आर्थिक तंगी के चलते पेंटर पति ने की खुदकुशी, 12 घंटे बाद पत्नी की भी गई जान, बच्चे हुए अनाथ, मौत भी ज्यादा देर नहीं रख सकी अलग
Painter husband committed suicide due to financial crisis, 12 hours later wife also died, children became orphan, even death could not keep them apart for long
दुर्ग/भिलाई : पति-पत्नी का रिश्ता सिर्फ़ सात वचनों का बंधन नहीं. बल्कि जिंदगी भर का साथ होता है. यह रिश्ता जब हालात और मजबूरियों से टकराता है. तो कभी-कभी मरते दम तक भी साथ निभाता है. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कुछ ऐसा ही हुआ है. पति की मौत के दूसरे दिन पत्नी ने भी दम तोड़ दिया.
मिली जानकारी के मुताबिक सिकोला बस्ती जैतखाम के रहने वाले तिलक कुर्रे उम्र 50 साल पेंटर थे. उनकी पत्नी शीतल उम्र 40 साल मजदूरी कर परिवार चलाने में मदद करती थी. परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, उनका बड़ा बेटा उम्र 24 साल मारपीट के एक केस में 15 दिन से जेल में है. छोटा बेटा उम्र 17 साल किसी तरह घर का खर्च चला रहा था.
इसी बीच शीतल को आंत की बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. उसका बड़ा ऑपरेशन हुआ. जिसमें 10 यूनिट खून चढ़ाया गया. ऑपरेशन कामयाब रहा. लेकिन अस्पताल के खर्च ने परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब कर दी.
वार्ड पूर्व पार्षद उषा ठाकुर के मुताबिक घर की बिजली कट चुकी थी. पूरी जिम्मेदारी नाबालिग बेटे पर आ गई थी. इन हालात से टूटकर 31 अगस्त को शाम 4 बजे तिलक ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. लेकिन परिवार ने शीतल को पति की मौत की खबर नहीं दी.
लेकिन संयोग से एक घंटे बाद ही अस्पताल में शीतल की भी हालत बिगड़ने लगी. डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद 1 सितंबर की सुबह 5 बजे शीतल ने भी दम तोड़ दिया. अब उनके दोनों बच्चे अकेले हैं. एक जेल में है और दूसरा नाबालिग है. मोहल्ले वाले कहते हैं कि यह दंपती जीवन भर साथ रहा और मौत भी उन्हें ज्यादा देर अलग नहीं रख सकी.
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