पालिका परिषद के कांग्रेस टिकट बटवारे पर बगावत, 13 घोषित पार्षद प्रत्याशियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, निर्दलीय चुनाव लड़ने का लिया फैसला

Rebellion over Congress ticket distribution in Palika Parishad, 13 declared councilor candidates resigned en masse, decided to contest election as independents

पालिका परिषद के कांग्रेस टिकट बटवारे पर बगावत, 13 घोषित पार्षद प्रत्याशियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, निर्दलीय चुनाव लड़ने का लिया फैसला

बिलासपुर/बोदरी : छत्तीसगढ़ में इस बार निकाय चुनाव के साथ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी होने जा रहा है. नगर पालिका परिषद बोदरी में टिकट नहीं मिलने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरु कर दिया है और एक साथ 15 नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है.
इन नेताओं ने टिकट वितरण में पारदर्शिता की कमी और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. बोदरी के 3 बार के पार्षद विजय वर्मा समेत 15 कद्दावर नेताओं ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है.
इन नेताओं ने नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण में पक्षपात और सामान्य वर्ग को छोड़कर ओबीसी वर्ग से जुड़े लोगों को टिकट देने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के नाम पत्र लिखकर इस्तीफा दिया है.
पत्र में लिखा कि नगर पालिका परिषद बोदरी “सामान्य महिला” के लिए आरक्षित है. जिस पर प्रभारी एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी के द्वारा भी सर्वसम्मति से सिर्फ एक नाम “नीलम विजय वर्मा” को अध्यक्ष प्रत्याशी के लिए सर्वसम्मति से नाम भेजा गया था.
लेकिन जारी लिस्ट में अध्यक्ष के लिए “विमला सुनील साहू” को नाम जारी किया गया है. जो कि बहुत ही गलत है और इसके विरोध में हम सभी कांग्रेस पद के दावेदारों ने सामूहिक रुप से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया हैं।
चुनाव के समय दिग्गज नेताओं का पार्टी से इस्तीफा देने से क्षेत्र में पार्टी को नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है. बता दें कि प्रदेश में 11 फरवरी को एक चरण में नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा और 15 फरवरी को परिणाम की घोषणा होगी. इसी बीच कांग्रेस ने प्रत्याशियों की भी घोषणा कर दी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI

रतनपुर में शीतल जायसवाल को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाए जाने पर कांग्रेस पार्टी में असंतोष

बिलासपुर/रतनपुर : बिलासपुर जिले की धार्मिक नगरी रतनपुर में कांग्रेस पार्टी द्वारा शीतल जायसवाल को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाए जाने पर पार्टी में असंतोष बढ़ गया है. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि रतनपुर में कई वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्हें यह मौका दिया जा सकता था. शीतल जायसवाल, जो पूर्व में वार्ड क्रमांक 4 से पार्षद चुनाव में हार चुके हैं और जिनका मुख्य निवास स्थान रतनपुर नहीं है. उनको टिकट दिए जाने से पार्टी के अंदर गहरा असंतोष है.
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री वादिर खान ने व्हाट्सएप ग्रुप में नाराजगी जताते हुए लिखा, “अगर दल बदलुओं को ही टिकट देना था तो पार्टी में निष्ठावान बनने का क्या फायदा?” इस चयन प्रक्रिया में स्थानीय ब्लॉक या वरिष्ठ नेताओं की सहमति नहीं ली गई. जिससे असंतोष और बढ़ गया है.
पार्टी के वरिष्ठ नेता दामोदर क्षत्रिय ने भी विरोध स्वरुप निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. उनके इस फैसले से कांग्रेस की हालत और कमजोर हो सकती है. अन्य टिकट दावेदारों में वादिर खान, आनंद जायसवाल, नीरज जायसवाल, आशीष शर्मा और ब्लॉक अध्यक्ष रमेश सूर्या भी शामिल थे. जो अब पार्टी से नाखुश हैं.
राजनैतिक जानकारों का भी  मानना है कि इस विवाद के चलते कांग्रेस को रतनपुर में चुनावी मैदान में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी से पार्टी की राह आसान नहीं दिख रही है और जिसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को हार के रुप में भी उठाना पड़ सकता है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI