सहायक शिक्षक फेडरेशन ने SDM को सौंपा ज्ञापन, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग, बोले- बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
The Assistant Teachers' Federation submitted a memorandum to the SDM, demanding that teachers be freed from non-academic duties, saying they were adversely affecting children's education.
धमतरी/कुरुद : सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय प्रवक्ता हुलेश चंद्राकर और ब्लॉक अध्यक्ष लुकेश राम साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने SDM कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक शासकीय कार्यों से मुक्त रखते हुए उन्हें सिर्फ शैक्षणिक गतिविधियों में लगाने की मांग रखी. उनका कहना था कि बार-बार प्रशासनिक ड्यूटी लगाए जाने से नियमित शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है और बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
SDM का सकारात्मक आश्वासन ज्ञापन लेने के बाद SDM कोसले ने कहा कि वर्तमान कार्य राष्ट्रीय स्तर का है. जिसे प्राथमिकता से करना जरुरी है. लेकिन फेडरेशन की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसे विद्यालयों की अलग लिस्ट तैयार की जाएगी. जहां से ड्यूटी लगने पर शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित न हों.
SDM ने यह भी बताया कि आगे से शिक्षकों की ड्यूटी रोटेशन प्रणाली के आधार पर लगाई जाएगी. ताकि किसी एक शिक्षक या विद्यालय पर एक्स्ट्रा भार न पड़े और सभी स्कूलों में पठन-पाठन सुचारु रुप से चलता रहे.
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि शिक्षकों को अभिहित अधिकारी के रुप में ड्यूटी तो दी गई है. लेकिन उन्हें यह साफ नहीं बताया गया कि उनका वास्तविक काम क्या होगा. न ही इस बारे में कोई प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है. इस पर SDM ने आश्वासन दिया कि कल ऑनलाइन प्रशिक्षण/जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी. ताकि शिक्षक अपनी जिम्मेदारियाँ समझकर सही ढंग से काम कर सकें.
आज के ज्ञापन कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष फालेश्वर कुर्रे, सहसचिव शंकरलाल मानिकपुरी, जिला सचिव भेषज साहू, मदन चंद्रकार, सेवक पटेल, गोपाल ठाकुर, भूषण बंजारे, रति चंद्राकर, खेमचंद देशलहरे सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे.
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