बेटा गुमशुदा हुआ तो पिता ने छात्रा को किया परेशान, गंदी बातें कर बनाया वीडियो, फिर वसूले पैसे, अपहरण का आरोप लगाने वाले पिता-चाचा गिरफ्तार

When his son went missing, his father harassed the student, made a video of her talking obscenely, and then extorted money. The father and uncle who accused her of kidnapping have been arrested.

बेटा गुमशुदा हुआ तो पिता ने छात्रा को किया परेशान, गंदी बातें कर बनाया वीडियो, फिर वसूले पैसे, अपहरण का आरोप लगाने वाले पिता-चाचा गिरफ्तार

बिलासपुर : बिलासपुर जिला में कोटा स्थित डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय के लापता छात्र मामले में चौंकाने वाला मोड़ आया है. जिस छात्र के गायब होने पर परिजनों ने अपहरण और रैगिंग के आरोप लगाए थे. वह खुद नागपुर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हुए मिला. अब पुलिस ने छात्र के पिता और चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(1) और 308(2) के तहत जुर्म दर्ज किया गया. कोटा थाना प्रभारी नरेश चौहान ने बताया कि विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के प्राचार्य डॉ. साकेत सिंह चंदेल की शिकायत पर कार्रवाई की गई.
मिली जानकारी के मुताबिक छात्र रोहित कुमार 6 मार्च को बिना बताए हॉस्टल से लापता हो गया था. अगले ही दिन उसके पिता अमरेंद्र कुमार, चाचा निखिल कुमार और अन्य परिजन विश्वविद्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया. उन्होंने प्रशासन पर छात्र को गायब करने, अपहरण और रैगिंग जैसे आरोप लगाए. आरोप है कि इन आरोपों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किए गए और अन्य छात्रों को भड़काने की कोशिश की गई.
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिजनों ने अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया. साथ ही, झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसों की मांग की. दबाव में आकर विश्वविद्यालय प्रशासन को 19 मार्च को 5 हजार रुपए नकद और 8 अप्रैल को 14 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने पड़े.
इस बीच एक छात्रा ने कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि पिता और चाचा ने उसका वीडियो बनाकर अश्लील सवाल पूछे और लगातार पैसे की मांग की. छात्रा के मुताबिक उसे रोजाना 2 हजार रुपए भेजने के लिए धमकाया गया. डर की वजह से उसने करीब 15 हजार रुपए ट्रांसफर भी किया. पुलिस को मोबाइल रिकॉर्डिंग और ट्रांजेक्शन के सबूत भी मिले हैं.
जांच में सामने आया कि वह खुद ही कर्ज के दबाव में भागा था. जाने से पहले उसने यूट्यूब पर पुलिस से बचने के तरीके सर्च किए थे. इतना ही नहीं, उसने अपनी मां के लिए एक संदेश भी छोड़ा था. जिसमें लिखा था कि वह वापस आ जाएगा और उसका इंतजार न किया जाए.
रोहित ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और उस पर भारी कर्ज था. पुलिस को उसकी डायरी से पता चला कि उस पर करीब 25 से 30 लाख रुपये की उधारी थी. इसी आर्थिक दबाव के चलते उसने यह कदम उठाया और नागपुर भाग गया. वहां वह एक निजी स्थान पर गार्ड की नौकरी करते हुए मिला.
इस बीच मामले ने एक और अप्रत्याशित मोड़ तब लिया. जब छात्र ने अपने ही पिता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए. रोहित कुमार के पिता अमरेंद्र कुमार पर तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. आरोप है कि उन्होंने बेटे के लापता होने का फायदा उठाते हुए विश्वविद्यालय से हजारों रुपये की उगाही की.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिजनों ने कई छात्राओं के नाम सार्वजनिक कर सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब की. जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ एक लापता छात्र के मामले को नया रुप दिया है. बल्कि परिवार और सामाजिक संबंधों के जटिल पहलुओं को भी उजागर किया है. जहां एक ओर आर्थिक दबाव और ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक छात्र को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया. वहीं दूसरी तरफ पारिवारिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को और उलझा दिया.
आरोपी
पिता अमरेंद्र कुमार
चाचा निखिल कुमार
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