सुशासन तिहार में 'बाल श्रम' का तमाशा: मंत्री-कलेक्टर के सामने नाबालिग परोसते रहे नाश्ता-शरबत, कानून की उड़ी धज्जियां, व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

Arrangements were made by children for the Good Governance Festival, leaders and officials were present at the program, serious questions are being raised about the preparations and monitoring system of the program.

सुशासन तिहार में 'बाल श्रम' का तमाशा: मंत्री-कलेक्टर के सामने नाबालिग परोसते रहे नाश्ता-शरबत, कानून की उड़ी धज्जियां, व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

गरियाबंद : सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘सुशासन तिहार’ में ही व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. गरियाबंद जिले के ग्राम पोखरा में आयोजित समाधान शिविर के दौरान मुख्य मंच के सामने नाबालिग बच्चे नाश्ता और शरबत परोसते नजर आए. जबकि इस कार्यक्रम में खुद प्रभारी मंत्री, विधायक, कलेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद थे. लेकिन बच्चों से कराए जा रहे काम पर किसी का ध्यान नहीं गया. या ध्यान दिया नहीं गया?.
सुशासन तिहार का मकसद आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना बताया जाता है. लेकिन जिस आयोजन में समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था. वहीं बच्चों से काम कराए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
लोगों का कहना है कि प्रशासन अक्सर नियमों और जिम्मेदारियों की बड़ी-बड़ी बात तो करता है. लेकिन सरकारी आयोजन में ही बच्चों से काम कराया जाना सुशासन के दावों की पोल खोलता नजर आया. अब चर्चा इस बात की है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी कोई संज्ञान लेते हैं या मामला सिर्फ चर्चा तक सीमित रह जाएगा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बच्चों के हाथों में पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी होनी चाहिए. उन्हें सरकारी आयोजन की व्यवस्थाओं में लगा दिया गया. मंच के सामने बच्चे लगातार अतिथियों और लोगों को शरबत और नाश्ता परोसते दिखाई दिए. इससे कार्यक्रम की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
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