विधानसभा में RI और प्रोफेसर भर्ती गड़बड़ी में अपने ही विधायकों के सवालों से घिरी साय सरकार, खाद-बीज संकट व परीक्षा घोटाले पर बवाल
In the assembly, the government is surrounded by questions from its own MLAs on the RI and professor recruitment scam, uproar over fertilizer-seed crisis and examination scam
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र शरू हो गया है. इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह समेत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत समेत सभी दलों के सदस्य सदन में मौजूद रहे. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सदन में पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और पूर्व विधायक डॉ. सुरेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई.
विधायक अजय चंद्राकार ने कार्यवाही शुरु होते ही विधायक अजय चंद्राकार ने चरणदास महंत से कहा कि आपने कहा था लाठी लेकर आएंगे. तो लेकर क्यों नहीं लाए. विधायक चंद्राकर के इस सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि कबीरहा लाठी है. दिखती नही है.
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दोहा सुनाते हुए कहा कि, ” कबीरा खड़ा बज़ार में, लिए लुकाठी हाथ; जो घर जारे आपना, चले हमारे साथ।” इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने सभी को श्रावण मास की शुभकामनाएं दी.
इसके बाद भाजपा विधायक राजेश मूणत ने राजस्व निरीक्षक भर्ती में गड़बड़ी का मामला उठाया. वहीं, भाजपा के ही विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में गड़बड़ी पर सरकार को घेरने की कोशिश की और इस मामले की जांच कराने की घोषणा की मांग की.
सत्तापक्ष के विधायक मूणत ने राजस्व निरीक्षक भर्ती पर सवाल उठाया कि इस गड़बड़ी की शिकायतों की जांच करने वाली समिति के प्रतिवेदन के आधार पर गृह विभाग से जांच कराने के निर्णय की स्थिति क्या है? इस पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि गृह विभाग के 19 फरवरी 2025 के पत्र में विभाग पुलिस जांच अथवा एफआईआर के लिए खुद सक्षम होने का उल्लेख कर राजस्व विभाग को प्रकरण वापस कर दिया गया था। गृह विभाग के इस टीम के बाद राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा 2024 के संबंध में मिली शिकायतों की जांच ईओडब्ल्यू/एसीबी के तकनीकी विशेषज्ञों से कराए जाने के लिए विभागीय ज्ञापन 4 मार्च 2025 को सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा गया। इसके बाद ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। भारत माला केस में जिस तरह EOW ने जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की है, उसी तरह इस केस में एजेंसी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगी.
इस पर राजेश मूणत ने EOW से जांच कराने पर सवाल किया। मूणत ने कहा कि जब जांच कमेटी ने स्पष्ट कर दिया कि गड़बड़ी हुई है तो विभाग ने खुद ही कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस बीच अजय चंद्राकर ने कहा कि ईओडब्ल्यू/एसीबी लिखा है, लेकिन EOW जांच करेगा, यह फैसला किसने लिया? इस पर मंत्री संतोष जनक जवाब नहीं दे सके।
इसी मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि सवाल किया ये परीक्षा कब हुई? इस पर मंत्री ने कहा कि सितंबर 2023 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। जनवरी 2024 में परीक्षा हुई। इसके बाद विपक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया कि आपकी सरकार में गड़बड़ी हुई है और आप पिछली सरकार पर दोष दे रहें हैं। विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि इस पूरे मामले में सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश में लगी है और इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
इसके बाद प्रश्नकाल में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर में भर्ती में गड़बड़ी पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री ये बताएं कि भर्ती के लिए क्या आरक्षण रोस्टर का पालन किया गया और भर्ती के सम्बन्ध में शिकायतों पर क्या कार्रवाई की इर्ग है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवाब दिया कि विश्वविद्यालय में 59 शैक्षणिक पदों पर 10 प्रोफेसर, 19 एसोसिएट प्रोफेसर और 30 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए 5 अक्टूबर 2023 में विज्ञापन जारी किया गया था। 10 में से 8 विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है.
इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि इस भर्ती में मनमानी की गई है। 46, 54, 42, 48 साल के व्यक्ति को सलेक्ट किया गया, जबकि 40 के ऊपर के व्यक्ति की भर्ती नहीं की जा सकती? मुख्यमंत्री इसकी पूरी जांच करवाने की घोषणा कर दें?
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में जो भर्ती हुई है उसके संबंध में शिकायत मिली थी। जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच हो रही है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.
प्रश्नकाल में दो ही मुद्दों पर बहस हो पाई.
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य में खाद-बीज संकट का मुद्दा उठाया। विपक्ष की ओर से खाद-बीज की कमी के मुद्दे पर स्थगन लाया गया। स्थगन की सूचना देते हुए डॉ. महंत ने कहा कि पूरे राज्य में खाद की भारी किल्लत है। किसान इससे दुःखी हैं, आक्रोशित हैं। इस पर स्थगन स्वीकार कर चर्चा कराई जाए। भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खाद संकट से किसान हलाकान है। सरकार खाद उपलब्ध कराने में नाकाम है। किसान बाहर बाजार से दोगुने भाव मे खाद खरीदने में मजबूर है.
इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए जागरूक कर रहे हैं, वैकल्पिक खाद के उपयोग की भी जानकारी प्रशिक्षण के जरिए दी गई। फास्फेटिक खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई, इसलिए हमने बहुत पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। नैनो उर्वरकों के उपयोग की अनुशंसा की गई है। बड़ी तादाद में इसका भंडारण भी किया जा चुका है। वैश्विक कारणों से रासायनिक खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई। एनपीके उर्वरक का भंडारण लक्ष्य से ज्यादा हुआ है। पोटास सहित अन्य खाद का भी भंडारण हुआ है। 28 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बोअनी हो चुका है, जो पहले से ज्यादा है.
मंत्री का जवाब आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के स्थगन से इंकार कर दिया। स्थगन अग्राह्य होने और मंत्री के वक्तव्य से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। वेल में आकर कांग्रेस के विधायकों ने नारेबाजी शुरू की। विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई.
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