नशे के जाल में फंसते युवा और बेलगाम रफ्तार का कहर: बर्बाद होते परिवार, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने लगाई गुहार, बचानी होगी युवा पीढ़ी की साख

Youth caught in the web of addiction and the havoc of reckless speeding: families being ruined; Chamber of Commerce makes an urgent appeal—the future of the young generation must be safeguarded.

नशे के जाल में फंसते युवा और बेलगाम रफ्तार का कहर: बर्बाद होते परिवार, चेंबर ऑफ कॉमर्स ने लगाई गुहार, बचानी होगी युवा पीढ़ी की साख

नशे के जाल में फंसती युवा पीढ़ी और बेलगाम रफ्तार का कहर
बालोद में 4 माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन की कार्रवाई शून्य, चेंबर ऑफ कॉमर्स की गुहार बेअसर
बालोद : भविष्य का भारत कहे जाने वाले हमारे नवयुवक आज एक ऐसे खौफनाक मोड़ पर खड़े हैं. जहां एक तरफ 'धीमा जहर' बनकर घुलता नशा उनकी जिंदगी तबाह कर रहा है. तो दूसरी तरफ सड़कों पर बेलगाम दौड़ती गाड़ियों की रफ्तार जिंदगियां छीन रही है.   यह महज एक शहर की बात नहीं. बल्कि हजारों परिवारों की वह खामोश चीख है. जो अपने बच्चों को नशे की आग में जलते और असमय दुर्घटनाओं का शिकार होते देख रहे हैं.
इस गंभीर सामाजिक संकट को भांपते हुए छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (इकाई बालोद) ने करीब चार महीने पहले जिलाधीश (कलेक्टर) एवं पुलिस अधीक्षक के समक्ष गुहार लगाई थी. लेकिनअत्यंत दुखद व चिंताजनक पहलू यह है कि चार महीने बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की कार्रवाई सिफर (शून्य) नजर आ रही है.
नशे का मायाजाल: 
सिर्फ शराबबंदी से नहीं रुकेगा अपराध
बालोद, दुर्ग, धमतरी, और राजनांदगांव जैसे जिले आज नशीली दवाओं और ड्रग्स माफियाओं के निशाने पर हैं। अफीम, गांजा, ड्रग्स और प्रतिबंधित नशीली सिरप/दवाइयों का एक बड़ा नेटवर्क अन्य जिलों व राज्यों से आकर यहां पैर पसार चुका है.
बड़ा सवाल: आखिर नशीली दवाओं के ये बड़े सप्लायर आते कहां से हैं?
आखिर पुलिस की गिरफ्त से ये माफिया अब तक दूर क्यों हैं?
सिर्फ अवैध देशी-विदेशी शराब पकड़कर इतिश्री कर लेने से नशे का यह भयानक कारोबार खत्म नहीं होने वाला.
ब्लैकमेलिंग और कर्ज का खतरनाक चक्रव्यूह:
चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा सौंपे गए आवेदन में एक रोंगटे खड़े कर देने वाले सच का पर्दाफाश किया गया है:
क्रिमिनल सिंडिकेट का खेल:
शहर के मासूम और बहके हुए युवाओं को पहले नशे की लत लगाई जाती है।ब्लैंक चेक और भारी ब्याज: नशा पूर्ति के लिए क्रिमिनल्स युवाओं को ₹1,00,000 तक का लोन देते हैं और बदले में उनसे ब्लैंक चेक ले लेते हैं. बाद में उन चेकों में 5 से 10 लाख रुपये भरकर बच्चों व उनके परिवारों को धमकाया जाता है तथा 15% से 25% तक का मनमाना ब्याज वसूला जाता है.
बर्बाद होते परिवार:
इस मानसिक व वित्तीय प्रताड़ना के कारण दर्जनों परिवार आर्थिक व सामाजिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं.
रफ्तार का कहर:
पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष को भी निगल गई दुर्घटनाशहर के मध्य नेशनल हाईवे (NH) निर्माण के बाद झलमला से पर्यावरण पार्क तक का पैच हादसों का ब्लैक स्पॉट बन चुका है. ओवरस्पीडिंग गाड़ियों के कारण रोज जन-धन और पशुधन की हानि हो रही है. इसी लापरवाही की बलि चढ़े पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष स्व सुजीत साहू जी, जिनकी आकस्मिक दुर्घटना में मृत्यु ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था.
शहर में नवयुवक नशे की धुत में दोपहिया वाहनों पर 3 से 4 सवारी बैठकर आपसी शर्त (रेसिंग) लगाते हुए यमदूत बनकर दौड़ रहे हैं. जिससे आम नागरिकों की पैदल या वाहन से निकलना दूभर हो गया है.
चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा प्रशासन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:
ओवरस्पीडिंग पर ₹10,000 से ₹1,00,000 तक भारी जुर्माना: तेज रफ्तार वाहनों पर स्पीड लिमिट लागू की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी चालानी कार्रवाई हो, ताकि रोज हो रही जन-धन और पशुधन की हानि पर लगाम लगे.
ट्रैफिक विभाग की सख्त तैनाती:
झलमला से पर्यावरण पार्क मार्ग पर तत्काल प्रभाव से स्पीड ब्रेकर, इंटरसेप्टर गाड़ियां और चेकिंग पॉइंट लगाए जाएं.
ट्रिपल राइडिंग और स्टंटबाजी पर नकेल: 
शहर के बीचों-बीच शर्त लगाकर गाड़ियां दौड़ाने वाले नाबालिगों व युवाओं पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए.
ड्रग्स माफियाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक: 
युवाओं को नशा परोसने वाले, ब्लैंक चेक के जरिए ब्लैकमेल करने वाले और भारी ब्याज वसूलने वाले क्रिमिनल नेटवर्क का पर्दाफाश कर उन्हें जेल भेजा जाए.
जनहित में अपील:
पुलिस प्रशासन को आना होगा फ्रंटफुट पर
एक खुशहाल, सुरक्षित और नशे से मुक्त शहर की स्थापना के लिए पुलिस प्रशासन को अब फ्रंटफुट पर आना ही होगा। पुलिस सूचना तंत्र (Intelligence) को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की सख्त जरूरत है. यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि बालोद के बच्चों के भविष्य और आम जनता की सुरक्षा का सवाल है. शहर की जनता अब कागजी आश्वासनों से थक चुकी है; कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक महोदय से करबद्ध प्रार्थना व अपेक्षा है कि चेंबर ऑफ कॉमर्स के आवेदन पर तत्काल कड़े से कड़े कदम उठाए जाएं, ताकि बालोद में पुनः शांति और खुशहाली का वातावरण स्थापित हो सके.

ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?