खेत जा रहे ग्रामीण पर दो भालुओं ने किया हमला, पेट, गुप्तांग और सीने में आई चोटें, परिजनों ने घायल को पुल नहीं होने से कंधे पर रख नदी पार कराया

Two bears attacked a villager on his way to the fields, causing injuries to his abdomen, genitals, and chest; due to the absence of a bridge, his family members carried him across the river on their shoulders.

खेत जा रहे ग्रामीण पर दो भालुओं ने किया हमला, पेट, गुप्तांग और सीने में आई चोटें, परिजनों ने घायल को पुल नहीं होने से कंधे पर रख नदी पार कराया

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के ग्राम कामेपुर में खेत की तरफ जा रहे एक ग्रामीण पर दो भालुओं ने अचानक हमला कर दिया. हमले में ग्रामीण धनसाय नागेश के पेट, गुप्तांग और सीने में चोटें आई हैं. घायल को अस्पताल पहुंचाने के दौरान एक बार फिर सिस्टम की लाचारी सामने आई. गांव के पास नदी पर पुल नहीं होने की वजह से बारिश के बीच घायल को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों और 108 एंबुलेंस की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
मिली जानकारी के मुताबिक बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कामेपुर भैसामुड़ा में सोमवार सुबह खेत काम पर गए स्थानीय युवा किसान धनसाय नागेश पर दो भालुओं के एक दल ने अचानक हमला कर दिया. दो भालुओं के इस भयानक हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गए.
धनसाय नागेश रोज की तरह सुबह अपने खेत की देखरेख के लिए निकले थे. इसी दौरान घात लगाकर बैठे दो भालुओं ने उन पर हमला बोल दिया. किसान के शोर मचाने और संघर्ष के बाद भालू जंगल की तरफ भागे. मामले की खबर मिलते ही परिजनों ने फौरन 108 संजीवनी एक्सप्रेस को फोन कर मदद मांगी.
खबर मिलने के बाद मैनपुर से 108 संजीवनी एक्सप्रेस गांव के लिए रवाना हुई. लेकिन रास्ते में पड़ने वाली बड़ी नदी में तेज बहाव की वजह से एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों एवं ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और बाइक के जरिए करीब दो किलोमीटर दूर नदी तक लेकर पहुंचे. इसके बाद नदी में पानी का बहाव होने की वजह से 108 एंबुलेंस सीधे गांव तक नहीं पहुंच सकी. ऐसे में ग्रामीणों की मदद से घायल धनसाय को स्ट्रेचर के सहारे कंधे पर बिठाकर जलमग्न नदी पार कराई.
इस दौरान 108 एंबुलेंस के चालक योगेश साहू और एमटी हेमंत साहू ने भी ग्रामीणों के साथ मिलकर घायल को सुरक्षित नदी पार कराने में मदद की. बरसते पानी के बीच ग्रामीण और परिजन घायल को लेकर नदी पार पहुंचे. जहां से उसे 108 एंबुलेंस के जरिए गरियाबंद अस्पताल ले जाया गया. फिलहाल घायल का इलाज जारी है.
घटना के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और उन्होंने वन विभाग से भालुओं के आतंक से मुक्ति दिलाने और पीड़ित किसान को मुआवजा देने की मांग की है. वन परिक्षेत्र अधिकारी सोरी ने बताया युवक पर दो भालू ने हमला किया है उनका जिला अस्पताल गरियाबंद में इलाज किया जा रहा है. वन विभाग की टीम भी पहुंच चुकी है और तत्काल राहत राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में नदी पर पुल नहीं होने से बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति बार-बार बनती है. किसी गंभीर बीमारी, दुर्घटना या वन्यजीव के हमले की स्थिति में समय पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती. ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से नदी पर स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग की है. ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके. गरियाबंद जिले में बारिश के दौरान नदी-नालों में पानी बढ़ने से ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं.
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