धान खरीदी में ₹1.44 करोड़ की गड़बड़ी, 11,628 बोरा धान का हिसाब गायब, धान खरीदी प्रभारी टिकेश्वर पोटाई और बारदाना प्रभारी भोज कुमार जैन गिरफ्तार
Irregularities worth ₹1.44 crore in paddy procurement; 11,628 sacks of paddy unaccounted for. Paddy procurement in-charge Tikeshwar Potai and gunny bag in-charge Bhoj Kumar Jain arrested.
कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. अंतागढ़ क्षेत्र की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति आसुलखार के धान खरीदी केंद्र में संयुक्त जांच दल ने भौतिक सत्यापन के दौरान 4,651.20 क्विंटल धान से जुड़ी अनियमितता पाई है. इसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 44 लाख 18 हजार 720 रुपये आंकी गई. मामले में धान खरीदी केंद्र प्रभारी टिकेश्वर पोटाई और बारदाना प्रभारी भोज कुमार जैन के खिलाफ FIR दर्ज की गई. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. यह मामला खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 का है.
आसुलखार धान खरीदी केंद्र में 748 किसानों से कुल 36,703.20 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. खरीदी और भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान रिकॉर्ड और असल स्टॉक में अंतर मिलने से अनियमितता का मामला उजागर हुआ. धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद कांकेर कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर संयुक्त जांच दल का गठन किया गया. जांच दल ने खरीदी केंद्र पहुंचकर उपलब्ध धान का भौतिक सत्यापन किया और अभिलेखों से उसका मिलान किया.
जांच में 11,628 बोरा धान, जिसका कुल वजन 4,651.20 क्विंटल है. से संबंधित अनियमितता सामने आई. जांच के आधार पर संबंधित राशि 1,44,18,720 रुपये आंकी गई. इतनी बड़ी तादाद में धान का अंतर मिलने के बाद सहकारी समिति के कामकाज और स्टॉक प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
समिति प्रबंधक की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति आसुलखार के प्रबंधक परमेश महावीर ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद 1 नवंबर 2026 को धान खरीदी केंद्र प्रभारी टिकेश्वर पोटाई और बारदाना प्रभारी भोज कुमार जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. शिकायत में धान खरीदी और भंडारण के दौरान सामने आई वित्तीय अनियमितता का उल्लेख किया गया है. जांच एजेंसियां संबंधित रिकॉर्ड, स्टॉक के विवरण और खरीदी से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही हैं. पुलिस कार्रवाई के बारे में धान खरीदी प्रभारी टिकेश्वर पोटाई और बारदाना प्रभारी भोज कुमार जैन कोको गिरफ्तार किया गया है.
748 किसानों से हुई थी धान खरीदी
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान आसुलखार समिति में बड़ी तादाद में किसानों ने अपना धान बेचा था. 748 किसानों से 36 हजार क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी दर्ज की गई थी. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसानों से धान प्राप्त करने के बाद उसकी मात्रा, गुणवत्ता, बोरों की तादाद और भंडारण का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है. ऐसे में रिकॉर्ड और असल स्टॉक में बड़ा अंतर मिलने से खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है. इस मामले में जांच का अहम पहलू यह होगा कि दर्ज खरीदी और वास्तविक भंडारण के बीच अंतर किस स्तर पर आया. यह भी जांच का विषय है कि धान की मात्रा में अंतर रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ी, भंडारण व्यवस्था या किसी अन्य कारण से उत्पन्न हुआ.
धान खरीदी प्रभारी और बारदाना प्रभारी की भूमिका की जांच
धान खरीदी केंद्र में अलग-अलग कर्मचारियों को खरीदी, स्टॉक और बारदाना प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां दी जाती हैं. आसुलखार मामले में धान खरीदी प्रभारी और बारदाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद इन जिम्मेदारियों के निर्वहन की जांच अगम हो गई है. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिकॉर्ड में दर्ज धान की मात्रा और भौतिक सत्यापन के दौरान सामने आए अंतर के पीछे असल्व्झ क्या है. जांच के दौरान अन्य दस्तावेजों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है.
₹1.44 करोड़ की अनियमितता ने उठाए कई सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि हजारों क्विंटल धान से जुड़ी अनियमितता समय रहते क्यों सामने नहीं आई. खरीदी केंद्र में रिकॉर्ड तैयार करने, धान के भंडारण और स्टॉक सत्यापन की व्यवस्था किस तरह संचालित हो रही थी. यह भी अहम है. आसुलखार धान खरीदी केंद्र में सामने आया मामला सहकारी समितियों की निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है. फिलहाल जांच में 1.44 करोड़ रुपये से ज्यादा की अनियमितता सामने आने और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि हुई है. आगे की पुलिस जांच में यह साफ होगा कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं.
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