CM के कार्यक्रम से पहले गरियाबंद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद नजरबंद!, काला झंडा दिखाने की तैयारी की चर्चा से मचा सियासी बवाल, डॉ. रमन सिंह का दौरा रद्द

Congress District President Sukhchand placed under house arrest in Gariaband ahead of the CM's program; political uproar ensues over reports of plans to wave black flags; Dr. Raman Singh's visit cancelled.

CM के कार्यक्रम से पहले गरियाबंद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद नजरबंद!, काला झंडा दिखाने की तैयारी की चर्चा से मचा सियासी बवाल, डॉ. रमन सिंह का दौरा रद्द

गरियाबंद : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गरियाबंद दौरे से ठीक पहले एक राजनीतिक घटनाक्रम ने जिले की सियासत में हलचल बढ़ा दी है. कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा को पुलिस ने उनके निवास ग्राम दरलीपारा में घर पर ही नजरबंद कर दिया. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की खबर प्रशासन को मिली थी.
आपको बता दें कि आज गरियाबंद जिला मुख्यालय स्थित पुलिस ग्राउंड में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम होना हैं 
हालांकि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के 17 जून को प्रस्तावित गरियाबंद दौरे पर अचानक ब्रेक लग गया है. विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय से जारी एक फैक्स संदेश में उनके गरियाबंद प्रवास कार्यक्रम को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए निरस्त कर दिया गया.
इस बीच खाद की क़िल्लत पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम और अभाव जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही थी.
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर थीं. इसी बीच विरोध प्रदर्शन की संभावित योजना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए सुखचंद बेसरा की गतिविधियों पर रोक लगा दी. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है.
क्या बोले कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा?
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस द्वारा बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में प्रदर्शन और सरकार का पुतला दहन करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था. इसी संभावित विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा को घर पर ही नजरबंद कर दिया.
नजरबंदी की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सुखचंद बेसरा ने कहा कि यह लोकतंत्र है और यहां हर नागरिक को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर भारतीय जनता पार्टी सरकार विरोध की आवाज को इस तरह दबाने का प्रयास कर रही है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.
बेसरा ने कहा कि जनता की समस्याओं को उठाना विपक्ष का दायित्व है और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है. उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया.
जिला अध्यक्ष के नजरबंद होने के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले जिले में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है. वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बता रहा है. इस घटनाक्रम के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
सोशल मीडिया सहित विभिन्न मंचों पर इसकी आलोचना शुरू हो गई है. हालांकि प्रशासन की तरफ़ से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के दौरे और पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस की अगली रणनीति क्या होगी.
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प्रोटोकॉल जारी होने के बाद रद्द हुआ प्रोग्राम
गरियाबंद में विधानसभा अध्यक्ष के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां कर ली थीं. कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों को कार्यक्रम की खबर पहले ही भेजी जा चुकी थी. ऐसे में आखरी समय पर कार्यक्रम रद्द होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय स्तर पर लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर वह कौन सी परिस्थितियां थीं. जिनके कारण दौरा केंसल करना पड़ा.
उत्साहित कार्यकर्ताओं में कार्यक्रम रद्द होने के बाद निराशा
दौरे के दौरान जिले में कई कार्यक्रमों में शामिल होने और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना जताई जा रही थी. कार्यक्रम केंसल होने के बाद अब उन लोगों में भी निराशा देखी जा रही है, जो विधानसभा अध्यक्ष के आगमन का इंतजार कर रहे थे.
फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय की तरफ से सिर्फ इतना ही कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों के चलते कार्यक्रम स्थगित किया गया है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि गरियाबंद का यह महत्वपूर्ण दौरा कब पुनर्निर्धारित होगा और आखिर इसके पीछे की असल वजह क्या है.
कार्यक्रम रद्द होने का आदेश विशेष सचिव ने किया जारी
कार्यक्रम रद्द होने की खबर की विधानसभा अध्यक्ष के सचिव द्वारा की गई जारी ..हालांकि आधिकारिक रूप से किसी भी अन्य कारण की पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में जब तक नई तारीख और विस्तृत जानकारी सामने नहीं आती. तब तक यह मामला चर्चा का विषय बना रहेगा.
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