रायपुर में छह गायों की मौत, कांग्रेस ने राज्य सरकार पर लगाए लापरवाही का आरोप, कहा- अगर गोठान बंद नहीं किये जाते तो गाय सुरक्षित होती

Six cows died in Raipur, Congress accused the state government of negligence, said- if the cowsheds were not closed then the cows would have been safe

रायपुर में छह गायों की मौत, कांग्रेस ने राज्य सरकार पर लगाए लापरवाही का आरोप, कहा- अगर गोठान बंद नहीं किये जाते तो गाय सुरक्षित होती

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंडस्ट्रियल एरिया उरला के पास कन्हैरा गांव के क्षेत्र में शमशान घाट के पास दुधारु गायें और गौवंश बड़ी तादाद में अज्ञात कारणों से चारों तरफ मरे पड़े हैं. स्थानिक ग्रामीणों की शिकायत के बाद उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. और गौवंशों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. आशंका जताई जा रही हैं कि गायों की मौत वहां फेंके गए औद्यौगिक अपशिष्ट खाने से हुई होगी.
वही स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति से माहौल में आक्रोश देखा जा रहा है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे कन्हैरा गांव में कई गायों की शव मिले हैं. वेस्ट मटेरियल खाने से गायों की मौत की आशंका जताई जा रही है. हालांकि यह साफ नहीं हुआ है कि मौत कैसे हुई है. मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.
गायों की मौत को लेकर सियासी हंगामा मच गया है. इस घटना के सामने आने के बाद अब रायपुर में राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने इन मौतों के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. कांग्रेस का कहना है कि अगर गौठान बंद नहीं किए जाते, तो आज यह गाय सुरक्षित होती. उनकी मौतें नहीं होती. बीते सवा साल में यह कोई पहली घटना नहीं है.
साय सरकार की लापरवाही से राजधानी के कन्हैरा गांव में 50 से ज्यादा गायों की मौत हो गई. गांव वाले बता रहे हैं कि एक सरकारी गोदाम है. जिसे सरकार ने नान के लिए किराए पर लिया है. उस गोदाम को खाली किया गया है और उसका जो भी सड़ा गला कचरा और सामान था. उसे श्मशान के पास फेंका गया था. जिसे गायों ने खा लिया और बड़ी तादाद में गायों की मौत हो गई, श्मशान के आसपास सिर्फ गायों की लाश ही दिख रही हैं.
सुशील आनंद शुक्ला का साय सरकार पर आरोप का सिलसिला यहीं नहीं रुका. उन्होंने कहा कि यह बहुत वीभत्स मंजर है. गांव में गौठान है और उसे बंद कर दिया गया है. अगर गौठानों को बंद नहीं किया जाता तो इस गर्मी में गायों को चारा पानी मिलता. इस तरह जहरीला पदार्थ खाकर गायों की मौत नहीं होती. इसके लिए सरकार जिम्मेदार है. बीते सवा साल में लगातार गायों की मौत हो रही है.
गायों की संदिग्ध तरीके से मौत को लेकर पशु प्रेमी और गौ-सेवकों समेत ग्रामीणों में आक्रोश है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है.
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