पुल निर्माण की मांग को लेकर हजारों ग्रामीणों का 15 घंटे तक चक्काजाम, जाम के दौरान विधवा महिला ने SDM को सौंपा ज्ञापन, भूमिहीन राशि जोड़ने की लगाई गुहार

Thousands of villagers staged a 15-hour road blockade demanding the construction of a bridge. During the blockade, a widow submitted a memorandum to the SDM, requesting that the landless amount be added.

पुल निर्माण की मांग को लेकर हजारों ग्रामीणों का 15 घंटे तक चक्काजाम, जाम के दौरान विधवा महिला ने SDM को सौंपा ज्ञापन, भूमिहीन राशि जोड़ने की लगाई गुहार

गरियाबंद : गरियाबंद जिले में मैनपुर क्षेत्र में NH-130C पर हुए चक्का जाम के दौरान एक विधवा महिला ने अपनी आर्थिक समस्या को लेकर मौके पर मौजूद अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपकर मदद की मांग की. महिला ने भूमिहीन पंजीयन की राशि बंद होने से हो रही परेशानियों को लेकर प्रशासन से जल्द समाधान की गुहार लगाई है.
भूमिहीन राशि बंद होने से बढ़ी परेशानी
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कुर्रुभाठा, ग्राम पंचायत जांगड़ा की निवासी गंगाबाई सोरी, पति स्व गोवर्धन सोरी ने कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को सौंपा. महिला ने अपने आवेदन में बताया कि वह पहले से ही भूमिहीन पंजीकृत हितग्राही हैं और उन्हें मिलने वाली भूमिहीन राशि पूर्व में PNB बैंक खाते क्रमांक XXXX8900 में मिलती थी. महिला का आरोप है कि बैंक द्वारा किसी कारणवश उनका पुराना खाता बंद कर दिया गया. जिसके बाद से उन्हें भूमिहीन योजना की राशि मिलना बंद हो गया. इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया.
नए खाते से राशि जोड़ने की मांग
आवेदन में गंगाबाई सोरी ने प्रशासन से निवेदन किया कि उनकी भूमिहीन राशि को उनके नए PNB बैंक खाते क्रमांक XXXX1827 से जोड़ा जाए. ताकि उन्हें योजना का लाभ फिर से मिल सके. उन्होंने बताया कि खाता बंद होने के बाद से उन्हें लगातार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
विधवा होने के कारण बढ़ी जिम्मेदारियां
गंगाबाई सोरी एक विधवा महिला हैं और पति के निधन के बाद से परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है. बुजुर्ग होने के कारण मजदूरी पर भी निर्भर नहीं रह सकती.
ऐसी हालत में भूमिहीन योजना से मिलने वाली राशि ही उनके जीवन-यापन का प्रमुख सहारा रही है. जिसके बंद होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
चक्का जाम के दौरान सौंपा गया आवेदन
बताया जा रहा है कि यह आवेदन NH-130C पर हुए चक्का जाम और धरना प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया. उस समय अनुविभागीय अधिकारी (SDM) मौके पर मौजूद थीं. जिन्हें महिला ने अपनी समस्या से अवगत कराया.
प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद
महिला ने प्रशासन से अनुरोध किया कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाए. ताकि उनकी भूमिहीन राशि फिर से चालू हो सके और उन्हें राहत मिल सके. अब इस मामले में प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर संबंधित परिवार की नजर बनी हुई है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t

