सोते समय 12 वर्षीय छात्र को करैत सांप ने डसा, एंबुलेंस नहीं पहुंची तो बाइक से निकले पिता, इलाज के दौरान छात्र ने तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम

A 12-year-old student was bitten by a krait snake while sleeping; when the ambulance failed to arrive, his father rushed him to the hospital on a motorcycle, but the boy passed away during treatment, leaving the family in deep mourning.

सोते समय 12 वर्षीय छात्र को करैत सांप ने डसा, एंबुलेंस नहीं पहुंची तो बाइक से निकले पिता, इलाज के दौरान छात्र ने तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम

कोरबा : कोरबा जिले के गोढ़ी देहांतपारा में करैत सांप के डसने से 12 साल के छात्र रामकृष्ण मंझवार की मौत हो गई. वह कक्षा छठवीं का छात्र था. शनिवार 5 सितंबर की सुबह हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. परिजनों ने आरोप लगाया कि सर्पदंश के बाद 108 एंबुलेंस को खबर दी गई थी. लेकिन वाहन समय पर नहीं पहुंचा. इसके बाद पिता अपने बेटे को बाइक से लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़े.
मिली जानकारी के मुताबिक रामकृष्ण शुक्रवार रात अपने घर में बिस्तर पर सो रहा था. शनिवार तड़के करीब 5 बजे उसे अचानक गले के पास कुछ काटने जैसा महसूस हुआ. नींद में ही रामकृष्ण ने पास मौजूद सांप को पकड़कर दूर फेंक दिया.
बच्चे की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य जाग गए. परिजनों ने बिस्तर और आसपास के हिस्से की तलाशी ली तो वहां सांप दिखाई दिया. परिवार के मुताबिक सांप करैत था. बाद में उसे मार दिया गया. सर्पदंश के कुछ समय बाद ही रामकृष्ण की तबीयत बिगड़ने लगी.
एंबुलेंस नहीं पहुंची तो बाइक से निकले पिता
बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने फौरन 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया. रामकृष्ण के पिता दीपक मंझवार का आरोप है कि काफी इंतजार के बावजूद एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची. बेटे की बिगड़ती हालत देखकर पिता ने इंतजार करना उचित नहीं समझा और उसे बाइक पर लेकर अस्पताल की ओर निकल पड़े. रास्ते में उन्हें 108 एंबुलेंस मिली. जिसके बाद रामकृष्ण को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया. इसके बाद बच्चे को जिला मेडिकल कॉलेज कोरबा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया.
इलाज के दौरान छात्र ने तोड़ा दम
सर्पदंश के बाद रामकृष्ण की हालत नाजुक बनी हुई थी. डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया. लेकिन रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया.
पिता दीपक मंझवार ने बताया कि रामकृष्ण उनका बड़ा बेटा था. परिवार खेती-किसानी और मजदूरी कर अपना जीवनयापन करता है. मेडिकल कॉलेज से खबर मिलने के बाद जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए. इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया.
एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि अगर 108 एंबुलेंस समय पर पहुंचती तो बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में लगने वाला समय कम हो सकता था. हालांकि बच्चे की मौत और एंबुलेंस पहुंचने में कथित देरी के बीच चिकित्सकीय संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में सांप निकलने और सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे मामलों में मरीज को जल्द से जल्द उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना बेहद अहम माना जाता है. ग्रामीणों ने सर्पदंश से बचाव के लिए गांवों में जागरूकता बढ़ाने के साथ आपातकालीन स्वास्थ्य और एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करने की मांग की है.
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सोते समय छात्रा को सांप ने डस लिया, अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई मौत
जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ जांजगीर जिले के ग्राम पंचायत कांसा के शंकर चौक में सर्पदंश से 13 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई. मानवी कश्यप, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कांसा में 8वीं की छात्रा थी.
परिजनों के मुताबिक बच्ची रात में पलंग पर सो रही थी. तड़के करीब 3 बजे जहरीले सांप ने उसके बाएं हाथ को डस लिया. सांप के डसने की जानकारी मिलते ही परिजन उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ ले गए. प्राथमिक उपचार शुरू किया गया. लेकिन हालत बिगड़ती गई. परिजनों का कहना है कि नवागढ़ अस्पताल में आपातकालीन ऑक्सीजन और वेंटीलेटर जैसी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं थी.
डॉक्टरों ने मानवी को जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा रेफर कर दिया. नवागढ़ में चेकअप के बाद जिला अस्पताल पहुंचने में दो से तीन घंटे लग गए. इस दौरान रास्ते में उसकी तबियत लगातार बिगड़ती गई. जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद मानवी को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो चुकी थी. मानवी का छोटा भाई प्रियांशु 11 साल का है। पिता सालिक राम कश्यप किसान हैं.
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