न्याय की जीत: लाठी से पीटकर हत्या करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास, पीड़ित परिवार को मुआवजे का आदेश जारी, अपराधियों में बढ़ा खौफ
Victory for Justice: Life imprisonment for the accused who beat a person to death with a lathi; compensation ordered for the victim's family; fear mounts among criminals.
न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ के निष्पक्ष निर्णयों से आम जनता और अधिवक्ताओं में बढ़ा विश्वास; अपराधियों में खौफ, निर्दोषों को मिली राहत
बालोद : जिला एवं सत्र न्यायालय (एफटीसी) बालोद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ की अदालत ने न्याय व्यवस्था की साख को मजबूत करते हुए एक संगीन मामले में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है. अदालत ने लाठी से पीटकर हत्या करने के आरोपी बालाराम सिन्हा उम्र 66 साल निवासी करियाटोला (तुमड़ीकसा), थाना मंगचुवा को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास एवं 100 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है.
न्यायाधीश ताजुद्दीन आसिफ की निष्पक्ष कार्यशैली, त्वरित न्याय प्रक्रिया और सख्त फैसलों से जहां एक ओर अपराधियों पर नकेल कस रही है. वहीं दूसरी तरफ आम जनता और न्याय जगत (वकीलों) में अदालत के प्रति विश्वास और सम्मान निरंतर मजबूत हो रहा है.
सख्त सजा के साथ पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल
अदालत ने केवल आरोपी को जेल भेजने तक ही अपना कर्तव्य सीमित नहीं रखा. बल्कि पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मानवीय पहल भी की है.
विशेष आदेश:
न्यायालय ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (BALOD) को निर्देशित किया है कि आदेश प्राप्ति की तिथि से दो माह के भीतर 'पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना-2018' के तहत मृतक के आश्रितों की पात्रता की जांच कर उन्हें प्रतिकर (मुआवजा) राशि प्रदान करने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए.
क्या था पूरा मामला?
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सनद कुमार श्रीवास्तव ने मजबूती से पैरवी की.
घटना की तारीख:
17 अक्टूबर 2025 की सुबह मृतक जगतराम शौच के लिए नरवा की ओर गए थे।
विवाद और हमला:
इसी दौरान आरोपी बालाराम सिन्हा ने पुराने विवाद के चलते जगतराम पर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. प्रत्यक्षदर्शी की गवाही: घटना के प्रत्यक्षदर्शी देवन सिंह ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने आक्रोश में आकर जगतराम की पीठ पर लाठी से जानलेवा वार किया, जिससे वे मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े. अस्पताल ले जाते समय मौत: परिजनों द्वारा घर पहुंचाए जाने के कुछ ही देर बाद जगतराम की सांसें थम गईं.
पुख्ता जांच और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
थाना मंगचुवा पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया और BNS की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की विवेचना सहायक उपनिरीक्षक देवकुमार कोर्राम द्वारा की गई. विवेचना के दौरान आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर हत्या में प्रयुक्त लाठी और खून से सने कपड़े जब्त किए गए. पर्याप्त एवं ठोस साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी को 18 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया.
अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पुलिस द्वारा जब्त साक्ष्यों और चिकित्सीय प्रमाणों का गहन अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया.
कानून का राज स्थापित: जनता और वकीलों ने की सराहना
इस त्वरित और निष्पक्ष निर्णय के बाद न्यायालय परिसर एवं आम जनता के बीच न्यायाधीश श्री ताजुद्दीन आसिफ की कार्यशैली की जमकर सराहना हो रही है. वकीलों का मानना है कि ऐसे कड़े और संवेदनशील फैसलों से समाज में अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होता है और निर्दोष व पीड़ित परिवारों को यह भरोसा मिलता है कि अदालत उनके साथ खड़ी है.
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