रायपुर में बंद फैक्ट्री में 17 लाख की डकैती का खुलासा, चौकीदार को रस्सी से बांधकर लूटपाट, पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

Rs 17 lakh robbery at a closed factory in Raipur solved; the watchman was tied up with a rope during the heist. Police have arrested 3 suspects and sent them to jail.

रायपुर में बंद फैक्ट्री में 17 लाख की डकैती का खुलासा, चौकीदार को रस्सी से बांधकर लूटपाट, पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

रायपुर : हीरापुर स्थित अमरनाथ इस्पात की बंद फैक्ट्री में चौकीदार को रस्सी से बांधकर डकैती करने के मामले में रायपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब एक हफ्ते तक फैक्ट्री की रेकी की थी. पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल चारपहिया व दोपहिया वाहन सहित करीब 17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है. मामले में शामिल अन्य आरोपी अब भी फरार हैं. जिनकी तलाश की जा रही है.
चौकीदार को बंधक बनाकर फैक्ट्री में घुसे आरोपी
मिली जानकारी के मुताबिक अमरनाथ इस्पात की फैक्ट्री वर्ष 2020 से बंद है. यहां दिलीप कुमार वर्मा चौकीदार के रूप में तैनात हैं. 22 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1:30 बजे वे फैक्ट्री के कार्यालय के पोर्च में बैठे थे. इसी दौरान बाउंड्रीवाल के अंधेरे हिस्से से एक व्यक्ति अंदर आता दिखाई दिया.
चौकीदार ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. इसी बीच मुंह पर कपड़ा बांधे सात से आठ अन्य लोग भी वहां पहुंच गए. आरोपियों ने चौकीदार को पकड़ लिया और विरोध करने पर उसके दोनों हाथ पीछे की ओर रस्सी से बांध दिया.
एल्युमिनियम और कॉपर समेत कीमती सामान लूटा
चौकीदार को बंधक बनाने के बाद आरोपी फैक्ट्री के कार्यालय में घुस गए. वहां से एल्युमिनियम वायर के बंडल, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, प्लेट, हैलोजन लाइट, नकदी, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल समेत अन्य कीमती वस्तुएं समेट लीं.
लूटे गए सामान को टाटा एस वाहन में लादने के बाद आरोपी फैक्ट्री की साइड की दीवार तोड़कर खेतों के रास्ते रिंग रोड की तरफ फरार हो गए. वारदात के बाद चौकीदार की शिकायत पर कबीर नगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 217/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(2) और 310(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
हजारों CCTV फुटेज की जांच के बाद मिली कामयाबी
जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली. आरोपियों के संभावित आने-जाने वाले रास्तों पर लगे हजारों कैमरों के फुटेज की पड़ताल की गई. इसके साथ ही मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया गया.
जांच के दौरान पुलिस को सरोना निवासी संदीप नेताम के बारे में अहम जानकारी मिली. उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ वारदात में शामिल होने की बात कबूल की. इसके बाद पुलिस ने अजीत भारती और उमेंद्र ठाकुर उर्फ उमेन को भी गिरफ्तार कर लिया.
टाटा एस और स्कूटी से पहुंचे थे आरोपी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने बंद फैक्ट्री को निशाना बनाने के लिए पहले से योजना तैयार की थी. वे करीब एक हफ्ते तक फैक्ट्री की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रहे थे. वारदात की रात आरोपी टाटा एस वाहन और स्कूटी से मौके पर पहुंचे थे.
चौकीदार को काबू में करने के बाद उन्होंने फैक्ट्री से कीमती सामान निकाला और उसे वाहन में भरकर फरार हो गए. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सामान बरामद करने के साथ वारदात में इस्तेमाल उपकरण भी जब्त किए हैं.
17 लाख रुपये की संपत्ति जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एल्युमिनियम वायर, एल्युमिनियम और कॉपर के सामान, एल्युमिनियम प्लेट, हैलोजन लाइट, पैनल कार्ड और कॉपर क्वाइल समेत अन्य सामग्री बरामद की है.
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल कटर मशीन, ड्रिल मशीन, टाटा एस वाहन और स्कूटी भी जब्त की गई है. जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 17 लाख रुपये है.
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस तरह हुई है.
संदीप नेताम उम्र 35 साल निवासी बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना
अजीत भारती उम्र 30 वर्ष, निवासी बीएसयूपी कॉलोनी, सरोना
उमेंद्र ठाकुर उर्फ उमेन उम्र 27 साल निवासी देवारपारा, सुभाषनगर
संदीप नेताम पहले गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में चोरी और मारपीट के मामले में जेल जा चुका है. उमेंद्र ठाकुर का नाम टिकरापारा थाना क्षेत्र के नकबजनी के मामले में सामने आया था. जबकि अजीत भारती डीडी नगर थाना क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत जेल जा चुका है.
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है. जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि डकैती में कितने लोग शामिल थे और लूटे गए सामान को ठिकाने लगाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं.
एंटी क्राइम यूनिट की कार्रवाई में करोड़ों की संपत्ति जब्त
रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट अब तक चोरी, नकबजनी, छीनाझपटी, लूट और डकैती से जुड़े 150 मामलों में 237 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इन कार्रवाइयों के दौरान कुल 4 करोड़ 66 लाख 25 हजार 100 रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है.
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