मध्यम वर्ग को रजिस्ट्री शुल्क में राहत, श्रमिकों के खाते में 46.60 करोड़ अंतरित, PM आवास योजना के लिए सर्वेक्षण शुरु, नए लोगों को भी मिलेगा आवास

Relief in registration fee to middle class Rs 46 crore transferred to workers account survey started for PM Awas Yojana new people will also get housing

मध्यम वर्ग को रजिस्ट्री शुल्क में राहत, श्रमिकों के खाते में 46.60 करोड़ अंतरित, PM आवास योजना के लिए सर्वेक्षण शुरु, नए लोगों को भी मिलेगा आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लिए सर्वेक्षण शुरु, नए हितग्राहियों को भी अब मिलेंगे आवास

रायपुर : छत्तीसगढ़ में पिछले साल दिसम्बर में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद से शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी आई है। दिसम्बर-2023 से अक्टूबर-2024 के बीच पिछले 11 महीनों में ही करीब 50 हजार आवासों के निर्माण पूरे किए गए हैं.इनमें कई शहरों के हितग्राहियों द्वारा अपनी खुद की जमीन पर बनाए गए 44 हजार 419 और योजना के साथ भागीदारी में किफायती आवासीय परियोजनाओं के माध्यम से निर्मित 5415 आवास शामिल हैं.
पिछले 11 महीनों के दौरान हर महीने औसतन हितग्राहियों द्वारा अपनी खुद की जमीन में बनाए जा रहे 4002 मकानों के काम पूरे किए गए हैं. पिछले 11 महीनों में 7348 परिवारों को आवास आवंटित कर 5855 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में व्यवस्थापित किया गया है.
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए प्रदेश में सर्वेक्षण शुरु हो गया है. इसके अंतर्गत ऐसे शहरी पात्र परिवार जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में आवास नहीं मिल पाए थे. उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराया जाएगा. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास के लिए आवेदन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है. आवास के आवेदन सरलतापूर्वक ऑनलाईन के जरिए भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल पर खुद हितग्राही द्वारा दर्ज किया जा सकता है. इसके साथ ही प्रदेश की सभी 189 अधिसूचित नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के जरिए भी आवेदन की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है.
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत राज्य के कई नगरीय निकायों में कुल दो लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत हैं। इनमें लाभार्थियों द्वारा अपनी खुद की जमीन पर बनाए जाने वाले दो लाख 11 हजार 069 और किफायती आवासीय परियोजनाओं के तहत बनने वाले 38 हजार 097 आवास शामिल हैं.
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संपत्ति खरीदने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को अब गाइड लाइन मूल्य पर ही लगेगा रजिस्ट्री शुल्क

रायपुर : अब किसी भी प्रापर्टी की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर से सौदे की रकम ज्यादा होने पर भी रजिस्ट्री शुल्क गाइड लाइन दर के मुताबिक ही लिया जाएगा. इससे बैंक लोन पर निर्भर मध्यम वर्गीय परिवार को वास्तविक मूल्य के आधार पर ऋण मिल सकेगा.
इस फैसले से विशेषकर उन नागरिकों को लाभ होगा. जो बैंक ऋण के जरिए संपत्ति खरीदते हैं. पूर्व में संपत्ति की खरीद-बिक्री में गाइड लाइन दर और सौदे की राशि में जो भी ज्यादा होता था. उस पर रजिस्ट्री शुल्क देना जरुरी था. मिसाल के लिए अगर किसी संपत्ति का गाइड लाइन मूल्य 10 लाख रुपये है और उसका सौदा 15 लाख में हुआ. तो रजिस्ट्री शुल्क 15 लाख पर 4 प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये देना पड़ता था.
इस नियम में संशोधन के बाद संपत्ति खरीदने वाले अब सौदे की रकम गाइड लाइन दर से ज्यादा होने पर भी वास्तविक मूल्य को अंकित कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें कोई रजिस्ट्री शुल्क नहीं देना होगा. 10 लाख रुपये की गाइड लाइन मूल्य वाली प्रॉपर्टी का सौदा 15 लाख में होता है. तो भी रजिस्ट्री शुल्क 10 लाख के 4 प्रतिशत के हिसाब से 40 हजार रुपये देय होगा. इस तरह 20 हजार रुपये की बचत होगी.
ज्यादातर मध्यमवर्गीय परिवार संपत्ति खरीदने के लिए बैंक लोन पर निर्भर रहते हैं. बैंक लोन रजिस्ट्री पेपर में दिखाए गए सौदे के रकम के आधार पर मिलता है. लोग पंजीयन शुल्क से बचने के लिए गाइडलाइन कीमत के बराबर सौदा मूल्य दिखाते हैं. कम सौदा कीमत दिखाएं जाने से बैंक लोन भी कम मिलता है.
इस नीति से आमजनों को न्यायिक प्रकरणों में भी संपत्ति का वास्तविक मूल्य प्राप्त होगा. अगर कभी संपत्ति में कुछ धोखाधड़ी पायी गई तो व्यक्ति विक्रेता से वही मुआवजा पाने का हकदार होता है. जो रजिस्ट्री पेपर में लिखा हुआ. संपत्ति का सही मूल्य रजिस्ट्री में अंकित होने से प्रभावित व्यक्ति को उसका सही मुआवजा प्राप्त हो पायेगा.
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46.60 करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से 85,026 श्रमिकों के खाते में हुए अंतरित

कोरबा : कोरबा शहर के प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम परिसर में प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसमे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित 17 विभिन्न योजनाओं के 85,026 श्रमिक हितग्राहियों को 46 करोड़ 60 लाख 53 हजार 993 रूपए डीबीटी के जरिए उनके बैंक खाते में सीधे अंतरित की गई.
प्रदेश सरकार द्वारा विश्वकर्मा जयंती के मौके पर कई योजनांतर्गत 235 करोड़ की सहायता राशि श्रमिकों को प्रदान की गई थी. कई सामग्री का वितरण भी किया गया था. श्रमिकों को कई योजनाओं के तहत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है.
श्रमिकों की समस्या-शिकायतों के समाधान एवं सहायता के लिए श्रमेव जयते पोर्टल लागू की गई है. जिसका हेल्पलाइन नंबर 0771-3505050 है. जिसमे समस्या व शिकायतों का इसके माध्यम से समाधान किया जाएगा.
सम्मेलन स्थल पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिको के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने कई विभागों द्वारा स्टॉल लगाया गया था. जिसमे स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाई वितरण, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के तहत लागू स्कीम, श्रम पंजीयन, प्रधानमंत्री आवास, महतारी जतन, दिव्यांग सहायता, बच्चों हेतु छात्रवृत्ति जैसे अन्य योजनाओं की जानकारी देकर श्रमिको को लाभांवित किया गया। स्थल पर जनसंपर्क विभाग द्वारा छायाचित्र प्रदर्शनी के जरिए शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई. विभाग द्वारा शासन की योजनाओं पर आधारित जनमन, सुशासन के नवीन आयाम, उदित छत्तीसगढ़, रोजगार नियोजन जैसे अनेक पत्रिकाओं, ब्रोसर पाम्पलेट का वितरण भी किया गया.
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राष्ट्रीय प्रेस दिवस, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
सीएम ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है. निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरुरी है. मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरुक करता है. भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है.
हम सभी लोग साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि मीडिया हमारे लोकतंत्र में अपनी भूमिका का सम्यक निर्वहन करते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके.
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