेरहाराम और चाचा ससुर संदीप साहसी के खिलाफ मामला दर्ज किया.
पुलिस के मुआबिक आवेदिका को लगातार दहेज के लिए मानसिक-शारीरिक प्रताड़ित किया गया. चरित्र पर लगातार लांछन लगाए गए. जान से मारने की धमकियां दी गईं और घर से निकालकर स्त्रीधन रोक लिया गया. इन तथ्यों के आधार पर धारा 85, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.
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