पुल निर्माण की मांग को लेकर हजारों ग्रामीणों का 15 घंटे तक चक्काजाम

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर अंतर्गत उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व मे बसे ग्राम पंचायत अमाड़, देवझरअमली, धुपकोट रास्ते मे पड़ने वाली विशाल नदी पट्टानाला मे पुल निर्माण की मांग को लेकर आदिवासी ग्रामीणो का गुस्सा फुट पड़ा. सुबह तड़के चार बजे ही हजारो ग्रामीणो ने मैनपुर से महज 30 किमी दूर ग्राम जुगाड़ नेशनल हाइवे 130 सी मुख्यमार्ग मे बैठकर चक्काजाम शुरु कर दिया.
रायपुर से मैनपुर देवभोग ओडि़शा को जोड़ने वाले इस मुख्यमार्ग मे छोटे-छोटे बच्चो को गोद मे लेकर ग्रामीणो ने चक्काजाम कर दिया. जिसकी जानकारी लगते ही प्रशासनिक अमला मे हड़कंप मच गई.
अपर कलेक्टर पंकज डहरे, एडिशनल एसपी धीरेन्द्र पटेल, एसडीएम हितेश्वरी बाघे, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन, एसडीओपी मैनपुर ओमप्रकाश खुजुर, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के कार्यपालन अभियंता अभिषेक पाटकर, थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा एवं जिले के आला अफसरो ने ग्रामीणो को चक्काजाम खत्म करने कई बार मनाने की कोशिश की. लेकिन चक्काजाम कर रहे ग्रामीण मानने को तैयार ही नही हो रहे थे.
लगातार प्रयास करने के बाद देर शाम 6 बजे लिखित आश्वासन पट्टाबहाल नदी मे पुल निर्माण क्षेत्रवासियो के मंशा अनुसार वर्षा ऋतु के बाद शुरु कराने की कोशिश तब तक क्षतिग्रस्त रपटा को आवागमन योग्य बनाने के आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म किया गया.
आदिवासी क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ सरकार अन्याय कर रही है - संजय नेताम
चक्काजाम धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा आजादी के 79 साल बाद भी आदिवासी क्षेत्र के ग्रामीणो के साथ शासन प्रशासन छल कर रही है. ग्रामीणो को अपनी मांगो और मूलभूत सुविधाओ की मांग के लिए चक्काजाम करने मजबुर होना पड़ रहा है. यह राज्य और केन्द्र सरकार की तमाम विकास के दावो की पोल खोलकर रख दिया है.
टाइगर रिजर्व में निवास करने वाले लोगों को हटाने का प्रयास - श्रीमती लोकेश्वरी नेताम
आदिवासी समाज महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमति लोकेश्वरी नेताम ने कहा उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व मे निवास करने वाले लोगो को विस्थापित करने का षडयंत्र रचा जा रहा है. ग्रामीणो को कोई सुविधा उपलब्ध नही कराया जा रहा है. हमे संविधान द्वारा मिले अधिकारो का उपयोग करने की जरुरत है.
आदिवासी भुंजिया नेता टीकम नागवंशी ने कहा पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पुल पुलिया के लिए हमे संघर्ष करना पड़ रहा है. दूसरी तरफ राज्य सरकार रजत जयंती मना रही है.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग द्वारा बगैर अनुमति के रपटा को तोड़ा गया - पुस्तम मांझी
अमाड़ के पूर्व सरपंच एवं आदिवासी युवा नेता पुस्तम मांझी ने कहा अमाड़ जाने वाले मार्ग मे वन विभाग द्वारा रपटा का निर्माण किया गया था. जिसे बगैर अनुमति के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग द्वारा तोड़ दिया गया और नया पुल निर्माण की बात कही गई थी. लेकिन पुल निर्माण नही करने के कारण मजबुरन चक्काजाम करने मजबुर हो रहे है. बारिश के दिनो मे इस क्षेत्र मे आना जाना पूरी तरह अवरूद्ध हो जाता है. जिसके कारण गर्भवती महिलाओ को अस्पताल तक नही ला पाते और कई लोगो की अकाल मृत्यु भी हो चुकी है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
इस मौके पर संजय नेताम, लोकेश्वरी नेताम, टीकम नागवंशी, पुस्तम मांझी, अर्जुन नायक, मदन यादव, माधुरी नेताम, गणेश राम, कैलाश सोरी, नरहर सोरी, अरविंद नेताम, भानु सिन्हा, मोहन मरकाम, मोतीलाल, मिथुला बाई, मानसिंग एवं हजारो की संख्या मे क्षेत्र के लोग शामिल थे.
दूल्हा राजा सहित सैकड़ो बाराती चक्काजाम मे फसे
नेशनल हाइवे मे चक्काजाम के कारण दूल्हा राजा सहित सैकड़ो बाराती घंटो चक्काजाम मे फसे रहे. दुर्ग के हिर्रा ग्राम से धुरवागुड़ी हरदीपारा बारात आ रहे दूल्हे राजा और सैकड़ो बारातियो के वाहन चक्काजाम मे घंटो फसे रहे. बड़ी मान मनौव्वल के बाद दूल्हे राजा को तो जाने दिये लेकिन सैकड़ो बाराती और बस चक्काजाम खत्म होने के बाद ही आगे जा पाए. छोटे -छोटे बच्चो के साथ सफर कर रहे सैकड़ो यात्री ओडि़शा से लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के कई हिस्सो के लोग चक्काजाम मे फसे रहे. भीषण गर्मी मे चाय पानी के लिए जंगल मे तरस गए.
25 किमी तक वाहनो की लंबी कतार लगी रही
चक्काजाम के चलते मैनपुर से 8 किमी दूर झरियाबाहरा से लेकर कोयबा इंदागांव तक लगभग 25 किमी वाहनो की लंबी कतार जंगल के भीतर लगी रही और वही ट्रक और मालवाहक ड्राईवर क्लीनर भोजन बनाते नजर आए तो यात्रीगण पीने के पानी के लिए इस भीषण गर्मी मे तरस गए. चक्काजाम मे शामिल हजारो ग्रामीणो ने अपने साथ आधी रात को ही चांवल दाल और राशन सामाग्री लेकर आंदोलन करने पहुंचे हुए थे भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात किया गया था.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t