स्वामी आत्मानंद स्कूल में छात्रा की मौत, दूषित पानी बना काल, पीलिया की चपेट में कई छात्र, मचा हड़कंप, प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही उजागर!
Student dies in Swami Atmanand School, contaminated water proves fatal, many students affected by jaundice, panic created, negligence of administration and management exposed!
बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के स्वामी आत्मानंद स्कूल में गंदा पानी पीने से एक छात्रा की मौत और कई छात्रों के बीमार होने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया है. 13 साल की 8वीं कक्षा की छात्रा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. डॉक्टरों के मुताबिक छात्रा को तेज बुखार, उल्टी और शरीर में पीलापन की शिकायत थी. जांच के बाद उसमें पीलिया (जॉन्डिस) की पुष्टि हुई थी.
परिजन बोले- न तो जल स्रोत बदले गए, न ही स्वास्थ्य जांच हुआ
शुरुआती जानकारी के मुताबिक स्कूल परिसर में दूषित पानी के सेवन से छात्र पीलिया से संक्रमित हुए थे. इस बारे में पहले भी मीडिया में खबरें प्रकाशित हुई थीं, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ था. हालांकि हालिया मौत ने प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मृत छात्रा के परिजनों का कहना है कि करीब 500 छात्रों वाले इस स्कूल में पीलिया फैलने की शिकायतें एक महीने पहले ही सामने आ गई थीं. लेकिन न तो जल स्रोत बदले गए और न ही बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की कोई ठोस व्यवस्था की गई. हमने कई बार आग्रह किया कि बच्चों की स्वास्थ्य जांच और पानी की टंकी की सफाई कराई जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, मृत छात्रा की छोटी बहन भी पीलिया से बीमार थी. हालांकि उसकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है.
इलाके में एक महीने से ज्यादा समय से गंदे पानी की सप्लाई जारी है. जिससे कई छात्रों में उल्टी, बुखार व शरीर और आंखों में पीलापन जैसे लक्षण देखे गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्रा की मौत के बाद स्कूल पहुँचकर पानी के नमूने जांच के लिए लिए हैं.
मृत छात्रा के परिवार और ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, उनका कहना है कि अगर समय पर सफाई और इलाज की व्यवस्था की जाती. तो बेटी की जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद स्कूल परिसर में शोक और भय का माहौल व्याप्त है.
इस घटना के बाद जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने कहा कि बच्ची 27 सितंबर से स्कूल नहीं आ रही थी और घटना 10 अक्टूबर को घटी. मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है. रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.
स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त लापरवाही की गूंजती चेतावनी है. सवाल यह है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
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ये घटना न सिर्फ इलाके में शोक का विषय बनी हुई है. बल्कि स्कूल और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है



