भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी पर अड़ा राजस्व संघ, थाने का घेराव कर दिया 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम, उचित कार्रवाई न हुई तो हड़ताल
The Revenue Association is adamant on the arrest of BJP MLA Ramkumar Toppo, has laid siege to the police station and issued a 24-hour ultimatum, threatening a strike if appropriate action is not taken.
सरगुजा : सरगुजा जिले में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व निरीक्षक संघ सक्रिय हो गया है. संघ के पदाधिकारियों ने सीतापुर थाना का घेराव कर पुलिस को 24 घंटे के भीतर विधायक को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया. अगर पुलिस इस समयसीमा में कार्रवाई नहीं करती है, तो संघ आंदोलन की चेतावनी दे चुका है. इस कदम के बाद उत्तर छत्तीसगढ़ की सियासत में गर्माहट देखने को मिल रही है.
विधायक समर्थकों का विरोध
राजस्व निरीक्षक संघ के थाना पहुंचने की खबर फैलते ही विधायक रामकुमार टोप्पो के समर्थक बड़ी तादाद में पहुंच गए. उन्होंने नायब तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की. जिससे थाना परिसर और आसपास का माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस ने हालात को कंट्रोल करने के लिए लगातार समझाइश दी और दोनों पक्षों पर निगरानी रखी.
नायब तहसीलदार के खिलाफ FIR
सरगुजा पुलिस ने नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के खिलाफ जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. शिकायत में आरोप है कि महिला को जातिगत गाली-गलौज, अश्लील इशारे और धक्का-मुक्की कर ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया. इस मामले में बीएनएस की धारा 296, 351(2) और 79 का प्रयोग किया गया.
विधायक और समर्थकों के खिलाफ गैर-जमानती मुक़दमा
विधायक रामकुमार टोप्पो, यूसूफ, नाजिम रजा, पंकज गुप्ता और दस-बारह अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. यह FIR नायब तहसीलदार की शिकायत पर बीएनएस की धारा 221, 121(1), 191(2) और 132 के तहत की गई.
विवाद का कारण
विवाद की जड़ जमीन से जुड़ी एक फाइल है. सीतापुर विधायक की चचेरी बहन सीमा धनकी ने 14 मई को राजापुर उप तहसील में अपनी ज़मीन से जुड़ी फाइल जमा की थी. पीड़ित महिला का आरोप है कि नायब तहसीलदार और कर्मचारियों ने उन्हें लगातार परेशान किया. यह जानकारी मिलने के बाद विधायक समर्थकों ने कार्यालय में घुसकर नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की. जिससे उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए.
कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ, सरगुजा इकाई ने घटना की कड़ी निंदा की है. संघ ने मुख्यमंत्री और अन्य आला अधिकारियों को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है. अगर प्रशासन न्यायसंगत कार्रवाई नहीं करता है, तो संघ सामूहिक हड़ताल में जाने की चेतावनी दे चुका है.
साय राज में जब एसडीएम-तहसीलदार पिट रहे हैं, तो कल कलेक्टर-एसपी की बारी होगी : अमरजीत भगत
पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि साय सरकार के तथाकथित सुशासन में अब कानून के रखवाले और प्रशासनिक अधिकारी ही सरेआम पिट रहे हैं. एसडीएम के सामने तहसीलदार से मारपीट की यह घटना सरासर अन्याय है और अगर मान-सम्मान व प्रशासनिक गरिमा को बनाए रखना है. तो इस गुंडागर्दी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे आपत्तिजनक बात यह है कि मारपीट की इस घटना में खुद क्षेत्र के विधायक का नाम सामने आ रहा है. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि जब कोई भी व्यक्ति जनप्रतिनिधि बनता है. तो उसे नियम-प्रक्रिया और प्रशासनिक मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए. अगर अधिकारी या कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, तो लोकतंत्र में एक तय प्रक्रिया होती है. आप उनका स्थानांतरण करवाइए. उन्हें निलंबित करवाइए. लेकिन सरेआम सड़क पर इस तरह 'सिंघम स्टाइल' में मारपीट करना कौन सी प्रशासनिक प्रक्रिया है?
भगत ने इस दौरान प्रशासनिक लापरवाही पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि विधायक रामकुमार टोप्पो द्वारा मारपीट की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पूर्व भी वे तीन-चार बार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. पूर्व में हुई घटनाओं पर कार्रवाई करने के बजाय हर बार मामले को आपसी समझौते से रफा-दफा करने का प्रयास किया गया. जिसका नतीजा आज सबके सामने है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज अगर एसडीएम और तहसीलदार पिट रहे हैं. तो वह दिन दूर नहीं जब आने वाले समय में जिले के कलेक्टर और एसपी भी ऐसी हिंसक घटनाओं के शिकार हो जाएंगे.
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