प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के दौरे से पहले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को सुबह घर से उठाकर थाना ले गई पुलिस, मनोज- लोकतंत्र में विरोध करना-सवाल पूछना अपराध नहीं
Ahead of Minister-in-charge Tankram Verma's visit, the police picked up Congress workers from their homes in the morning and took them to the police station; Manoj asserts that protesting and asking questions is not a crime in a democracy.
धमतरी/नगरी : छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री एवं धमतरी जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के नगरी दौरे से पहले शुक्रवार सुबह पुलिस द्वारा कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को उनके घरों से जबरन थाने लाए जाने का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया. कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. इस कार्रवाई से पूरे अंचल में आक्रोश और हड़कंप का माहौल है.
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक सुबह करीब 5 बजे नगरी पुलिस ने नगर के कई वार्डों से प्रमोद कुंजाम, अभिषेक बंजारे, राकेश नेताम, आकाश नेताम, लक्ष्य तिवारी, हिमांशु प्रजापति, भीषम यादव और अंकुश देवांगन सहित कई युवा कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाकर थाने लाया.
कांग्रेस का आरोप है कि प्रभारी मंत्री के दौरे के दौरान जनता की समस्याएं और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए यह कार्रवाई की गई. पार्टी का कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है.
आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना और सरकार से सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज से डर रही है. इसलिए पुलिस के जरिए कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है.
आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “यह तानाशाही नहीं तो और क्या है? अपनी बात सरकार से नहीं करेंगे तो किससे करेंगे? सरकार पूरी तरह डरी हुई है और आने वाले समय में कांग्रेस के डर से ही ये सब पुलिस को आगे करके करवा रही है.
उन्होंने कहा “लोकतंत्र में विरोध करना, सवाल पूछना अपराध नहीं है. लेकिन ये सरकार विपक्ष को खत्म करने पर तुली है. सुबह 5 बजे घर में घुसकर कार्यकर्ताओं को उठाना ये साबित करता है कि सरकार के पैरों तले जमीन खिसक गई है.”
साक्षी ने चेतावनी दी “हम आगे भी मुखर रहेंगे। क्षेत्र की समस्या को उठाते रहेंगे. चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े. जेल भेजना है तो भेज दो. लेकिन जनता के मुद्दों पर बोलना बंद नहीं करेंगे. राजस्व मंत्री का दौरा जनता के बीच जाने का कार्यक्रम है. इसे रोककर सरकार अपनी हार स्वीकार कर रही है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी, नगरी ब्लॉक अध्यक्ष अनवर राजा, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेंद्र सोनी, जिला कांग्रेस सचिव भरत निर्मलकर, अरविंद यादव, रुद्र प्रताप नाग, किशन गजेंद्र, भारत लहरे, नितिन पिंकी यदु, संत राम मारकाम, भावेश चांदनिया, लाकेश्वर साहू, योगेश मारकाम, गिरवार ध्रुव, उदित सोनी सहित बड़ी तादाद में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगरी थाना पहुंचे. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया.
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में इस तरह की कार्रवाई दोहराई गई तो पार्टी जिला स्तर पर आंदोलन करेगी. उनका कहना है कि जनता के मुद्दों को उठाना जारी रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाता रहेगा.
जनता में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
पुलिस की इस कार्रवाई से नगरी की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार लोकतंत्र की बात करती है और दूसरी तरफ विपक्ष को इस तरह कुचलने का काम करती है. कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यदि आगे भी पुलिस का दुरुपयोग कर कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया तो जिले भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा.
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