ठंड साबित हो रहा जानलेवा, छत्तीसगढ़ में अब दूसरी मौत, बुजुर्ग की गई जान, पैरावट में मिली लाश, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

The cold is proving fatal, with a second death in Chhattisgarh, an elderly man's life, a body found in Paravat, and the health department issuing an advisory.

ठंड साबित हो रहा जानलेवा, छत्तीसगढ़ में अब दूसरी मौत, बुजुर्ग की गई जान, पैरावट में मिली लाश, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड जानलेवा साबित हो रही है. अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ क्षेत्र में नए साल की रात एक अज्ञात बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई. यह प्रदेश में बीते 22 दिनों के भीतर ठंड से हुई दूसरी मौत है. जिससे शीतलहर के खतरे और प्रशासनिक सतर्कता की जरुरत एक बार फिर सामने आई है.
मिली जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग का शव खुले स्थान पर पैरावट की हालत में अकड़ा हुआ मिला. शुरुआती जांच में सामने आया कि ज्यादा ठंड की वजह से वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गया था. मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है. उसके पास से बस का टिकट बरामद हुआ है. जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह किसी अन्य क्षेत्र से अंबिकापुर आया था.
बताया गया कि बुजुर्ग कम कपड़ों में खुले में सो गया था. देर रात तापमान में तेज गिरावट की वजह से शरीर का तापमान असामान्य रुप से नीचे चला गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पहचान की प्रक्रिया शुरु कर दी है.
अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला है. इससे पहले 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड परिसर में खुले में सो रहे एक व्यक्ति की भी ठंड से जान चली गई थी. लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि शीतलहर से होने वाली मौतें अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं.
कड़ाके की ठंड का सीधा असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है. बीते एक महीने में रायपुर स्थित अंबेडकर अस्पताल सहित प्राइवेट अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं. बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों का शरीर वयस्कों के मुकाबले जल्दी ठंडा हो जाता है. नवजात शिशुओं की मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होतीं. जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते. विशेषकर सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे बच्चों में हाइपोथर्मिया का खतरा ज्यादा रहता है.
स्वास्थ्य विभाग ने शीतलहर को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने चेतावनी दी कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है. विभाग ने लोगों से अपील किया कि शीतलहर के दौरान सिर्फ बहुत जरुरी होने पर ही सफ़र करें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें और बाहर निकलते समय पूरे गर्म कपड़े पहनें.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t