तहसीलदार लीलाधर ध्रुव पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और अवैध वसूली का लगा आरोप, युवा कांग्रेस महासचिव ने SDM को सौंपा ज्ञापन

Tehsildar Liladhar Dhruv accused of protecting land mafia and illegal recovery Youth Congress General Secretary submitted a memorandum to SDM

तहसीलदार लीलाधर ध्रुव पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और अवैध वसूली का लगा आरोप, युवा कांग्रेस महासचिव ने SDM को सौंपा ज्ञापन

कोरबा/पसान : तहसील कार्यालय पसान में भ्रष्टाचार, भू-माफियाओं और दलालों की गतिविधियां तेज हो गई है. जहां तहसीलदार लीलाधर ध्रुव पर गंभीर आरोप लगे हैं.
तहसीलदार पर आरोप है कि वे भू-माफियाओं से सांठगांठ कर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे करवाने में लगे हुए हैं. बताया जा रहा है कि तहसीलदार के संरक्षण में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के लिए मोटी रकम ली जा रही है.
सूत्रों के मुताबिक तहसीलदार लीलाधर ध्रुव जंगल मद की भूमि पर कब्जा करने में भू-माफियाओं की मदद कर रहे हैं. यह जमीन सरकारी योजनाओं के लिए सुरक्षित है और इसका आवंटन राज्य सरकार भी नहीं कर सकती. तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए माफियाओं से मोटी रकम लेकर उन्हें अवैध कब्जे की अनुमति दी है.
युवा कांग्रेस महासचिव ने संभाग आयुक्त और एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की है. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि तहसीलदार लीलाधर ध्रुव अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और भू-माफियाओं को सरकारी जमीन पर कब्जा करने की छूट दे रहे हैं. उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते हुए सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं.
तहसीलदार के खिलाफ शिकायतें केवल भू-माफियाओं से मिलीभगत तक सीमित नहीं हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी तहसीलदार पर ग्रामीणों और आदिवासियों को प्रताड़ित करने और अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं. बताया गया कि तहसीलदार हर प्रमाण पत्र और भूमि नामांतरण के लिए 2000-2500 रुपये की अवैध फीस वसूलते हैं. राजस्व मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में इन आरोपों की जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी. लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
तहसीलदार लीलाधर ध्रुव के खिलाफ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी मोर्चा खोल चुकी है. कुछ महीनों पहले तहसीलदार के दुर्व्यवहार के चलते पार्टी ने तहसील कार्यालय का घेराव करने की योजना बनाई थी. पार्टी के मीडिया प्रभारी ने तहसीलदार द्वारा मोबाइल छीनने और धमकी देने का आरोप लगाया था. हालाँकि, कुछ कारणों से आंदोलन स्थगित कर दिया गया था. लेकिन तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग अब भी जोर पकड़े हुए है.
तहसीलदार लीलाधर ध्रुव पर लगे गंभीर आरोपों ने तहसील कार्यालय के भीतर भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं की सांठगांठ को उजागर कर दिया है. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि इन आरोपों की गंभीरता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb