कबीरधाम में कलर प्रिंटर से नकली करेंसी बनाने का खेल, कटिंग कर असली नोट के बंडलों में रखने वाला आरोपी दीपक गिरफ्तार, मोबाइल फोन-कार जब्त
Counterfeit currency racket using a color printer busted in Kabirdham; accused Deepak—who cut the fake notes and inserted them into bundles of genuine currency—has been arrested, and a mobile phone and car have been seized.
कबीरधाम : नकली नोट तैयार कर उन्हें असली नोट के रूप में चलाने के मामले में चौकी पोड़ी पुलिस और साइबर टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी दीपक सतनामी उर्फ दीपक घोसले नकली नोट तैयार करने वाले अन्य आरोपियों के साथ रहता था और छापे गए नोटों की कटिंग कर उन्हें अलग-अलग बंडलों में रखने का काम करता था. इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
मिली जानकारी के मुताबिक मामले में अब तक कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं. इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल किए गए कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, मोबाइल फोन और जुर्म में इस्तेमाल ईवी कार भी जब्त की गई है. कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन और एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में चौकी पोड़ी पुलिस एवं साइबर टीम द्वारा की जा रही है।
उधार दिए थे 3.75 लाख वापस मिले नकली नोट
मामले का खुलासा ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव की शिकायत के बाद हुआ. शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3 लाख 75 हजार रुपये उधार दिए थे. जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो 9 अगस्त 2026 को उसे ग्राम पोड़ी स्थित शराब भट्ठी के पास बुलाया गया. आरोप है कि वहां सतीश कुमार और उसके साथी ने उसे काले रंग के बैग में रकम दी. बैग में रखे नोटों की जांच करने पर वे संदिग्ध लगे. बाद में जांच में 500-500 रुपये के कुल 4 लाख 50 हजार रुपये के नोट नकली पाए जाने की बात सामने आई. शिकायत के आधार पर चौकी पोड़ी में अपराध क्रमांक 101/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई.
किराए के मकान में तैयार किए जा रहे थे नकली नोट
पुलिस का दावा है कि जांच और आरोपियों से पूछताछ के दौरान नकली नोट तैयार करने वाले एक गिरोह की जानकारी सामने आई. कुछ आरोपी जुलाई 2026 से नया बस स्टैंड के पास एक किराए के मकान में रहकर कलर प्रिंटर की सहायता से कथित तौर पर नकली नोट तैयार कर रहे थे. इन नोटों को अलग-अलग स्थानों पर असली मुद्रा के रूप में चलाने की योजना होने की बात भी जांच में सामने आई है. पुलिस ने मामले में पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. उनके कब्जे से नकली नोट सहित अन्य सामान जब्त किया गया। अब मामले में चौथे आरोपी के रूप में दीपक सतनामी उर्फ दीपक घोसले को गिरफ्तार किया गया है.
नोटों की कटिंग और बंडल बनाने का करता था काम
गिरफ्तार दीपक सतनामी उर्फ दीपक घोसले पिता मुक्तावन घोसले, उम्र 46 साल वार्ड नम्बर 5 जेवड़न खुर्द थाना कवर्धा का रहने वाला है. पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का दावा है कि दीपक नकली नोट तैयार करने वाले अन्य आरोपियों के साथ किराए के मकान में रहता था. वहां तैयार किए गए कथित नकली नोटों की कटिंग करने और उन्हें अलग-अलग बंडलों में व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी भी उसके पास थी. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने नकली नोटों को किन-किन स्थानों पर चलाया और इस नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल थे.
12.50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद
पूरे मामले में अब तक 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट जब्त किए जा चुके हैं. साथ ही नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, मोबाइल और ईवी कार भी बरामद की गई है. मामले में बीएनएस की धारा 318(4), 178, 179, 180, 181 और 3(5) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है. पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों और नकली नोटों के प्रसार से संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है. कबीरधाम पुलिस ने आम लोगों से भी अपील किया कि किसी संदिग्ध नोट को स्वीकार करने से पहले उसकी सावधानी से जांच करें. नकली नोट या संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलने पर फौरन नजदीकी थाना या पुलिस चौकी को खबर दें.
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